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2026-08-01

खुले बोरवेल-सेप्टिक टैंक से हादसों पर अब जिम्मेदार अधिकारियों की होगी बर्खास्तगी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अब खुले सेप्टिक टैंक या बोरवेल से होने वाले हादसों पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध निलंबन से लेकर बर्खास्तगी तक की कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। यह निर्देश ओंकारेश्वर की घटना के बाद जारी किए गए हैं।
ऐसी दुर्घटनाओं पर जवाबदेही तय की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित प्रकरण की विभागीय जांच की जाएगी।
दुर्घटना में लापरवाही करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित किया जाएगा। यदि विभागीय जांच में दोषी पाया जाता है, तो संबंधित के विरुद्ध बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।

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पूर्व की घटनाएं और लापरवाही

प्रदेश में ओंकारेश्वर की घटना से पहले भी खुले और असुरक्षित सेप्टिक टैंकों के कारण कई हादसे हुए हैं, जिनमें आमजन की जान गई है। प्रदेश के अन्य शहरों में भी ऐसी कई घटनाएं हुई हैं।
राज्य शासन द्वारा सेप्टिक टैंक और बोरवेल खुले न छोड़े जाने की सख्त हिदायत है। कार्रवाई के लिए शासन ने गाइडलाइन भी बनाई है, लेकिन सख्ती के अभाव में बार-बार हो रही ऐसी लापरवाही आमजन के लिए जानलेवा साबित हो रही है।

हालिया दुर्घटनाएं

ओंकारेश्वर में 25 जुलाई 2026 को ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र में एक खुले सेप्टिक टैंक में गिरने से नागपुर के तीन वर्षीय मासूम बच्चे तनुष की मौत हो गई थी। इस मामले में नगर परिषद ने ही अतिक्रमण हटाने के दौरान सेप्टिक टैंक खुला छोड़ दिया था, जिससे बच्चे के गिरने का हादसा हो गया।
ओंकारेश्वर में मासूम की मौत पर बड़ा एक्शन लेते हुए उप यंत्री सुरेश चंद्र पाटीदार को निलंबित कर दिया गया है। नगरीय प्रशासन आयुक्त ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
इससे पहले, 26 अक्टूबर 2025 को जबलपुर में अस्पताल परिसर में बने एक खुले सेप्टिक टैंक में खेलते समय गिर जाने से दो सगे भाइयों की डूबने से मौत हो गई थी।
वहीं, 10 जून 2026 को बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र के अंतर्गत परमंडल (भगत सिंह वार्ड) में डिवटिया गांव के निवासी दो सगे भाइयों, संजय पंवार और विजय पंवार की सेप्टिक टैंक की सेंटरिंग निकालते समय जहरीली गैस से दम घुटने के कारण मौत हो गई थी।

सरकारी योजना और प्रावधान

मप्र नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय के सहायक संचालक सर्वेंद्र पांडेय ने बताया कि भारत सरकार की नमस्ते योजना पर और प्रभावी रूप से कार्य किया जा रहा है।
इस योजना के तहत सीवर और सेप्टिक टैंक की हाथ से खतरनाक सफाई को पूरी तरह समाप्त कर, सफाई व्यवस्था केवल मशीनीकरण से कराई जाती है।
पांडेय ने यह भी स्पष्ट किया कि सेप्टिक टैंक से होने वाले हादसों के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित कर लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई का भी प्रविधान है।