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2026-08-12

एक करोड़ की धोखाधड़ी मामले में बैंक खातों की जांच, फरार बेटे की तलाश

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार आरोपी के बैंक खातों की जांच क्राइम ब्रांच ने शुरू कर दी है। इसके साथ ही, इस धोखाधड़ी में शामिल आरोपी के फरार बेटे की तलाश भी जारी है।

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क्राइम ब्रांच ने 74 वर्षीय आरोपी मनोहर लाल गुप्ता, पिता स्व. उमाशंकर गुप्ता, निवासी जानकी नगर एनएक्स, भंवरकुआं, इंदौर को शनिवार को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।

क्राइम ब्रांच इंदौर ने आरोपी को गुजरात क्षेत्र की डीलरशिप/डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने का झांसा देकर 1 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

क्राइम ब्रांच के अनुसार, आरोपी इंदौर स्थित आई.एच.एल. मेडिकेयर प्राइवेट लिमिटेड और इन्फुटेक हेल्थकेयर लिमिटेड में डायरेक्टर/मुख्य संचालक के रूप में कार्यरत था।

इस संबंध में गुजरात के झालोद, जिला दाहोद निवासी कमलेश अग्रवाल ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में कमलेश अग्रवाल ने बताया कि आरोपियों ने गुजरात क्षेत्र की डीलर/डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने का प्रलोभन देकर उनसे 50-50 लाख रुपये, यानी कुल 1 करोड़ रुपये जमा करवाए थे।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, जुलाई 2022 तक डिस्ट्रीब्यूटर मार्जिन मनी के रूप में लगभग 28.50 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। इसके बाद, आरोपियों ने न तो मार्जिन मनी का भुगतान किया, न व्यापार के लिए माल उपलब्ध कराया और न ही मूल राशि वापस की।

शिकायतकर्ता ने क्राइम ब्रांच को यह भी बताया कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों की ओर से कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।

मामले की जांच के दौरान, क्राइम ब्रांच ने बैंक स्टेटमेंट, लेजर, पत्राचार और अन्य संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की।

जिला अभियोजन कार्यालय से कानूनी राय लेने के उपरांत, पुलिस ने प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला पाया, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।

डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने जानकारी दी कि धोखाधड़ी के इस मामले में क्राइम ब्रांच आरोपियों के बैंक खातों की जांच करेगी। टीम यह जानकारी निकालेगी कि धोखाधड़ी से प्राप्त इन रुपयों का क्या उपयोग किया गया है। साथ ही, यह भी प्रयास किया जाएगा कि फरियादी का पूरा पैसा बरामद कर वापस लौटाया जा सके।

इधर, मामले में आरोपी के फरार बेटे की तलाश के लिए टीमें लगाई गई हैं।