मध्य प्रदेश में सेवारत शिक्षकों के लिए पहली बार आयोजित हो रही शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के आवेदन की अंतिम तिथि 18 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। आवेदन में संशोधन 20 सितंबर तक संभव होगा। कम आवेदन आने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग और कर्मचारी चयन मंडल ने यह निर्णय लिया। यह परीक्षा सुप्रीम कोर्ट के मई 2026 के आदेश के बाद 1998 से 2009 के बीच नियुक्त प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षकों के लिए हो रही है। शिक्षक संगठनों की मांग पर ऑफलाइन परीक्षा का विकल्प भी दिया गया है, हालांकि ₹1,000 परीक्षा शुल्क में राहत पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।
भोपाल में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने रविवार से नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया। यह आंदोलन शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करने, प्रथम नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि और वरिष्ठता की गणना करने, तथा ई-अटेंडेंस व्यवस्था समाप्त करने की तीन प्रमुख मांगों को लेकर है। प्रदर्शन चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न संभागों के शिक्षक शामिल होंगे। मोर्चे ने मुख्यमंत्री से सीधी चर्चा की मांग की है, चेतावनी दी है कि समाधान न होने पर आंदोलन जारी रहेगा।
भोपाल में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को तीसरे दिन भी नीलम पार्क में जारी रहा। आंदोलनरत शिक्षकों ने टीईटी परीक्षा का बहिष्कार करने और फॉर्म न भरने का आह्वान किया है। उनकी प्रमुख मांगों में आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखना और अव्यवहारिक ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त करना शामिल है। मोर्चा पदाधिकारियों ने ठोस निर्णय न होने तक धरना जारी रखने की बात कही। इस बीच, मध्य प्रदेश सरकार पर 1500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज बढ़कर कुल 5.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
मध्यप्रदेश सरकार ने लगभग 75 हजार शिक्षकों के प्रमोशन की राह आसान करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 2005 और 2008 की संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-2 पात्रता परीक्षा को टीईटी के समकक्ष मान्यता देने की मांग की है। विभाग का तर्क है कि उस दौरान ली गई परीक्षा का प्रारूप और स्तर वर्तमान टीईटी के समान ही था। सरकार का कहना है कि यदि कोर्ट से राहत मिलती है, तो 2011 से पहले भर्ती हुए शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार ने 7,500 प्राथमिक शिक्षकों को आपसी रजामंदी से स्कूल व जिला बदलने का मौका दिया है।
मध्य प्रदेश में लगभग 70 हजार सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) सितंबर के अंत या अक्टूबर में आयोजित की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) को इसका प्रस्ताव और सिलेबस भेज दिया है। इस परीक्षा में लगभग 35 हजार निजी स्कूल शिक्षक भी शामिल होंगे। प्रश्न बैंक 15 अगस्त तक विमर्श पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। वर्ष 2005 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों की स्थिति को लेकर संशय बना हुआ है, जिस पर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है।
एक नई याचिका में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के प्रविधानों को चुनौती दी गई है। ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन द्वारा दायर इस याचिका में शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 23(2) की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाया गया है। यह धारा शिक्षकों को नियुक्ति के बाद निर्धारित अवधि में योग्यता हासिल करने का प्रविधान करती है, जो उनके अधिकारों और सेवा शर्तों को प्रभावित करती है। हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है।