रीवा में लोकायुक्त पुलिस ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रभारी मुख्य अभियंता कैलाश कुमार लच्छे और उनके अशासकीय सहयोगी धर्मवीर भारती को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई मंगलवार को आरोपी के शासकीय आवास के पास की गई। शिकायतकर्ता सोनू सिंह की शिकायत पर यह जाल बिछाया गया था, जिसमें आरोपी 1 लाख रुपये प्रति माह की मांग कर रहा था। दोनों को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई जारी है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने अवैध खनन और परिवहन से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रभारी माइनिंग अधिकारी पंकज मिश्रा की भूमिका पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कलेक्टर रुचिका चौहान से भी पूछताछ की, जिन्होंने पहले मिश्रा के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त को पूर्व और वर्तमान माइनिंग अधिकारियों के खिलाफ जांच करने तथा दोषी पाए जाने पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। कोर्ट ने कलेक्टर को 30 सितंबर तक सभी खदानों का पूरा रिकॉर्ड और अवैध परिवहन रोकने के उपायों का ब्यौरा पेश करने का निर्देश दिया।
जबलपुर में सहायक ग्रेड-3 अधिकारी सुभाष शर्मा के खिलाफ लोकायुक्त कार्रवाई में उनकी अनुपातहीन संपत्ति का आंकड़ा बढ़कर 8 करोड़ रुपये से अधिक होने के संकेत मिले हैं। उनके आंबेडकर नगर स्थित आवास से 500 ग्राम सोना, सवा किलो चांदी और महंगी वस्तुएं बरामद हुई हैं। लोकायुक्त ने शर्मा और उनकी पत्नी के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें जमीन, मकान, दुकान और प्लाट में बड़े पैमाने पर निवेश का खुलासा हुआ। पाटन के लोहारी गांव में एक फार्म हाउस पर बारात घर बनाने की तैयारी भी मिली है। जांच में स्वजन के नाम पर निवेश और छह बैंक खातों की जानकारी भी सामने आई है।
मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को जबलपुर हाईकोर्ट से 18 माह बाद जमानत मिल गई है। उन्हें फरवरी 2025 में गिरफ्तार किया गया था। सौरभ शर्मा पर ईडी, आयकर, लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू और भोपाल पुलिस सहित पांच एजेंसियां कई मामले दर्ज कर जांच कर रही हैं। उन पर अवैध कमाई और अधिकारियों को अपने इशारे पर चलाने के आरोप हैं। एक इनोवा कार से 52 किलोग्राम सोने के बिस्किट और 11 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे। अदालत ने जांच पूरी होने और लंबे ट्रायल की संभावना के कारण जमानत दी है, लेकिन उन्हें हर सुनवाई में उपस्थित रहना होगा।
मध्य प्रदेश में परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के भ्रष्टाचार मामले में लोकायुक्त संगठन ने विवेचना पूरी कर ली है। 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जुटाने के आरोप में सौरभ के अतिरिक्त 15 से अधिक लोगों को आरोपित बनाया जाएगा, जिनमें उसकी पत्नी, मां और दोस्त शामिल हैं। सितंबर में आरोप पत्र प्रस्तुत होने की संभावना है। मामले में 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये नकद सहित करोड़ों की संपत्ति जब्त की गई है।
लोकायुक्त जबलपुर ने पंचायत विभाग के सहायक ग्रेड-टू सुभाष शर्मा के जबलपुर और सिवनी स्थित पांच ठिकानों पर छापा मारा। सुबह 5.30 बजे शुरू हुई कार्रवाई में आरोपित की आय से 543.19 प्रतिशत अधिक अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा हुआ। प्रारंभिक जांच में पाटन, मुरगवां, गोहलपुर और करमेता में जमीनें, साथ ही आंबेडकर कॉलोनी, पारस कॉलोनी और लोहारी में मकान व फार्म हाउस मिले हैं।
लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने झाबुआ जिले के ंगी उप-तहसील कार्यालय में हल्का पटवारी संजय अमलियार को 2,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पटवारी ने फार्मर आईडी पर जमीन का सर्वे नंबर दर्ज कराने के एवज में यह राशि मांगी थी। आवेदक पुनिया भूरिया की शिकायत पर लोकायुक्त ने जांच के बाद 30 जुलाई 2026 को यह कार्रवाई की। आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इंदौर में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के ठिकानों पर लोकायुक्त के छापे में उनकी संपत्ति 17 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो उनके वेतन से 600 गुना अधिक है। इस दौरान 300 ग्राम सोना और 4 किलो चांदी भी बरामद हुई। उनके बेटों की बिजली उपकरण से संबंधित कंपनियों को ठेकेदारों पर दबाव डालकर लाभ पहुँचाने का आरोप है। शुभम इलेक्ट्रिकल कंपनी के खातों में 62 लाख रुपये मिले हैं। लोकायुक्त ने विभागीय कार्रवाई के लिए बिजली कंपनी को जानकारी भेजी है, और जांच जारी है।
मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त की जांच तेज हो गई है। प्रारंभिक तलाशी के बाद अब तक शिवराम और उनके परिवार द्वारा चल-अचल संपत्तियों पर लगभग 17.12 करोड़ रुपये व्यय किए जाने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले हैं। लोकायुक्त ने आरोपित, उसके परिवार और संबंधित कंपनियों के बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अतिरिक्त, आयकर विभाग, सेबी और बिजली कंपनी से भी विस्तृत जानकारी मांगी गई है। मुरैना में भी 7.51 लाख रुपये की संपत्ति और 50 लाख रुपये मूल्य का मकान सहित अन्य कृषि भूमि का ब्योरा मिला है।
इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना में नौ ठिकानों पर छापेमारी की गई। प्रारंभिक जांच में सेमिल और उनके परिजनों के नाम पर लगभग 7.16 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ, जो उनकी वैध आय से 258 प्रतिशत अधिक है। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।