रायसेन के गीदगढ़ गांव निवासी मोहम्मद फैजान को ओमान में इमाम की नौकरी का झांसा देकर एक एजेंट ने करीब दो लाख रुपये ठग लिए। 4 मई को मस्कट पहुंचने पर उन्हें मस्जिद के बजाय मिनिस्ट्री ऑफिस में झाड़ू-पोछा और टॉयलेट साफ करने जैसे काम करने पड़े। उनसे 14-15 घंटे काम कराया गया, वेतन नहीं मिला और कई दिन भूखा भी रखा गया। कंपनी ने उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया और लौटने के लिए पैसे मांगे। भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता सैयद आबिद हुसैन की पहल पर भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बाद 28 जुलाई को उनकी वतन वापसी हुई। फैजान और उनके परिजन आरोपी एजेंट पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।