बुलंद सोच, श्योपुर।
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के आवदा कस्बे में संचालित ‘सांई पब्लिक स्कूल’ में मासूम बच्चों को शटरिंग लगे निर्माणाधीन कमरे में बांस और बल्लियों के बीच बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। इस घटना से बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस खतरनाक लापरवाही का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में गुस्सा फूट पड़ा है, और अब स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जिस कमरे की छत पर शटरिंग लगी है और उसे रोकने के लिए जगह-जगह बांस-बल्लियां लगाई गई हैं, उसी के ठीक नीचे बच्चे बेखौफ होकर जमीन पर पढ़ाई कर रहे हैं। निर्माण कार्य के दौरान जरा सी भी चूक या हादसा होने पर बड़ा नुकसान हो सकता था।
NSUI ने शिक्षा विभाग पर उठाए सवाल
यह वीडियो सामने आने के बाद NSUI के छात्रों ने स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर भी कई सवाल खड़े किए हैं। छात्र संगठन का तर्क है कि यदि स्कूल परिसर में पर्याप्त कमरे नहीं थे, तो अधिकारियों ने मान्यता देने से पहले सुविधाओं और सुरक्षा मानकों की जांच क्यों नहीं की। NSUI बच्चों की जान जोखिम में डालने वाले इस स्कूल की मान्यता तुरंत प्रभाव से रद्द करने की भी मांग कर रहा है।
जिला पंचायत सीईओ ने दिए जांच के निर्देश
मामला तूल पकड़ते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है। जिला पंचायत सीईओ सौम्या आनंद ने इस पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए कहा है कि इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। सीईओ आनंद ने यह भी बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

