इंदौर का कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय बाघों की संख्या में देश में दूसरे स्थान पर है और छोटे चिड़ियाघरों में समग्र पशु विविधता तथा प्रजनन में पहले स्थान पर है। पिछले दशक में 26 बाघ शावकों का जन्म हुआ, जिनमें से 22 स्वस्थ बड़े हुए। वर्तमान में चिड़ियाघर में 13 बाघ, 15 शेर और 3 तेंदुए हैं, जिनकी कुल संख्या 31 है। जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव प्रजनन की सफलता का श्रेय तनावमुक्त वातावरण, सावधानीपूर्वक पैडिग्री जांच और पशु व्यवहार की वैज्ञानिक निगरानी को देते हैं। चिड़ियाघर के बाघों की मांग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है, जो देश भर से आगंतुकों को आकर्षित करते हैं।
इंदौर का कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय बाघों के प्रजनन के लिए एक उत्कृष्ट केंद्र बन गया है, जहाँ पिछले 10 वर्षों में 25 से अधिक शावकों का जन्म हुआ और 22 वयस्क हुए। चिड़ियाघर ने एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत लगभग 20 बाघों को अन्य चिड़ियाघरों में भेजा है, और वर्तमान में यहां 13 बाघ हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बाघों के सफल प्रजनन के लिए तनाव मुक्त माहौल और विस्तृत आनुवंशिक जांच महत्वपूर्ण हैं, जो इंदौर चिड़ियाघर में सुनिश्चित की जाती हैं। हर साल बड़ी संख्या में आगंतुक, विशेषकर बच्चे, बाघों को देखने आते हैं।