ग्वालियर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री और बिना पंजीयन खाद्य कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। अपर जिला मजिस्ट्रेट अनिल बनवारिया ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत नौ प्रकरणों में सुनवाई के बाद संबंधित फर्मों पर कुल नौ लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जांच में दही, मावा, मिठाई, पनीर और घी सहित कई खाद्य सामग्री के नमूने अमानक पाए गए। ओम श्री शुभ लाभ एग्रीटेक प्रालि और बैंबू रेस्टोरेंट सहित कई अन्य फर्मों पर यह कार्रवाई की गई है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने एनालॉग पनीर की बिक्री पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और इसे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक बताया है। आयोग ने मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों को पत्र लिखकर विस्तृत विवरण मांगा है। साथ ही, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) को नोटिस जारी कर पूछा है कि एनालॉग पनीर बेचने की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है। आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने जांच के मौजूदा तरीकों पर सवाल उठाते हुए इस मिलावटी उत्पाद पर तत्काल कानूनी प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
महाराष्ट्र सरकार ने उग्रवादी दुष्प्रचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आतंकी संगठनों से जुड़ी 114 चरमपंथी पत्रिकाओं, ट्रेनिंग मैनुअल और डिजिटल सामग्रियों को जब्त करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनसीसी), 2023 की धारा 98(1) के तहत इंटेलिजेंस इनपुट और महाराष्ट्र एटीएस की जांच के बाद की गई। प्रतिबंधित साहित्य में इस्लामिक स्टेट, हिज्ब-उल-मुजाहिद्दीन और अल कायदा जैसे संगठनों की सामग्री शामिल है, जो युवाओं में कट्टरपंथ को बढ़ावा देती है। एटीएस की रिपोर्ट के अनुसार, ये संगठन मुस्लिम युवाओं को भड़काने की साजिश में लगे थे।
ग्वालियर में नायब तहसीलदार सतेन्द्र तोमर को शासकीय भूमि के नामांतरण में अनियमितता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने यह कार्रवाई कलेक्टर रुचिका चौहान के प्रतिवेदन के आधार पर की। तोमर पर बिना परीक्षण किए शासकीय भूमि सर्वे क्रं 296/2 का नामांतरण आदेश पारित करने और फिर सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना उसे निरस्त करने का आरोप है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय ग्वालियर कलेक्टर कार्यालय रहेगा और उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन ने पन्ना जिले के लक्ष्मीपुर ओपन कैप परिसर में धान के रखरखाव में अनियमितताओं पर कार्रवाई की है। कॉर्पोरेशन अध्यक्ष संजय नगायच के निरीक्षण के बाद पन्ना शाखा प्रबंधक व गुणवत्ता नियंत्रक वंदना बागरी को निलंबित किया गया। निरीक्षण में 2025-26 के करीब 17,543 मीट्रिक टन धान के स्टैकों पर फटे कैप-कवर, कैप-नेट का उपयोग न होना, अपर्याप्त दूरी और साफ-सफाई का अभाव पाया गया। आदेश में बागरी को नियमों के अनुरूप शाखा संचालन और धान के उचित रखरखाव में विफल रहने का जिम्मेदार ठहराया गया है।
भोपाल में 198 पेट्रोल पंपों की जांच के लिए गठित 8 दलों में से गोविंदपुरा वृत्त के दल ने मेसर्स दम्मो फिलिंग स्टेशन पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राहकों को पानी मिला डीजल बेचा जा रहा था, जिसके बाद 9,787 लीटर डीजल जब्त कर चार नोजल सील कर दिए गए। जांच में 3,000 लीटर अतिरिक्त पेट्रोल भंडारण, दोनों प्रकार के पेट्रोल में 20% इथेनॉल बिना ई-20 जानकारी चस्पा किए और वाटर कूलर में गंदगी जैसी अनियमितताएं भी मिलीं। इंडियन ऑयल के एरिया सेल्स अधिकारी और क्षेत्रीय नापतौल निरीक्षक ने जांच में सहयोग नहीं किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुले सेप्टिक टैंक या बोरवेल से होने वाले हादसों पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिसमें निलंबन से लेकर बर्खास्तगी तक शामिल है। यह निर्णय ओंकारेश्वर में एक मासूम बच्चे की खुले सेप्टिक टैंक में गिरने से हुई मौत के बाद लिया गया। घटनाओं में लापरवाही पाए जाने पर विभागीय जांच होगी और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित या बर्खास्त किया जाएगा। पूर्व में भी बैतूल और जबलपुर सहित कई स्थानों पर ऐसे हादसे हुए हैं, जिनके बावजूद लापरवाही जारी है। सरकार ने सख्त हिदायत और गाइडलाइन बनाई है, लेकिन उनका पालन सुनिश्चित नहीं हो पा रहा था।
मध्य प्रदेश में लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू को बीते साढ़े छह वर्षों में 50,453 शिकायतें मिलीं, जिनमें से केवल 486 मामले ही अदालत तक पहुंच पाए। विधानसभा में सरकार द्वारा दी गई इस जानकारी से भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की धीमी गति उजागर हुई है। लोकायुक्त को 27,192 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 477 मामलों में चालान पेश हुए, जबकि ईओडब्ल्यू को 23,261 आवेदनों में से केवल 9 मामलों में ही अभियोग पत्र प्रस्तुत किया जा सका। सेवानिवृत्त डीएसपी आरके सिंह ने बहुस्तरीय जांच प्रक्रिया को देरी का मुख्य कारण बताया।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी 31 अगस्त 2026 को लोकायुक्त में उपस्थित होंगी। मंत्री प्रहलाद पटेल ने कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। ग्रेवाल ने पोषण आहार योजना में कथित अनियमितताओं पर सरकार से जवाब मांगा था। सरकार ने टेक-होम राशन योजना की ऑडिट रिपोर्ट पर 73 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी दी है। विधायक ग्रेवाल ने लोकायुक्त के आदेश और सरकार के जवाब में तारीख के अंतर पर सवाल उठाए और सरकार पर कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब न देने का आरोप लगाया। उन्होंने लंबित मामलों में पारदर्शी जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।