बुलंद सोच, भोपाल।
भोपाल में एमपी नगर पुलिस ने खुद को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) का अधिकारी बताकर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
आरोपी स्वयं को 2016 बैच का आईपीएस अधिकारी बताता था और सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से पैसे वसूलता था। पुलिस ने उसके पास से फर्जी आईपीएस पहचान पत्र, नकली दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान झांसी निवासी ऋषि कुमार यादव के रूप में हुई है। वह कभी खुद को आईपीएस अधिकारी बताता था तो कभी आयकर विभाग का जॉइंट इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर या इंटेलिजेंस अधिकारी बताकर युवाओं को प्रभावित करता था।
उसका निशाना मुख्य रूप से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्र और नौकरी तलाशने वाले युवा थे। विश्वास जीतने के लिए वह आयकर विभाग समेत विभिन्न सरकारी विभागों के नाम पर फर्जी नियुक्ति और जॉइनिंग लेटर तैयार कराकर देता था।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि करीब एक दर्जन युवाओं से लाखों रुपये की ठगी की गई है।
पीड़ित युवाओं के मुताबिक, लगभग तीन महीने पहले उनकी आरोपी से मुलाकात हुई थी। शुरुआत में उसके पहनावे, बातचीत और दस्तावेजों को देखकर उन्हें उस पर भरोसा हो गया था।
बाद में जब युवाओं ने जॉइनिंग लेटर को ध्यान से देखा, तो उसमें कई स्पेलिंग, वर्तनी और अन्य गलतियाँ मिलीं। इसके बाद उन्हें दस्तावेजों के फर्जी होने का शक हुआ।
शक पुख्ता होने पर पीड़ितों ने एमपी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी आईपीएस आईडी कार्ड, कई नकली दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इनका इस्तेमाल वह खुद को सरकारी अधिकारी साबित करने और युवाओं का भरोसा जीतने के लिए करता था।
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि उसने भोपाल के अलावा अन्य शहरों में भी इसी तरीके से लोगों को ठगी का शिकार बनाया है या नहीं। पुलिस को पूछताछ के दौरान ठगी के और मामलों तथा संभावित पीड़ितों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।

