भोपाल में आवासीय भूखंडों पर अवैध व्यावसायिक गतिविधियों का मुद्दा गरमाया हुआ है, जिसमें नगर निगम की तीन प्रमुख शाखाओं – भवन अनुज्ञा, राजस्व और श्रम विभाग – की मिलीभगत सामने आई है। नवदुनिया की पड़ताल के अनुसार, राजस्व अधिकारियों ने आवासीय भूखंडों पर नाममात्र शुल्क पर ट्रेड लाइसेंस जारी किए, जबकि गुमास्ता बिना स्थल निरीक्षण के ही बन गए। मुख्यमंत्री के बयान के बाद अरेरा कॉलोनी में व्यापारियों ने दुकानें खोलीं, लेकिन निगम कार्यालय के सामने एक दुकान बंद मिली। भोपालवासी इन अवैध गतिविधियों से आक्रोशित हैं और नेताओं को चुनाव में सबक सिखाने की चेतावनी दे रहे हैं।
जुलाई 2026 में सीएम हेल्पलाइन पर नगरीय निकायों से संबंधित 51,610 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 44,126 का निराकरण नहीं हो सका। राज्य का औसत स्कोर 54.54 रहा, जिससे समग्र प्रदर्शन को ‘डी’ रेटिंग मिली। भोपाल ने सर्वाधिक 6,469 शिकायतें दर्ज कीं, जो कुल शिकायतों का 12.5% थीं। राजधानी में 4,086 शिकायतें लंबित हैं। शिकायत निवारण में भोपाल को दूसरा स्थान मिला, लेकिन मूलभूत सुविधाओं, विशेषकर साफ-सफाई और सीवेज को लेकर असंतुष्टि बनी हुई है।