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आंध्र प्रदेश डीएससी भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

आंध्र प्रदेश में डीएससी-2025 भर्ती घोटाले को लेकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे और सीबीआई जांच की मांग की है। एमएलसी परवथारेड्डी चंद्रशेखर रेड्डी ने कहा कि पार्टी परीक्षा रद्द करने के बजाय अनियमितताओं की व्यापक जांच और योग्य अभ्यर्थियों के लिए न्याय चाहती है। उन्होंने एससीईआरटी के आउटसोर्सिंग कर्मचारी पुरमा नवीन पर प्रश्न-पत्र तैयार करने में शामिल होने के बावजूद शीर्ष रैंक हासिल करने का आरोप लगाया। वाईएसआरसीपी ने 10 अगस्त को राज्यव्यापी रैलियों का आह्वान किया है।

एमपी-यूडीसी ने जाली बैंक गारंटी पर दिया 6.57 करोड़ का ठेका, गुजरात की कंपनी पर FIR दर्ज

मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपी-यूडीसी) ने सूरत की इंजीनियरिंग प्रोफेशनल कंपनी प्रा.लि. को जाली बैंक गारंटी के आधार पर 6.57 करोड़ रुपये का ठेका दिया था। काम पूरा होने के बाद भौतिक सत्यापन में बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई बैंक द्वारा जारी की गई आठों बैंक गारंटी फर्जी पाई गईं। एमपी-यूडीसी के वित्त नियंत्रक सौरभ तिवारी ने भोपाल के एमपी नगर थाने में कंपनी के विरुद्ध धोखाधड़ी और जालसाजी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन कंपनी संचालकों के मोबाइल नंबर बंद मिले हैं।

इंदौर स्मार्ट क्लासरूम टेंडर में फर्जीवाड़ा, दो पर FIR

इंदौर के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम के लिए इंटरएक्टिव पैनल की खरीदी में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। राज्य साइबर सेल ने जिला शिक्षा केंद्र के कंप्यूटर प्रोग्रामर तेज कुमार जाटव और कारोबारी विक्रांत गुप्ता के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि जाटव ने अपनी जेम आईडी गुप्ता को दी ताकि उसकी फर्म को निविदा का लाभ मिल सके। जांच में पाया गया कि वित्तीय निविदाएं सक्षम अधिकारी की मंजूरी और तकनीकी मूल्यांकन के बिना खोली गईं। साइबर सेल मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

इंदौर निगम परिषद के चार साल: प्रमुख प्रोजेक्टों पर जोर, पानी और सड़कों की समस्याएँ बनी रहीं

इंदौर नगर निगम में भाजपा परिषद का चार साल का कार्यकाल पूरा हो गया है। इस दौरान परिषद ने बड़े प्रोजेक्टों पर जोर दिया, लेकिन शहर में दूषित पानी की आपूर्ति और गड्ढों से भरी सड़कों की समस्या बनी रही। पिछले साल भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से 35 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इसके अतिरिक्त, 100 करोड़ रुपये का घोटाला भी उजागर हुआ, जिसकी जांच अभी जारी है। निगम ने 300 करोड़ रुपये का सोलर प्लांट लगाया और नर्मदा के चौथे चरण का काम शुरू किया, जिस पर 1,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हालांकि, नेहरू स्टेडियम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और एमआर-4 सड़क जैसे कई प्रोजेक्ट अधूरे रहे।

मुंबई में वीवीआईपी कोटे से फर्जी रेल टिकट रैकेट का भंडाफोड़, छह गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने वीवीआईपी कोटे से रेल टिकट कन्फर्म कराने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में कपड़ा व्यापारी अमरीश ठक्कर सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह राज्यपाल के एडीसी, मंत्रियों और वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के फर्जी लेटरहेड का उपयोग कर 400 से अधिक टिकट कन्फर्म करा चुका था। अमरीश के अधीन 200 एजेंट देशभर में सक्रिय थे। भारतीय रेलवे द्वारा लोक भवन से संपर्क करने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, जिसके बाद जांच शुरू की गई।

बालाघाट डबल मनी घोटाला: मुख्य आरोपित सोमेंद्र की दो कारें गोंदिया और ग्वालियर से जब्त

