मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ के माध्यम से एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि केवल फतवे के आधार पर मुस्लिम विवाह समाप्त नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि धार्मिक संस्थाएं केवल धार्मिक राय दे सकती हैं, जबकि विवाह विच्छेद का कानूनी अधिकार केवल सक्षम अदालतों के पास है। यह आदेश भोपाल की दारुल-दफ़ा मसाजिद कमेटी के एक फतवे से जुड़े मामले में आया, जहां पति फतवे के आधार पर तलाक चाहता था। हाई कोर्ट ने पति को पारिवारिक न्यायालय में नई तलाक याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता दी।