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जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने एआई-आधारित अंतर्गीता ऐप विकसित किया

जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने ‘अंतर्गीता’ नामक एक एआई-आधारित ऐप विकसित किया है, जो भगवद्गीता की शिक्षाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ता है। यह ऐप उपयोगकर्ता की डायरी, व्यवहार और डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण कर उसकी समस्याओं को समझता है और परिस्थिति के अनुरूप गीता की सीख प्रदान करता है। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सौरभ सिंह के विचार से शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट, अब तैयार है और जल्द ही प्ले स्टोर पर लॉन्च किया जाएगा। इसमें ‘हील योरसेल्फ’ और ‘गीता कंपेनियन’ जैसे फीचर्स शामिल हैं, जो सरल माध्यमों से गीता के ज्ञान को प्रस्तुत करते हैं।

ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पर पेट्रोल बम फेंकने वाला मानसिक रोगी घोषित

ग्वालियर के महाराजपुरा स्थित एयरफोर्स स्टेशन के गेट पर पेट्रोल बम फेंकने वाले वाराणसी निवासी युवक को मेडिकल परीक्षण में मानसिक रोगी पाया गया है। कोर्ट के आदेश पर हुए इस परीक्षण के बाद पुलिस ने उस पर कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की और उसे मानसिक आरोग्यशाला में भर्ती कराया। युवक ने मंगलवार रात करीब 10 बजे घटना को अंजाम दिया था, जिसके बाद वायुसेना के जवानों ने उसे पकड़ा और खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गईं। पूछताछ में उसने ‘दिमाग हैक करने वाली डिवाइस’ की बात कही। उसके स्वजनों ने बताया कि वह आठ साल से वाराणसी में इलाज करा रहा है और अक्सर अलग-अलग शहरों में घूमता रहता है।

ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पर प्रोफेसर ने फेंके पेट्रोल बम, तत्काल गिरफ्तार

ग्वालियर के महाराजपुरा स्थित एयरforce स्टेशन पर एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने बियर की बोतलों में पेट्रोल भरकर आग लगाई और उन्हें गेट के पास फेंक दिया। वायुसेनाकर्मियों ने उसे तत्काल पकड़ लिया। आरोपी को मानसिक रोगी बताया गया है और उसे मानसिक आरोग्यशाला भिजवा दिया गया है। घटना के बाद इंटेलिजेंस ब्यूरो और डिफेंस इंटेलिजेंस सहित अन्य खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर आ गईं। आरोपी ने पूछताछ में दिमाग हैक होने की बात कही। वह आंध्रप्रदेश के एक निजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर है।

इंदौर में एसएससी छात्र ने की आत्महत्या

इंदौर के भंवरकुआं क्षेत्र में कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षा की तैयारी कर रहे 18 वर्षीय छात्र प्रियांश ने सोमवार रात अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। नरसिंहगढ़-गाडरवाड़ा निवासी प्रियांश लगभग 15 दिन पूर्व ही इंदौर आया था। पढ़ाई में मन न लगने के कारण वह घर वापस लौटना चाहता था और उसने अपने माता-पिता से बात भी की थी, जिन्होंने उसे वापस आने की स्वीकृति दे दी थी। घर लौटने से पहले ही उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, हालांकि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

प्रदेश के पहले मानसिक स्वास्थ्य उत्कृष्टता केंद्र का निर्माण अटका, 22 करोड़ का प्रोजेक्ट 4 साल में भी अधूरा

मध्य प्रदेश का पहला सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ का निर्माण कार्य इंदौर के बाणगंगा स्थित मानसिक चिकित्सालय में 22 करोड़ 23 लाख रुपए की लागत से हो रहा है, जो 4 साल बाद भी अधूरा है। यह परियोजना 2 साल में पूरी होनी थी। वर्तमान में अतिरिक्त बजट की आवश्यकता, संशोधित अनुमान की स्वीकृति का इंतजार और फंड की कमी के कारण काम रुका हुआ है। पहले भी यह प्रोजेक्ट तीन बार ठप हो चुका है। केंद्र और राज्य सरकार की 60:40 वित्तीय भागीदारी में राज्य के हिस्से की राशि जारी होने में देरी भी एक कारण है।

