मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने डॉक्टरों की वरिष्ठता, नियमितीकरण और पदोन्नति में कथित भेदभाव के मामले में राज्य सरकार और पीएससी से जवाब मांगा है। खंडवा निवासी डॉ. सोमपाल सिंह ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि 1991 में पीएससी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद उनकी नियमित सेवा 1994 से मानी गई, जबकि एक अन्य डॉक्टर को बिना पीएससी उत्तीर्ण किए 1989 से लाभ मिला। इस विसंगति के कारण उन्हें पदोन्नति में नुकसान उठाना पड़ा और उन्होंने 1989 से वरिष्ठता तथा 2006 से प्रोफेसर पद का लाभ मांगा है।