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2026-08-12

आलीराजपुर छात्रावास में 11वीं के छात्र दुमेश कलेश की संदिग्ध मौत, सुसाइड नोट मिला

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, आलीराजपुर।

आलीराजपुर जिले के चांदपुर स्थित शासकीय सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास में 11वीं कक्षा के छात्र दुमेश कलेश की गले में फंदा लगने से मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि यह आत्महत्या है या हत्या। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। यह घटना विश्व आदिवासी दिवस के दिन सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा बढ़ गया। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

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सुसाइड नोट का विवरण और छात्रों के आरोप

पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में लिखा है: “आई हेट यू सर। पापा, मिनाक्षी वाइफ, भाई महेश व धर्मेश। मेको भी मरने को लग रहा था। लेकिन बार-बार बोलते हैं यार इसलिए मरने लगा रहा। मां मुझे बहुत दर्द होगा, लेकिन दिनेश व रमेश मुझे जीने नहीं दे रहे हैं। तुमको लगता है मीनाक्षी के लिए मर रहा है। मैं उसके लिए नहीं जा रहा हूं। मरने जा रहा गुडबाई हूं। मेरे घर वालों को कुछ नहीं करना। पुलिस भी कुछ नहीं करना।” छात्रों ने दुमेश की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि जिस रस्सी से शव लटका मिला, वह छात्रावास की नहीं थी। कुछ छात्रों ने सीधे हॉस्टल वार्डन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों के अनुसार, वार्डन रात में शराब पीकर आते थे और छात्रों के साथ रैगिंग करते थे। वे छात्रों को अकेले कमरे में बंद करके डांटते थे और शिकायत करने पर स्कूल से फेल कराने की धमकी भी देते थे। छात्रों ने बताया कि घटना के समय कमरे में तीन लोग थे, जिनमें नितिन और लाल सिंह के नाम शामिल हैं। पुलिस द्वारा ताला तोड़ने से पहले कमरा बंद था, जिसकी चाबी चपरासी के पास थी। छात्रावास में 9वीं से 12वीं तक करीब 50 छात्र रहते हैं।

विधायक की मांग और प्रशासनिक कदम

जोबट विधायक सेना पटेल ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की, ताकि मौत के असली कारण सामने आ सकें। विधायक पटेल ने छात्रावास में बच्चों की सुरक्षा को सबसे जरूरी बताया। उन्होंने डॉक्टर की उपलब्धता, साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और आपातकालीन व्यवस्था की नियमित जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। विधायक ने दुमेश के परिवार से फोन पर बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि एक मासूम की जान जाना पीड़ादायक है और बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की बात भी उन्होंने कही। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम किया है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। प्रशासन ने हॉस्टल में अतिरिक्त स्टाफ तैनात करने और छात्रों की काउंसलिंग कराने की बात कही है। इस घटना के बाद परिजनों और छात्रों ने हॉस्टल में सुरक्षा और अनुशासन की व्यवस्था तुरंत दुरुस्त करने की मांग की है।