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इंदौर में दिनभर रिमझिम वर्षा, आगामी 3-4 दिन भी जारी रहने के आसार

इंदौर में बुधवार को दिनभर बादल छाए रहे और हल्की वर्षा दर्ज की गई। रीगल क्षेत्र में 20.25 मिमी और एयरपोर्ट क्षेत्र में 18.7 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। मौसम विज्ञानियों ने अगले तीन से चार दिनों तक इंदौर शहर और संभाग में रुक-रुककर हल्की वर्षा जारी रहने का अनुमान लगाया है। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र और दक्षिण मध्य प्रदेश में सक्रिय शियर जोन इस मौसम परिवर्तन के मुख्य कारण हैं।

सीहोर जिले में 24 घंटे में 3.96 इंच बारिश, नदी-नाले उफान पर, गांवों का संपर्क टूटा

सीहोर जिले में रविवार सुबह से सोमवार रात तक हुई मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए, 24 घंटे में 3.96 इंच बारिश दर्ज की गई। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया और घरों-दुकानों में पानी घुसने से नुकसान हुआ। श्यामपुर क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बने, जहां कुलांसी नदी उफान पर आने से एक दर्जन गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ। चरनाल गांव में बड़े नुकसान की आशंका है, जबकि सीहोर शहर में रिटर्निंग वाल ने बड़े जलभराव को रोका। प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी की घोषणा की है और लोगों से उफनती नदियों को पार न करने की अपील की है।

जबलपुर समेत संभाग के जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 20 अगस्त तक जारी रहेगा सिलसिला

जबलपुर और संभाग के जिलों में मानसून फिर सक्रिय हो गया है, शनिवार रात से शुरू हुई बारिश रविवार को भी जारी रही। मौसम विभाग ने 20 अगस्त तक हल्की से भारी बारिश का अनुमान जताया है। उत्तर ओडिशा पर बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ के सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है। रविवार को 7 मिमी बारिश के साथ कुल मानसून वर्षा 346 मिमी दर्ज हुई, जो पिछले साल की तुलना में काफी कम है। शहर के कई इलाकों में जलभराव और कीचड़ से आवागमन प्रभावित हुआ। पिछले दो दिनों में अधिकतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।

मध्य प्रदेश में औसत से 19 प्रतिशत कम वर्षा, इंदौर संभाग के अधिकांश जिले प्रभावित

मध्य प्रदेश में इस वर्ष मानसून की स्थिति औसत से 19 प्रतिशत कम वर्षा के साथ बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इंदौर संभाग के अधिकांश जिले, बुरहानपुर, खरगोन और देवास को छोड़कर, औसत से कम वर्षा से प्रभावित हैं। इंदौर जिले में औसत से 10 प्रतिशत और इंदौर शहर में 133.2 मिमी कम बारिश हुई है। वर्तमान में उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश पर एक कम दबाव का क्षेत्र और अन्य मौसम प्रणालियाँ सक्रिय हैं, जिससे पूर्वी मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश हो रही है।

भोपाल में भारी बारिश से जलभराव: सड़कें बंद, स्कूल अवकाश घोषित

भोपाल में देर रात से जारी तेज बारिश के कारण शिवनगर कॉलोनी सहित कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं और घरों में पानी घुस गया। भोपाल-बैरसिया मार्ग समेत कई प्रमुख रास्ते बंद कर दिए गए। कलेक्टर के निर्देश पर नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है, हालांकि शिक्षकों को स्कूल पहुंचना होगा। मंत्री विश्वास सारंग ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत सामग्री पहुंचाने और नाले-नालियों की सफाई के निर्देश दिए। जलभराव ने शहर की निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

सागर जिले में सामान्य से 63 प्रतिशत कम बारिश; बीना में पौने 4 इंच वर्षा दर्ज

सागर जिले में अब तक सामान्य से 63 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जहां इस सीजन में कुल 455 मिमी (17.9 इंच) वर्षा हुई है, जबकि सामान्य बारिश 1230.5 मिमी है। पिछले 24 घंटों में बीना में पौने 4 इंच और राहतगढ़ में 3 इंच बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश के ऊपर से गुजर रही ट्रफ लाइन और पश्चिम बंगाल पर बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण आगामी दिनों में तेज बारिश की संभावना है। पिछले साल 10 अगस्त तक 32.3 इंच बारिश हुई थी, जो इस वर्ष की तुलना में 44 प्रतिशत अधिक थी।

इंदौर में रात से लगातार बारिश, तापमान गिरा, फसलों को मिली संजीवनी

इंदौर शहर में रविवार रात से लगातार बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और मौसम में ठंडक बढ़ी है। इस वर्षा से निचले इलाकों में जलजमाव और स्कूलों में कम उपस्थिति देखी गई। कृषि विशेषज्ञों ने इसे धान और सोयाबीन जैसी फसलों के लिए लाभकारी बताया है, जिन्हें पिछले 15 दिनों से बारिश की कमी का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, इंदौर को अभी भी औसत वार्षिक वर्षा कोटा पूरा करने के लिए लगभग 22 इंच बारिश की आवश्यकता है। मध्य प्रदेश में भी अब तक औसतन 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है, और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश का अनुमान जताया है।

मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश: राजगढ़ में कार बहने से 9 की मौत, भोपाल में चार साल बाद रिकॉर्ड वर्षा

मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। राजगढ़ जिले में नाले में कार बहने से उसमें सवार 11 लोगों में से 9 के शव बरामद किए गए हैं। राजधानी भोपाल में सोमवार रात चार साल बाद रिकॉर्ड 175.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर के निचले इलाकों और प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के अनुसार, यह इस सीजन की सबसे तेज बारिश थी। प्रदेश में दो मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं, जिससे 14 अगस्त तक हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहने की संभावना है। विदिशा, सीहोर, रायसेन और गुना सहित अन्य जिलों में भी नदियां उफान पर हैं और जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

भोपाल में भारी बारिश से स्कूलों में जलभराव, अवकाश आदेश में देरी से विद्यार्थी और शिक्षक प्रभावित

राजधानी भोपाल में सोमवार को भारी बारिश के कारण स्कूलों में जलभराव हुआ। भोपाल कलेक्टर के निर्देश पर नर्सरी से 12वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया, लेकिन आदेश में देरी से कई विद्यार्थी स्कूल पहुंच गए। ईंटखेड़ी और बैरसिया जैसे निचले इलाकों के स्कूलों में घुटनों तक पानी भर गया। ई-अटेंडेंस के कारण शिक्षकों को जलभराव के बीच भी स्कूल जाना पड़ा, हालांकि बाद में जलभराव वाले स्कूलों को ई-अटेंडेंस से छूट दी गई।

मध्य प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, SDRF और होमगार्ड ने 98 लोगों को बचाया

मध्य प्रदेश में पिछले दो दिनों से हो रही तेज बारिश के कारण कई अंचलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिससे नदी-नाले उफान पर हैं। राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (एसडीईआरएफ) और होमगार्ड की टीमों ने कुल 98 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। होमगार्ड की महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के अनुसार, 10 अगस्त को जलभराव और बाढ़ में फंसे नागरिकों की सूचना मिलने पर बचाव अभियान चलाए गए। इन अभियानों में सात गोवंश और चार पालतू पशुओं को भी बचाया गया। सीहोर के पास एक गर्भवती महिला और उसके तीन स्वजनों को भी रबर बोट से सुरक्षित निकाला गया, जबकि विदिशा, खंडवा और राजगढ़ में भी बचाव कार्य हुए।