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2026-08-10

एम्स भोपाल में दा विंची रोबोटिक सर्जरी की तैयारी तेज, खरीद प्रक्रिया शुरू

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

एम्स भोपाल में अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। अस्पताल प्रबंधन ने दा विंची रोबोटिक सर्जरी सिस्टम की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से वित्तीय मंजूरी मिलने के उपरांत अब इसकी स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह सुविधा अक्टूबर-नवंबर 2026 तक शुरू होने की संभावना है।

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तकनीक का उपयोग और लाभ

एम्स भोपाल ने जटिल कैंसर, यूरोलाजी तथा अन्य गंभीर बीमारियों की सर्जरी को अधिक सटीक एवं सुगम बनाने हेतु दा विंची रोबोट की मांग की थी। इस प्रणाली के माध्यम से चिकित्सक कंसोल से रोबोटिक हाथों को नियंत्रित करेंगे। इससे शरीर के उन हिस्सों में भी अधिक सटीकता के साथ ऑपरेशन किया जा सकेगा, जहाँ पारंपरिक सर्जरी में कठिनाई आती है। प्रोस्टेट, किडनी, गर्भाशय और कोलन कैंसर जैसी सर्जरी में रोबोटिक तकनीक विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हो सकती है। इस तकनीक में परंपरागत ऑपरेशन की तुलना में छोटा चीरा लगाया जाता है, जिससे रक्तस्राव और दर्द कम होने के साथ मरीज के शीघ्र स्वस्थ होने की संभावना बढ़ जाती है।

मध्य प्रदेश में पहली सरकारी सुविधा

दा विंची रोबोट स्थापित होने के बाद एम्स भोपाल मध्य प्रदेश का प्रथम सरकारी अस्पताल बन जाएगा, जहाँ रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होगी। वर्तमान में प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में यह सुविधा मौजूद नहीं है। निजी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी की लागत अधिक होती है, जबकि एम्स में आम मरीजों को यह सुविधा कम खर्च में मिलने की अपेक्षा है।

मंजूरी प्रक्रिया और आयात

सूत्रों के अनुसार, रोबोट की खरीद से संबंधित फाइल में पूर्व में बजट और उपयोगिता को लेकर प्रश्न उठे थे, जिसके कारण केंद्रीय स्तर पर प्रक्रिया में विलंब हुआ। तत्पश्चात, एम्स प्रशासन ने मंत्रालय को एक संशोधित प्रस्ताव प्रेषित किया, जिसमें रोबोट के संभावित उपयोग, मरीजों की संख्या और चिकित्सकों के प्रशिक्षण का संपूर्ण खाका सम्मिलित था। मंत्रालय से वित्तीय मंजूरी प्राप्त होने के उपरांत अब खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। दा विंची रोबोट विदेश से मंगाया जाएगा। थ्रीडी विजन और रोबोटिक सिस्टम के बेहतर नियंत्रण से जटिल ऑपरेशन में सटीकता बढ़ाने में सहायता मिलेगी। एम्स भोपाल में इसके प्रारंभ होने के बाद मरीजों को अत्याधुनिक सर्जिकल सुविधा का लाभ प्राप्त हो सकेगा।