नागदा जंक्शन के रतलाम रेलवे फाटक पर तैनात गेटमैन अखिलेश परमार शराब के नशे में धुत पाया गया और उसने एक घंटे तक फाटक नहीं खोला। इस दौरान पांच ट्रेनें गुजर गईं और फाटक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लोगों को परेशानी हुई। सूचना मिलने पर रेलवे विभाग ने अखिलेश परमार को नौकरी से बर्खास्त कर दिया, जिसकी पुष्टि स्टेशन मास्टर मुंशीलाल मीणा ने की। बताया गया है कि इस फाटक पर गेटमैन अक्सर नशे में ड्यूटी करते हैं और शिकायतें भी अधिकारियों द्वारा अनसुनी की जाती रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुले सेप्टिक टैंक या बोरवेल से होने वाले हादसों पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिसमें निलंबन से लेकर बर्खास्तगी तक शामिल है। यह निर्णय ओंकारेश्वर में एक मासूम बच्चे की खुले सेप्टिक टैंक में गिरने से हुई मौत के बाद लिया गया। घटनाओं में लापरवाही पाए जाने पर विभागीय जांच होगी और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित या बर्खास्त किया जाएगा। पूर्व में भी बैतूल और जबलपुर सहित कई स्थानों पर ऐसे हादसे हुए हैं, जिनके बावजूद लापरवाही जारी है। सरकार ने सख्त हिदायत और गाइडलाइन बनाई है, लेकिन उनका पालन सुनिश्चित नहीं हो पा रहा था।