स्मार्ट सिटी उज्जैन के फ्रीगंज इलाके में करोड़ों रुपए की हाई-टेक मोबाइल चोरी के मामले में पुलिस मुंबई तक पहुंची। वहां से दो सगे भाइयों को हिरासत में लिया गया, लेकिन पूछताछ के बाद छोड़ना पड़ा। जांच में सामने आया कि चोरों ने जिस मोबाइल का इस्तेमाल किया, वह मुंबई के मजदूरों का था और पहले ही चोरी हो चुका था। 10 जुलाई की रात हुई इस चोरी में 123 मोबाइल लूटे गए थे। चोरों ने पुलिस से बचने के लिए जंगल और ग्रामीण रास्तों का इस्तेमाल किया और पहचान छुपाने के लिए दस्ताने, मास्क व फर्जी नंबर प्लेट का प्रयोग किया। पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी है।