मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने डीएनए रिपोर्टों में कट-पेस्ट के कारण गलत नाम दर्ज होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए, भोपाल स्थित राज्य फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की पिछले पांच वर्षों की 20 प्रतिशत डीएनए और अन्य वैज्ञानिक रिपोर्टों की रैंडम जांच के आदेश दिए हैं। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने मुख्य सचिव को सात दिन में प्रदेश के बाहर के तीन वैज्ञानिक अधिकारियों की स्वतंत्र समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं, जिसे छह महीने में जांच पूरी करनी होगी। एफएसएल प्रभारी निदेशक ने गलती की संभावना स्वीकार की है।