BREAKING NEWS

Latest News

बैतूल जिला अस्पताल का 85 लाख का विश्रामालय लोकार्पण के 3 माह बाद भी बंद

बैतूल जिला अस्पताल में 84.98 लाख रुपये की लागत से निर्मित 30 बिस्तरों का विश्रामालय लोकार्पण के तीन माह बाद भी बंद है। मई में जनप्रतिनिधियों द्वारा लोकार्पित यह भवन मरीजों के स्वजन के लिए बनाया गया था, लेकिन संचालन प्रक्रिया स्पष्ट न होने के कारण इसका उपयोग शुरू नहीं हो पाया है। दूरदराज से आने वाले मरीजों के परिजन ठहरने की समस्या से जूझ रहे हैं और अस्पताल के बरामदों या फर्श पर रात बिताने को मजबूर हैं। आरएमओ डॉ. रानू वर्मा के अनुसार, संचालन के दिशा-निर्देशों का इंतजार है और कलेक्टर से मार्गदर्शन मांगा गया है।

एमपी मेट्रो नौकरी ठगी: 3.54 लाख रुपये ऐंठने वाला आरोपित डेढ़ साल बाद गिरफ्तार

बैतूल की कोतवाली पुलिस ने एमपी मेट्रो में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 3.54 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले फरार आरोपित आलोक कुमार बामने को डेढ़ साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित ने फरवरी 2024 में मयूर मालवीय से कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी के लिए पैसे लिए और मार्च 2024 में फर्जी नियुक्ति पत्र दिया। बाद में उसने जाइनिंग टाल दी, पीड़ित का नंबर ब्लॉक किया और बैंक का बाउंस चेक दिया। पीड़ित ने यह रकम ऋण लेकर जुटाई थी। वर्ष 2024 में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच से आरोपित को पकड़ा, जिसने अपराध स्वीकार कर लिया।

खुले बोरवेल-सेप्टिक टैंक से हादसों पर अब जिम्मेदार अधिकारियों की होगी बर्खास्तगी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुले सेप्टिक टैंक या बोरवेल से होने वाले हादसों पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिसमें निलंबन से लेकर बर्खास्तगी तक शामिल है। यह निर्णय ओंकारेश्वर में एक मासूम बच्चे की खुले सेप्टिक टैंक में गिरने से हुई मौत के बाद लिया गया। घटनाओं में लापरवाही पाए जाने पर विभागीय जांच होगी और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित या बर्खास्त किया जाएगा। पूर्व में भी बैतूल और जबलपुर सहित कई स्थानों पर ऐसे हादसे हुए हैं, जिनके बावजूद लापरवाही जारी है। सरकार ने सख्त हिदायत और गाइडलाइन बनाई है, लेकिन उनका पालन सुनिश्चित नहीं हो पा रहा था।