बालाघाट डबल मनी प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी ने मास्टरमाइंड सोमेंद्र कंकरायने की दो कारें, हैरियर और इनोवा, जब्त की हैं। ये कारें क्रमशः ग्वालियर और गोंदिया से बरामद की गईं। एसआईटी ने उन व्यक्तियों को हिरासत में लिया है जिनके पास से कारें मिली थीं और उनसे पूछताछ की जाएगी। सोमेंद्र ने पहले बताया था कि उसकी हैरियर कार पूर्व विधायक रमेश भटेरे के सुरक्षा गार्ड के पास थी। एसआईटी अब इन कारों के अस्थाई मालिकों को लेकर जांच का दायरा बढ़ा सकती है।

गवर्नमेंट प्रेस रद्दी बिक्री मामले में 2 कर्मचारी निलंबित

मध्य प्रदेश के गवर्नमेंट प्रेस में रद्दी बिक्री में अनियमितताओं के मामले में दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। पांच अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी जांच के दायरे में हैं। डिप्टी कंट्रोलर लॉरेंस रॉबर्टसन को सात दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई 22 जुलाई को भास्कर ऐप के खुलासे के बाद हुई, जिसमें ट्रकों के वजन और धर्मकांटों की रसीदों में गड़बड़ी सामने आई थी। रद्दी उठाने वाली कंपनी मां ट्रेडर्स को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और संतोषजनक जवाब न मिलने पर एग्रीमेंट खत्म करने की चेतावनी दी गई है।

इंदौर नगर निगम फर्जी बिल घोटाला: ईडी ने 20 हजार पेज की चार्जशीट दायर की, राशि बढ़कर 103.42 करोड़ हुई

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंदौर नगर निगम के फर्जी बिल घोटाले में पीएमएलए कोर्ट में 20 हजार पेज की चार्जशीट दायर की है। घोटाले की राशि बढ़कर 103.42 करोड़ रुपए हो गई है, जिसमें 32 आरोपी शामिल हैं। ईडी ने 5 और 6 अगस्त 2024 को 20 ठिकानों पर छापे मारे, जिसमें 22.04 करोड़ रुपए की संपत्तियां फ्रीज की गईं और 37.14 करोड़ रुपए की 52 अचल संपत्तियां कुर्क की गईं। कुल 59.18 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। विशेष पीएमएलए कोर्ट ने आरोपियों को समन जारी कर अगली सुनवाई की तारीख तय की है।

इंदौर में नामांतरण घोटाला: संपत्ति कर खातों में नाम बदलने की प्रक्रिया में बड़े बदलाव

इंदौर में अधिकारियों की आईडी का दुरुपयोग कर संपत्ति कर खातों में फर्जी तरीके से नाम बदलने का बड़ा घोटाला सामने आया है। एक वर्ष के भीतर 450 से अधिक खातों में यह बदलाव किया गया। इस खुलासे के बाद इंदौर नगर निगम ने नामांतरण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब नाम बदलने के लिए ‘चेन ऑफ डॉक्यूमेंट’ अनिवार्य होगा। पूरी प्रक्रिया डिजिटल की जाएगी, जिसमें वकील की उपस्थिति और बिल कलेक्टर द्वारा मौके पर सत्यापन शामिल है। नगर निगम फर्जी रजिस्ट्रियों को रद्द कराने के लिए भोपाल कार्यालय को पत्र भेजेगा।

डबल मनी घोटाला: बालाघाट में 113 निवेशकों की सूची जारी, पैसे वापसी के प्रयास शुरू

बालाघाट में डबल मनी घोटाला मामले में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के निवेशकों को उनके पैसे वापस दिलाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने सोमेंद्र कंकरायने और उनके एजेंटों के माध्यम से निवेश करने वाले 113 लोगों की पहली सूची जारी की है। इन निवेशकों को 28 और 29 जुलाई को बालाघाट स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करना होगा। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि दूसरी सूची भी जल्द जारी की जाएगी। यह फर्जीवाड़ा 500-600 करोड़ रुपये का अनुमानित है, जिसमें मुख्य आरोपी सोमेंद्र कंकरायने सहित 11 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।