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2026-10-17

अपर ककैटो, ककैटो और पेही बांधों का पानी तिघरा में होगा शिफ्ट

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, ग्वालियर।

प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति के बावजूद, ग्वालियर में कम बारिश के कारण गर्मी में जल संकट का अनुमान है। इस स्थिति से निपटने के लिए अपर ककैटो, ककैटो और पेही बांधों में उपलब्ध पानी को तिघरा बांध में स्थानांतरित करने की कवायद शुरू हो चुकी है।

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तिघरा बांध की वर्तमान स्थिति और अतिरिक्त जल उपलब्धता

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पानी की इस शिफ्टिंग से तिघरा बांध में लगभग दो महीने के अतिरिक्त पानी की व्यवस्था हो सकेगी। हालांकि, इस पानी को तिघरा में पहुंचाने के बाद भी बांध के अपनी पूरी क्षमता तक भरने की संभावना नहीं है। जल संसाधन विभाग के एसडीओ वीरेंद्र यादव ने बताया कि वर्तमान में तिघरा का जलस्तर करीब 728.10 फीट है। बांध में उपयोगी पानी लगभग 1923 एमसीएफटी बताया गया है, जो शहर की मौजूदा खपत के हिसाब से लगभग चार से साढ़े चार महीने के लिए पर्याप्त है। ककैटो समूह के बांधों से पानी शिफ्ट होने पर इसमें करीब दो महीने की और बढ़ोतरी हो सकती है।

तीन बांधों से पानी लाने की तैयारी

अपर ककैटो, ककैटो और पेही बांधों में मौजूद उपयोगी पानी के आंकड़ों के अनुसार, अपर ककैटो में करीब 3.32 एमसीएम, ककैटो में 26.14 एमसीएम और पेही में 9.94 एमसीएम लाइव पानी उपलब्ध है। तीनों को मिलाकर करीब 39.40 एमसीएम पानी उपलब्ध बताया गया है। एसडीओ वीरेंद्र यादव ने बताया कि शिफ्टिंग के बाद करीब 500 से 600 एमसीएफटी पानी तिघरा में आने की संभावना है, जिससे शहर के लिए लगभग दो महीने की अतिरिक्त जल उपलब्धता हो जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल शिफ्टिंग के भरोसे तिघरा को पूरी क्षमता तक नहीं भरा जा सकता।

तिघरा को पूर्ण क्षमता तक भरने के लिए बारिश पर निर्भरता

तिघरा को पूर्ण क्षमता तक भरने के लिए अब भी अच्छी बारिश आवश्यक है। बांध के अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंचने की पूरी संभावना अब बारिश पर निर्भर है। यदि कैचमेंट क्षेत्र में 250 से 300 एमएम तेज बारिश होती है, तो तिघरा में तेजी से पानी की आवक बढ़ सकती है। हालांकि, यदि बारिश नहीं हुई, तो शिफ्टिंग के बावजूद तिघरा पूरी क्षमता तक नहीं भर पाएगा।

आगामी पेयजल जरूरतों की योजना

विभाग के अनुसार, फिलहाल लक्ष्य तिघरा में उपलब्ध पानी को सुरक्षित रखते हुए शहर की आगामी पेयजल जरूरत पूरी करना है। यदि आने वाले समय में जल संकट की स्थिति बनती है, तो पीएचई और नगर निगम के साथ मिलकर नई जल आपूर्ति की योजना बनाई जाएगी। इसमें जरूरत के अनुसार आपूर्ति के अंतराल और उपलब्ध पानी के हिसाब से व्यवस्था तय की जा सकती है।

जून 2024 की स्थिति और भविष्य की चिंता

विभाग के अनुसार, जून 2024 में भी इसी तरह के हालात बने थे और तिघरा बांध में बेहद कम पानी बचा था। लेकिन जून माह के अंत में बारिश शुरू हो गई थी और अच्छी बारिश के बाद कैचमेंट एरिया के जरिए तिघरा में काफी मात्रा में पानी जमा हो गया था, जिससे पानी का संकट टल गया था। हालांकि, इस बार यदि बारिश नहीं होती है, तो पानी के संकट से बचने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा करनी पड़ेगी।