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भोपाल जीआईएस फाउंटेन घोटाले की दूसरी जांच में भी खामियां; लोकायुक्त तक नहीं पहुंची रिपोर्ट

भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान लगाए गए 19 फाउंटेन में गड़बड़ियों की दूसरी जांच में भी खामियां सामने आई हैं। जांच रिपोर्ट में फाउंटेन की मोटर क्षमता और लगाए गए सामान की कीमत की जांच नहीं की गई, जबकि 1.73 करोड़ रुपये के प्राक्कलन तैयार किए गए थे। नगर निगम ने यह रिपोर्ट तीन महीने पहले नगरीय प्रशासन विभाग को भेजी थी, लेकिन यह अभी तक लोकायुक्त तक नहीं पहुंची है। लोकायुक्त ने पहली जांच पर आपत्ति जताई थी, जिसमें आरोपी अधीक्षण यंत्री ने खुद को क्लीनचिट दी थी।

MP EOW ने ₹10.99 करोड़ के कंप्यूटर खरीद घोटाले का किया भंडाफोड़, 4 लोगों पर मामला दर्ज

मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने शासकीय GeM पोर्टल के माध्यम से ₹10.99 करोड़ के एक कंप्यूटर खरीद घोटाले का पर्दाफाश किया है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के लिए पुराने कंप्यूटरों को नया बताकर और निम्न गुणवत्ता वाले उपकरण आपूर्ति करने के आरोप में चार लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि निविदा में शामिल फर्में एक ही व्यक्ति द्वारा नियंत्रित थीं, उन्होंने फर्जी मैन्युफैक्चरर ऑथराइजेशन लेटर जमा किए और कीमतों में हेरफेर किया। EOW ने फर्मों को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश की है और 1 सितंबर को भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

ईडी ने बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 13 करोड़ की 18 अचल संपत्तियां जब्त कीं

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इंदौर निवासी आलोक शारदा सहित अन्य आरोपियों की 13 करोड़ रुपए की 18 अचल संपत्तियां जब्त की हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई। आरोपियों ने मानपुर स्थित शारदा वेयरहाउस में वेयरहाउस फाइनेंस स्कीम का दुरुपयोग कर आईडीबीआई बैंक को 14 करोड़ का नुकसान पहुंचाया। मेसर्स किसान धन एग्री फाइनेंशियल सर्विसेज भी 12 करोड़ के वेयरहाउस रिसीट फाइनेंस घोटाले में शामिल थी।

नरवर की मिट्टी परीक्षण लैब तीन साल से बंद, कागजों में लाखों का भुगतान जारी

मध्य प्रदेश के नरवर स्थित मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला पिछले तीन साल से बंद पड़ी है, लेकिन सरकारी फाइलों में यह लगातार सक्रिय दिखाई जा रही है और लाखों रुपये का बजट खर्च कर रही है। शिकायत पर जांच करने आए तत्कालीन उपसंचालक पान सिंह काकोरिया ने लैब का निरीक्षण किए बिना ही उसे ‘उत्तम’ लिखकर क्लीन चिट दे दी थी, और वे सीधे आरोपी संस्था के प्रबंधक के घर गए थे। अब फर्जी सैंपलिंग का आंकड़ा और भुगतान कई गुना बढ़ गया है। पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सगीर खान ने कृषि मंत्री से स्वतंत्र जांच की मांग की है, जबकि कृषि उपसंचालक उमेश शाक्य ने जांच का आश्वासन दिया है।

डिंडौरी में सामिया बाई झारिया को मृत बताकर संबल योजना के ₹2 लाख निकाले गए

डिंडौरी जिले के शहपुरा क्षेत्र में संबल योजना से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पड़रिया खुर्द की सामिया बाई झारिया को सरकारी रिकॉर्ड में मृत बताकर उनके नाम पर संबल योजना के तहत दो लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई। हैरानी की बात यह है कि सामिया बाई वर्तमान में कल्याणी पेंशन योजना का लाभ ले रही हैं और उन्हें राशन भी मिल रहा है, जिससे सरकारी व्यवस्था में विरोधाभास उजागर हुआ है। इस पूरे प्रकरण में दस्तावेजों के सत्यापन और राशि के भुगतान प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं, जिसकी जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है।

