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2026-10-17

भोपाल जीआईएस फाउंटेन घोटाले की दूसरी जांच में भी खामियां; लोकायुक्त तक नहीं पहुंची रिपोर्ट

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) के दौरान भोपाल शहर में लगाए गए 19 फाउंटेन में पाई गई गड़बड़ियों की दूसरी जांच में भी कई खामियां सामने आई हैं। जांच के दौरान कई स्थानों पर फ्लावर जेट नोजल और कनेक्टर गायब मिले, जबकि कुछ जगहों पर उनकी जगह पीवीसी निप्पल लगे हुए पाए गए। कई फाउंटेन में निर्धारित संख्या में एलईडी लाइट और एसएस हैडर (एक प्रकार का एयर पाइप) कम मिले। इसके अतिरिक्त, कुछ फाउंटेन बंद अवस्था में पाए गए। शिकायत के सबसे अहम बिंदु, जिसमें मोटर की क्षमता और फाउंटेन में लगाए गए सामान की कीमत की जांच शामिल थी, वह दूसरी रिपोर्ट में भी नहीं हो सकी।
नगर निगम ने इन फाउंटेन के लिए 1.73 करोड़ रुपये के प्राक्कलन तैयार किए थे। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गैर-एसओआर आइटम बाजार दर से दो से तीन गुना अधिक कीमत पर खरीदे गए थे। साथ ही, प्राक्कलन में 7.5 और 10 एचपी की सबमर्सिबल मोटर का प्रावधान होने के बावजूद मौके पर 2 से 2.5 एचपी की मोटर लगाए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, दूसरी जांच में भी मोटर की क्षमता और उसकी कीमत की जांच नहीं की गई। रिपोर्ट में कई फाउंटेन में निर्धारित संख्या से कम आइटम मिलने का उल्लेख है, लेकिन कितने होने थे और कितने मिले, इसका स्पष्ट तुलनात्मक विवरण नहीं दिया गया।
रेतघाट चौराहा के फाउंटेन को जांच टीम ने चालू कराकर देखा, जहां फ्लावर जेट नोजल और कनेक्टर निर्धारित संख्या में नहीं मिले। रिपोर्ट में बताया गया कि फाउंटेन में पानी भरा होने के कारण मोटर की हार्स पावर और कंपनी की पहचान नहीं हो सकी, लेकिन मोटर को बाहर निकालकर जांचने का प्रयास भी नहीं किया गया। यह वही बिंदु था जिस पर शिकायत में सीधे सवाल उठाए गए थे। ताज होटल के पास स्थित फाउंटेन मौके पर नहीं मिला। निगम प्रतिनिधि ने बताया कि इसे दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया है, लेकिन रिपोर्ट में नई जगह का उल्लेख नहीं है।
जांच में कई स्थानों पर कमियां मिलीं। कुदसिया पार्क में एसएस हैडर कम पाए गए। मानव संग्रहालय और आईएसबीटी में नोजल-कनेक्टर की जगह पीवीसी निप्पल मिले। भदभदा चौराहा पर नोजल, एलईडी लाइट और कनेक्टर निर्धारित संख्या में नहीं थे। पॉलिटेक्निक चौराहा और हिंदी भवन के पास फ्लावर जेट व फोम जेट नोजल गायब थे। यातायात और भारत माता चौराहा पर भी नोजल नहीं मिले, जिस पर निगम ने चोरी होने का हवाला दिया, लेकिन चोरी से संबंधित दस्तावेज जांच टीम को नहीं दिए गए। एयरपोर्ट क्षेत्र में कई फाउंटेन में एलईडी लाइट नहीं मिलीं और गन मेटल बल्ब की जगह पीवीसी बल्ब लगे पाए गए। लालघाटी और बोट क्लब के फाउंटेन बंद मिले, जबकि श्रीकृष्ण प्रणामी मंदिर और टीटी नगर में भी नोजल-कनेक्टर की जगह पीवीसी निप्पल पाए गए।

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जांच रिपोर्ट की स्थिति

इस मामले में पहले भी एक जांच हो चुकी थी। लोकायुक्त की आपत्ति के बाद दूसरी जांच कराई गई। शिकायत में नगर निगम के अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग पर आरोप थे। पहली जांच उन्होंने ही की थी, जिसमें उन्होंने खुद को क्लीनचिट दे दी थी। लोकायुक्त को यही बात खटकी थी और उन्होंने आपत्ति दर्ज की थी। इसके बाद नगर निगम ने एक समिति बनाकर दूसरी जांच कराई। यह दूसरी जांच करीब तीन महीने पहले पूरी कर रिपोर्ट नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को भेज दी गई है। हालांकि, यह रिपोर्ट अब तक लोकायुक्त तक नहीं पहुंची है।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

नवदुनिया ने उक्त मामले में तीन महीने से जांच रिपोर्ट नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के पास होने और उस पर हुई कार्रवाई के संबंध में जानने के लिए आयुक्त संकेत भोंडवे से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया। उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उन्हें मोबाइल पर व्हाट्सएप के माध्यम से संदेश भेजकर जानकारी मांगी गई, लेकिन उन्होंने भी जवाब नहीं दिया।
लोकायुक्त के मुख्य अभियंता अविनाश नेमा ने बताया कि विभाग से जानकारी मांगी गई है और अभी जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वह इससे अधिक जानकारी देने के लिए अधिकृत नहीं हैं।