मध्य प्रदेश के फर्जी पासपोर्ट मामले में 2025 में हुई पुलिस कार्रवाई पर अब सवाल उठ रहे हैं। दावा है कि उस समय पांच आवेदकों की सिफारिश वापस लेने के बाद रियल चौधरी को क्लीन चिट दी गई थी। हालांकि, एसटीएफ की मौजूदा जांच में करीब 69 फर्जी पासपोर्ट सामने आए हैं। इन पासपोर्ट में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था। जांच का दायरा अब निवास प्रमाण पत्र, पहचान दस्तावेजों और पुलिस वेरिफिकेशन तक फैल गया है। एसटीएफ डबरा, आमला और गोविंदपुरा थानों में हुए वेरिफिकेशन की जांच कर रही है और कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
बैतूल के सदर क्षेत्र स्थित मिशन प्राथमिक शाला में मतांतरण के प्रयास की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू की है। ग्राम दनोरा निवासी सत्यम विश्वकर्मा की शिकायत पर कृष्ण कुमार शेषकर एवं अन्य के खिलाफ बीएनएस 2023 और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उन्हें पैर दर्द के इलाज के बहाने ईसाई धर्म अपनाने और नौकरी व पैसे का प्रलोभन दिया गया। हिंदू संगठनों ने इस घटना का विरोध करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
बैतूल/आमला में 14 और 12 वर्ष के दो नाबालिग बच्चों ने माता-पिता के करीब दो वर्षों से चल रहे वैवाहिक विवाद के बीच अपने भविष्य और पारिवारिक जीवन को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। अधिवक्ता शिवम उपाध्याय ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, आमला के न्यायालय में घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत आवेदन प्रस्तुत किया है। बच्चों ने मां और पिता दोनों का प्यार व संरक्षण मांगा है। उनका कहना है कि वे मां के बिना नहीं रह सकते और उनके पारिवारिक जीवन में किसी तीसरे का हस्तक्षेप न हो। न्यायालय ने बच्चों की भावनाओं को महत्वपूर्ण मानते हुए इंटरनेट मीडिया के माध्यम से सूचना पत्र तामील करने का अनुरोध स्वीकार किया है।
बैतूल जिला अस्पताल में 84.98 लाख रुपये की लागत से निर्मित 30 बिस्तरों का विश्रामालय लोकार्पण के तीन माह बाद भी बंद है। मई में जनप्रतिनिधियों द्वारा लोकार्पित यह भवन मरीजों के स्वजन के लिए बनाया गया था, लेकिन संचालन प्रक्रिया स्पष्ट न होने के कारण इसका उपयोग शुरू नहीं हो पाया है। दूरदराज से आने वाले मरीजों के परिजन ठहरने की समस्या से जूझ रहे हैं और अस्पताल के बरामदों या फर्श पर रात बिताने को मजबूर हैं। आरएमओ डॉ. रानू वर्मा के अनुसार, संचालन के दिशा-निर्देशों का इंतजार है और कलेक्टर से मार्गदर्शन मांगा गया है।
बैतूल की कोतवाली पुलिस ने एमपी मेट्रो में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 3.54 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले फरार आरोपित आलोक कुमार बामने को डेढ़ साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित ने फरवरी 2024 में मयूर मालवीय से कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी के लिए पैसे लिए और मार्च 2024 में फर्जी नियुक्ति पत्र दिया। बाद में उसने जाइनिंग टाल दी, पीड़ित का नंबर ब्लॉक किया और बैंक का बाउंस चेक दिया। पीड़ित ने यह रकम ऋण लेकर जुटाई थी। वर्ष 2024 में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच से आरोपित को पकड़ा, जिसने अपराध स्वीकार कर लिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुले सेप्टिक टैंक या बोरवेल से होने वाले हादसों पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिसमें निलंबन से लेकर बर्खास्तगी तक शामिल है। यह निर्णय ओंकारेश्वर में एक मासूम बच्चे की खुले सेप्टिक टैंक में गिरने से हुई मौत के बाद लिया गया। घटनाओं में लापरवाही पाए जाने पर विभागीय जांच होगी और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित या बर्खास्त किया जाएगा। पूर्व में भी बैतूल और जबलपुर सहित कई स्थानों पर ऐसे हादसे हुए हैं, जिनके बावजूद लापरवाही जारी है। सरकार ने सख्त हिदायत और गाइडलाइन बनाई है, लेकिन उनका पालन सुनिश्चित नहीं हो पा रहा था।