आंध्र प्रदेश डीएससी भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

आंध्र प्रदेश में डीएससी-2025 भर्ती घोटाले को लेकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे और सीबीआई जांच की मांग की है। एमएलसी परवथारेड्डी चंद्रशेखर रेड्डी ने कहा कि पार्टी परीक्षा रद्द करने के बजाय अनियमितताओं की व्यापक जांच और योग्य अभ्यर्थियों के लिए न्याय चाहती है। उन्होंने एससीईआरटी के आउटसोर्सिंग कर्मचारी पुरमा नवीन पर प्रश्न-पत्र तैयार करने में शामिल होने के बावजूद शीर्ष रैंक हासिल करने का आरोप लगाया। वाईएसआरसीपी ने 10 अगस्त को राज्यव्यापी रैलियों का आह्वान किया है।

एमपी-यूडीसी ने जाली बैंक गारंटी पर दिया 6.57 करोड़ का ठेका, गुजरात की कंपनी पर FIR दर्ज

मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपी-यूडीसी) ने सूरत की इंजीनियरिंग प्रोफेशनल कंपनी प्रा.लि. को जाली बैंक गारंटी के आधार पर 6.57 करोड़ रुपये का ठेका दिया था। काम पूरा होने के बाद भौतिक सत्यापन में बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई बैंक द्वारा जारी की गई आठों बैंक गारंटी फर्जी पाई गईं। एमपी-यूडीसी के वित्त नियंत्रक सौरभ तिवारी ने भोपाल के एमपी नगर थाने में कंपनी के विरुद्ध धोखाधड़ी और जालसाजी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन कंपनी संचालकों के मोबाइल नंबर बंद मिले हैं।

इंदौर स्मार्ट क्लासरूम टेंडर में फर्जीवाड़ा, दो पर FIR

इंदौर के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम के लिए इंटरएक्टिव पैनल की खरीदी में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। राज्य साइबर सेल ने जिला शिक्षा केंद्र के कंप्यूटर प्रोग्रामर तेज कुमार जाटव और कारोबारी विक्रांत गुप्ता के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि जाटव ने अपनी जेम आईडी गुप्ता को दी ताकि उसकी फर्म को निविदा का लाभ मिल सके। जांच में पाया गया कि वित्तीय निविदाएं सक्षम अधिकारी की मंजूरी और तकनीकी मूल्यांकन के बिना खोली गईं। साइबर सेल मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

इंदौर निगम परिषद के चार साल: प्रमुख प्रोजेक्टों पर जोर, पानी और सड़कों की समस्याएँ बनी रहीं

इंदौर नगर निगम में भाजपा परिषद का चार साल का कार्यकाल पूरा हो गया है। इस दौरान परिषद ने बड़े प्रोजेक्टों पर जोर दिया, लेकिन शहर में दूषित पानी की आपूर्ति और गड्ढों से भरी सड़कों की समस्या बनी रही। पिछले साल भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से 35 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इसके अतिरिक्त, 100 करोड़ रुपये का घोटाला भी उजागर हुआ, जिसकी जांच अभी जारी है। निगम ने 300 करोड़ रुपये का सोलर प्लांट लगाया और नर्मदा के चौथे चरण का काम शुरू किया, जिस पर 1,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हालांकि, नेहरू स्टेडियम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और एमआर-4 सड़क जैसे कई प्रोजेक्ट अधूरे रहे।

मुंबई में वीवीआईपी कोटे से फर्जी रेल टिकट रैकेट का भंडाफोड़, छह गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने वीवीआईपी कोटे से रेल टिकट कन्फर्म कराने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में कपड़ा व्यापारी अमरीश ठक्कर सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह राज्यपाल के एडीसी, मंत्रियों और वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के फर्जी लेटरहेड का उपयोग कर 400 से अधिक टिकट कन्फर्म करा चुका था। अमरीश के अधीन 200 एजेंट देशभर में सक्रिय थे। भारतीय रेलवे द्वारा लोक भवन से संपर्क करने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, जिसके बाद जांच शुरू की गई।