बुलंद सोच, भोपाल।

शहर में नशा मुक्ति अभियान और सख्ती के दावों के बीच श्यामनगर की स्थिति प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े करती है। यहां के रहवासियों ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के शिविर में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष खुलकर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में खुलेआम शराब और गांजे की बिक्री हो रही है। नशे की चपेट में बच्चे और युवा आ रहे हैं, जिससे इलाके में विवाद और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। महिलाओं ने बताया कि नशे के कारण आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन शिकायतों के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
हबीबगंज क्षेत्र के श्यामनगर में शुक्रवार को आयोजित शिविर में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन और विधायक भगवानदास सबनानी उपस्थित थे। कल्ली बाई सहित अन्य महिलाओं और रहवासियों ने अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे का कारोबार लंबे समय से चल रहा है और इसकी जानकारी पुलिस व जिम्मेदार विभागों को होने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
जन विश्वास शिविर का आयोजन
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान-2026 के तहत शुक्रवार को वार्ड क्रमांक-47 श्याम नगर में शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में कुल 846 नागरिकों ने विभिन्न समस्याओं के लिए आवेदन दिए। लोगों की सुविधा के लिए 14 काउंटर बनाए गए थे, जहां नगर निगम और जिला प्रशासन के 110 अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े 105 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 30 मामलों का मौके पर ही निराकरण कर प्रमाण पत्र जारी किए गए। शेष आवेदनों का परीक्षण कर एक से दो सप्ताह में समाधान किया जाएगा। शिविर में सीवेज, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सड़क मरम्मत, प्रधानमंत्री आवास योजना और संबल योजना से जुड़े मामलों की भी सुनवाई हुई। अधिकारियों ने समय-सीमा में समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया है।
शिविर स्थल पर गंदगी और जर्जर आवास
श्यामनगर के लोगों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए शिविर का आयोजन किया गया था, लेकिन यहां हालात खराब थे। शिविर स्थल पर साफ-सफाई का अभाव होने से गंदगी का अंबार लगा हुआ था। इसके अतिरिक्त, हितग्राहियों को दिए गए आवास लगभग 13 साल से अधिक पुराने हो गए हैं, जिनकी मरम्मत न होने से वे जर्जर हो चुके हैं। ऐसे में यह रहवासियों के लिए खतरनाक बने हुए हैं और लोग मजबूरी में यहां रह रहे हैं। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने स्वयं श्यामनगर की गलियों का दौरा किया और हकीकत से रूबरू हुईं।
रहवासियों की आपबीती
ममता बाई नामक एक रहवासी ने बताया कि मोहल्ले में खुलेआम शराब व गांजा बिक रहा है और उनके 14 साल के बेटे को कोई ‘सॉल्यूशन’ दे देता है, जिससे उसे नशे की लत लग गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस को सब पता है लेकिन सुनवाई नहीं होती है और सुबह से लोग यहां-वहां बैठकर शराब पीते रहते हैं। राखी उइके नामक रहवासी ने शिकायत की कि चौथी मंजिल का चेंबर टूट गया है और बच्चे गिर गए हैं, लेकिन डेढ़ साल से कोई सुधार नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि आवास 10 से 12 साल पुराने हो गए हैं और वर्षा का पानी छत से टपकने लगा है। गूंजा उइके नामक एक अन्य रहवासी ने बताया कि उनके पति का निधन हो गया है, उनका राशनकार्ड बंद है और बच्चों के आधार कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह केंद्रों व कार्यालयों के चक्कर लगा-लगाकर परेशान हो गई हैं और अब यहां उम्मीद लेकर आई हैं। रजनी धुर्वे नामक रहवासी ने बताया कि उनकी शादी को चार-पांच साल हो गए हैं और तब से वह यहां रह रही हैं, लेकिन उनका अब तक मतदाता सूची में नाम नहीं आया है। वह इसी को लेकर आवेदन देने आई थीं।
अधिकारियों के वक्तव्य
अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय शुक्ला ने कहा कि जनविश्वास अभियान का उद्देश्य लोगों को कार्यालयों के चक्कर से मुक्ति दिलाना है। उन्होंने बताया कि अधिकारी स्वयं वार्डों में पहुंचकर समस्याओं का समाधान करेंगे। उन्होंने नशा मुक्ति के लिए पुलिस, प्रशासन और गैर-सरकारी संगठनों को संयुक्त रूप से काम करने का आह्वान किया। संजय शुक्ला ने युवाओं को रोजगार प्रशिक्षण, बच्चों की शिक्षा और संपत्ति रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी जोर दिया। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने आश्वासन दिया कि जनविश्वास शिविरों में मिले आवेदनों का समय-सीमा में पारदर्शी निराकरण किया जाएगा। उन्होंने नाली, पेयजल, दस्तावेज और योजनाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि नशा एक सामाजिक बीमारी है और इससे निपटने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।

