एक नई याचिका में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के प्रविधानों को चुनौती दी गई है। ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन द्वारा दायर इस याचिका में शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 23(2) की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाया गया है। यह धारा शिक्षकों को नियुक्ति के बाद निर्धारित अवधि में योग्यता हासिल करने का प्रविधान करती है, जो उनके अधिकारों और सेवा शर्तों को प्रभावित करती है। हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है।