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2026-10-17

विदिशा नगर पालिका का 50 करोड़ रुपये से अधिक बकाया, 11 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं को नोटिस जारी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, विदिशा।

विदिशा नगर पालिका के विभिन्न करों का बकाया अब 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुका है। लंबे समय से बकाया राशि की वसूली में पिछड़ रही नगर पालिका ने अब बड़े बकायादारों पर शिकंजा कसते हुए 11 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिसों में पांच हजार रुपये से अधिक राशि बकाया रखने वाले उपभोक्ता शामिल हैं। 12 सितंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत में बकाया राशि जमा कराने के लिए उन्हें अधिभार में छूट का लाभ उठाने का मौका भी दिया जा रहा है। नोटिस और मोबाइल पर मैसेज पहुंचने के बाद अब उपभोक्ता राशि जमा करने नगर पालिका पहुंचने लगे हैं।

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नगर पालिका के लिए यह अभियान इसलिए भी अहम है, क्योंकि जलकर, संपत्तिकर, सीवेज और दुकानों के किराए की वसूली के लिए 40 से अधिक कर्मचारी लगाए गए हैं। इसके बावजूद अपेक्षित वसूली नहीं हो पा रही है। हाल ही में सीएमओ दुर्गेश सिंह ठाकुर ने कर्मचारियों की बैठक लेकर हर माह कम से कम एक करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया था। हालांकि, मौजूदा स्थिति में नगर पालिका को हर महीने 50 से 60 लाख रुपये तक की ही वसूली हो पा रही है।

नेशनल लोक अदालत को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका ने सबसे अधिक बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं पर ध्यान केंद्रित किया है। करीब साढ़े आठ हजार संपत्तिकर उपभोक्ताओं और साढ़े तीन हजार जलकर उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे गए हैं। जलकर के बकायादारों को अधिभार में छूट का लाभ मिलने से नगर पालिका को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में लोग बकाया राशि जमा करेंगे। नगर पालिका ने जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर दर्ज हैं, उन्हें जलकर, संपत्तिकर, सीवेज और दुकानों के किराए के बकाये को लेकर मैसेज भी भेजे हैं।

नोटिस और मैसेज का असर भी दिखाई देने लगा है, कई उपभोक्ता बकाया राशि जमा कराने नगर पालिका पहुंच रहे हैं। हालांकि, यहां उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सर्वर डाउन होने के कारण कई उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इससे एक ओर जहां उपभोक्ता जल्द बकाया चुकाना चाहते हैं, वहीं तकनीकी समस्या प्रक्रिया को धीमा कर रही है। सीएमओ दुर्गेश सिंह ठाकुर ने बकायादार उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे नेशनल लोक अदालत का लाभ उठाते हुए अधिक से अधिक संख्या में बकाया राशि जमा करें। नगर पालिका को उम्मीद है कि लोक अदालत के माध्यम से लंबित वसूली में तेजी आएगी और 50 करोड़ रुपये से अधिक के बकाये में कुछ बड़ी रकम उसके खाते में वापस आ सकेगी।