इंदौर के परदेसीपुरा में मां-बेटे की कथित आत्महत्या

इंदौर के परदेसीपुरा थाना क्षेत्र में एक मां इंदिरा और उसके बेटे संजय ने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आर्थिक तंगी को आत्महत्या का संभावित कारण माना जा रहा है। परिजनों ने यह भी बताया कि मां-बेटे दोनों का इंदौर के बाणगंगा अस्पताल में मानसिक रोग का उपचार चल रहा था। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की विस्तृत जांच कर रही है, जिसके बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

इंदौर में कार चालक ने आरआर कैट का इलेक्ट्रॉनिक बूम बैरियर तोड़ा, FIR दर्ज

इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक कार चालक ने आरआर कैट के मुख्य प्रवेश द्वार पर इलेक्ट्रॉनिक बूम बैरियर तोड़कर परिसर में जबरन प्रवेश किया। पुलिस ने आरोपी जफर मंसूरी को हिरासत में लेकर शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसका उपचार चल रहा है। पुलिस ने परिजनों को देर रात मानसिक अस्वस्थ व्यक्ति को वाहन चलाने की अनुमति न देने पर फटकार लगाई है।

नीना गुप्ता ने कहा- ‘बेटी पढ़ाने से पहले दादा-दादी, नाना-नानी को पढ़ाना पड़ेगा’; 98% घरों में आज भी घूंघट

अभिनेत्री नीना गुप्ता ने ‘डायलॉग ऑन मेंटल वेलनेस’ कार्यक्रम में महिलाओं की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि ‘बेटी पढ़ाओ’ से पहले दादा-दादी और नाना-नानी को पढ़ाना होगा, क्योंकि देश के 98% घरों में आज भी घूंघट है और लड़कियों की सोच नहीं बदली है। उन्होंने अपनी आत्मकथा ‘सच कहूं तो’ के लेखन अनुभव साझा किए, जिसमें उन्होंने बताया कि कोविड काल में परिवारजनों के निधन के बाद ही वह किताब पूरी कर पाईं। गुप्ता ने मानसिक स्वास्थ्य, बच्चों के पालन-पोषण, करियर और आज की भ्रमित युवा पीढ़ी पर भी अपने विचार रखे, जिसमें उन्होंने कहा कि अनुभव से ही जीवन जीना सीखा जाता है।

इंदौर में चार आत्महत्या के मामले सामने आए

इंदौर में बुधवार को आत्महत्या के चार अलग-अलग मामले सामने आए हैं। आजाद नगर में 23 वर्षीय दुर्गेश ने प्रेम विवाह के बाद पारिवारिक विवाद के चलते फांसी लगाई। छोटी ग्वालटोली में 30 वर्षीय रिम्जा ने अकेलेपन और अवसाद के कारण जान दी। खजराना में 26 वर्षीय अजहर ने बेरोजगारी से परेशान होकर आत्मघाती कदम उठाया। वहीं, पटेल नगर में 27 वर्षीय अभिषेक ने पत्नी की शिकायत और पुलिस द्वारा बयान के लिए बुलाए जाने के बाद फांसी लगा ली। पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

‘बेटा मानसिक रूप से अस्वस्थ तो शादी क्यों कराई?’: हाईकोर्ट ने हैबियस कॉर्पस याचिका खारिज की

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बहू और बेटे को कथित अवैध बंधन से मुक्त कराने वाली हैबियस कॉर्पस याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे पारिवारिक विवाद माना और कहा कि तथ्यों को छिपाया गया है। खंडपीठ ने याचिकाकर्ता के बेटे नीरज की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए, जिसे पहले 75 प्रतिशत मानसिक दिव्यांग बताया गया था। कोर्ट ने पूछा कि यदि वह अस्वस्थ था तो उसकी शादी क्यों कराई गई और वह पिता कैसे बना। नीरज को न्यायालय में बुलाने पर उसका व्यवहार सामान्य प्रतीत हुआ।