बुलंद सोच, ग्वालियर।
ग्वालियर स्थित महाराजपुरा भारतीय वायुसेना के एयरफोर्स स्टेशन के गेट पर पेट्रोल बम फेंकने वाले व्यक्ति का पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मेडिकल परीक्षण कराया। पुलिस के अनुसार, मेडिकल परीक्षण में उसके मानसिक रोगी होने की पुष्टि हुई है।
पुलिस द्वारा उसके स्वजनों से संपर्क करने पर उन्होंने पूछताछ में बताया कि वह आठ साल से वाराणसी में इलाज करा रहा है। इसके बाद पुलिस ने उस पर कोई प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की और उसे इलाज के लिए मानसिक आरोग्यशाला में भर्ती करा दिया।
मंगलवार की रात करीब 10 बजे, उत्तर प्रदेश के वाराणसी निवासी एक युवक ने महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन के बाहर बियर की बोतलों में पेट्रोल भरकर फेंका था।
एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा में तैनात वायुसेना के जवानों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। इसके बाद उन्होंने महाराजपुरा थाना पुलिस को सूचना दी। चूंकि एयरफोर्स स्टेशन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक अतिसंवेदनशील क्षेत्र है, इंटेलिजेंस ब्यूरो सहित अन्य खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गईं।
खुफिया एजेंसियों द्वारा पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह तीन दिन पहले आंध्र प्रदेश से आया था। ट्रेन से ग्वालियर पहुंचने के बाद उसने स्टेशन के पास एक गेस्ट हाउस में कमरा लिया था। उसने स्टेशन स्थित पेट्रोल पंप से बियर की बोतल में पेट्रोल भरवाया और मंगलवार रात करीब नौ बजे एयरफोर्स स्टेशन के लिए निकला।
उसने गेट पर पेट्रोल से भरी बोतलें फेंक दीं और इसके पीछे का कारण ‘दिमाग हैक करने वाली डिवाइस’ का निर्माण बताया, जिससे इंसानी दिमाग हैक किए जाने का दावा किया। वह इसके अलावा भी कई अनर्गल बातें करता रहा। पुलिस ने उसे कोर्ट के समक्ष पेश किया, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर उसका मेडिकल परीक्षण हुआ।
मेडिकल परीक्षण में उसके मानसिक रोगी होने की पुष्टि के बाद उसे मानसिक आरोग्यशाला भेजा गया, जहाँ उस पर विशेष निगाह रखी जा रही है। पुलिस लगातार डॉक्टरों के संपर्क में है। महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि उसके स्वजनों ने यह भी बताया कि वह अलग-अलग शहरों में घूमता रहता है और पहले सरहद तक पहुंच गया था। स्वजनों को इस बात की जानकारी नहीं है कि वह किसी संस्थान में असिस्टेंट प्रोफेसर है।

