मध्य प्रदेश में इस वर्ष कम बारिश के कारण बिजली क्षेत्र पर सीधा असर पड़ा है। बिजली की मांग में लगभग 30% की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि जलविद्युत उत्पादन घटकर लगभग एक-चौथाई रह गया है। सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेंद्र अग्रवाल द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को अधिकतम मांग 13,471 मेगावॉट तक पहुँच गई, जो एक साल में 3,076 मेगावॉट की वृद्धि दर्शाती है। जलविद्युत उत्पादन में कमी के कारण राज्य को एनटीपीसी से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है, जिसका बोझ आम जनता पर पड़ने की आशंका है। ग्रामीण इलाकों में अघोषित बिजली कटौती के भी आरोप लगे हैं।