बुलंद सोच, कटनी।
बहोरीबंद थाना क्षेत्र के सिद्ध बाबा रोड में बांस की झाड़ियों में आठ माह पूर्व महाशिवरात्रि के समय पूजा करने वालों ने एक युवक का अधजला व सड़ा-गला शव देखा था। मामले में पुलिस पिछले आठ माह से उसकी शिनाख्ती और हत्या करने वालों की तलाश कर रही थी। युवक की शर्ट की कालर में लगे टेलर के टैग से पुलिस युवक के स्वजनों तक पहुंची और उसके बाद आरोपितों की तलाश की। जिसमें तीन आरोपित पुलिस के हाथ लगे हैं। जिन्होंने जंगली जानवरों के शिकार के लिए करंट लगाया था और युवक के फंसने व उसकी मौत होेने पर शव काे उठाकर दूर झाड़ियों में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपितों को न्यायालय में पेश किया है।
टेलर टैग से सुराग और शिनाख्त
मामले का खुलासा करते हुए एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर सिद्ध बाबा रोड पर झाड़ी में एक युवक का अधजला व पुराना शव मिला था। पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें मृतक के शरीर में मिले शर्ट के कालर में आरएस मझौली के नाम से टेलर का टैग लगा था। पुलिस ने जब मझौली जाकर तलाश की तो पता लगा कि वह दुकान पांच साल पहले बंद हो गई है। टैग के आधार पर पुलिस ने मझौली के आसपास युवक की शिनाख्ती का प्रयास किया।
मृतक की पहचान और पुष्टि
इस बीच पड़वार गांव निवासी गोपाल बर्मन ने थाना आकर बताया कि उसका पुत्र दुर्गा बर्मन कई दिनों से लापता है। पुलिस ने उसके कपड़े आदि से शिनाख्त कराई तो गोपाल ने उसके जेब से मिली पत्ती आदि के आधार पर बेटा दुर्गा ही होने की बात कही। पुलिस ने इस बात को पुख्ता करने के लिए गोपाल के साथ उसका डीएनए टेस्ट कराया, जिसमें परीक्षण के बाद उसका बेटा ही निकला। गोपाल ने बताया कि उसके बेटे दुर्गा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह कभी भी घर से कोल्हाई के जंगल चला जाता था। जंगल में घूमते हुए तेंदूपत्ता खाता रहता था। पुलिस ने जंगल में सर्चिंग की तो पेड़ के नीचे मृतक के रेडियो के सेल, गुलेल और अधजले कपड़े मिले।
आरोपियों की गिरफ्तारी और अपराध का खुलासा
मामले में बहोरीबंद थाना प्रभारी विजय विश्वकर्मा के साथ उनकी टीम ने स्थल के आसपास के लाेगों के संबंध में पूछताछ की, जिसमें पता लगा कि नजदीक में जिनके खेत हैं, वे अक्सर करंट लगाकर जंगली जानवरों का शिकार करते हैं, जिसके आधार पर पुलिस ने संदेही धर्मेन्द्र उर्फ टिक्कू यादव, धर्मेन्द्र उर्फ धम्मू गौटिंया और सुखदेव उर्फ सुक्के यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उन्होंने पूछताछ में बताया कि ठंड के समय महाशिवरात्रि के दौरान पड़वार खितौला के बीच कोल्हाई के जंगल में जंगली जानवरों के शिकार के लिए तीनों ने अपने साथी सचिन गौंटिया के साथ मिलकर रात आठ बजे करंट का तार लगाया था। रात दो बजे के लगभग वे पेड़ के पास बैठे थे। किसी वन्य प्राणी के करंट से न मरने पर जब वे तार खोल रहे थे तो पाया कि वहीं पर एक युवक मरा पड़ा है, जो जल गया था और उसके कपड़े भी जल गए थे। सुखदेव ने उसकाे दुर्गा बर्मन के रूप में पहचान लिया और पकड़े जाने के डर से सभी ने मिलकर उसे दूर ले जाकर फेंकने की योजना बनाई थी। घटना के बाद तीनों ने योजना बनाकर मृतक के शव को मोटर साइकिल के बीच में रखा और उसके बाद पड़वार, प्रेमनगर, जोहली, रोसरी बचैया होते हुए बचैया मोड़ के पास सिद्ध बाबा पहुंचे और बांस के जंगल में पैरा में शव काे छिपाकर फेंककर मौके से भाग निकले थे। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या व साक्ष्य छिपाने के मामले का खुलासा करते हुए आरोपित धर्मेन्द्र उर्फ टिक्कू यादव पिता महेश यादव, 23 साल निवाी भटवा पड़वार थाना मझौली, धर्मेन्द्र उर्फ धम्मू गोंटिया पिता कोमल गोंटिया, 30 साल निवासी खितौला मझौली, सुखदेव उर्फ सुक्के यादव पिता परमलाल यादव, 31 वर्ष निवासी पड़वार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। साथ ही एक अन्य फरार आरोपित सचिन गोंटिया की तलाश कर रही है।

