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2026-10-17

अजनार नदी की सफाई के दावे पर विवाद, स्थानीय लोगों और प्रशासन ने छात्र के दावे को नकारा

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, ब्यावरा।

मध्य प्रदेश के ब्यावरा से गुजरने वाली अजनार नदी पिछले चार दिनों से इंटरनेट मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। इसका कारण ब्यावरा के छात्र सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ ‘बिट्टू तबाही’ का एक हैरान करने वाला दावा है।
बिट्टू तबाही ने दावा किया है कि उसने अकेले छह महीने की मेहनत से इस नदी को साफ कर दिया है। उसकी रील इंटरनेट मीडिया पर सराहना बटोर रही है।
हालांकि, स्थानीय लोग और प्रशासन के अधिकारी इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि बिट्टू का दावा जमीनी हकीकत से परे है।
अजनार नदी राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ के ऊंचे पठार से निकलती है। यह मध्य प्रदेश में लगभग 52 किलोमीटर बहकर ब्यावरा पहुंचती है।
इसके बाद, यह नराहेड़ा के पास राजस्थान में प्रवेश करती है और मनोहरथाना के निकट घोड़ा पछाड़ नदी में मिल जाती है।
घोड़ा पछाड़ नदी से संगम के बाद, दोनों नदियों की संयुक्त धारा परवन नदी कहलाती है, जो अंततः कालीसिंध नदी में समाहित हो जाती है।
छात्र बिट्टू ने इंस्टाग्राम पर नदी की सफाई करते हुए कुछ पहले के और अब की तस्वीरें साझा की हैं। उसने दावा किया है कि 26 जनवरी 2026 को उसने अजनार की सफाई का संकल्प लिया था।
बिट्टू के अनुसार, उसने अकेले नदी के तीन घाटों- रामेश्वर घाट, विसर्जन घाट और अंजनीलाल मंदिर के पीछे से कचरा निकाला। इस कचरे को स्कूटी पर रखकर नदी से करीब चार किलोमीटर दूर अरन्या गांव स्थित डंप साइड पर फेंका।
स्थानीय लोगों ने इस दावे को पूरी तरह से झुठलाया है। उनका कहना है कि बिट्टू कभी-कभी कचरा निकालता रहा है, लेकिन इससे नदी का कोई भी हिस्सा साफ नहीं हुआ है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, बाढ़ के पानी की वजह से नदी कुछ साफ जरूर दिख रही है, लेकिन गंदगी अभी भी बरकरार है।
स्थानीय नागरिक रचना भार्गव ने बताया कि वह प्रतिदिन अस्पताल रोड के पुल से गुजरती हैं, जहां गंदगी फैली रहती है।
एक अन्य स्थानीय निवासी कल्याण सिंह तोमर का कहना है कि अजनार नदी काफी गंदी है और इसे साफ करवाने के लिए सरकार को ही आगे आना चाहिए।
अजनार नदी की सफाई के लिए ‘अजनार बचाओ संगठन’ ने भी अभियान चलाया था।
स्थानीय लोगों का मानना है कि नदी इतनी गंदी है कि इसे केवल संगठनों के माध्यम से साफ करना संभव नहीं है। उनके अनुसार, यदि सरकार ही प्रयास करे, तभी इसकी सफाई संभव है।
अजनार बचाओ समिति के सदस्य रामभील ने कहा कि जब तक सरकार गंदे नालों को नदी में मिलने से नहीं रोकेगी और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं बनाएगी, तब तक नदी को साफ करना संभव नहीं है।
रामभील ने यह भी बताया कि अजनार बचाओ समिति द्वारा कुछ प्रयास किए गए थे, लेकिन नदी में इतनी गंदगी है कि इसे सहज प्रयासों से साफ करना संभव नहीं हो सका।
ऐसे में, उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर नदी साफ करने का दावा करने वाले लोगों के दावों को पूरी तरह फर्जी बताया।
नपा ब्यावरा के सीएमओ इकरार अहमद ने जानकारी दी कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 14.77 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इन स्वीकृत राशि से गंदे नालों का निस्तारण किया जाएगा।

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