इंदौर में सुबह से बादल छाए रहे और रुक-रुककर वर्षा का दौर जारी रहा, जिससे गर्मी व उमस से राहत मिली। मंगलवार को अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, विभिन्न मौसम प्रणालियों के चलते इंदौर में 22 और 23 जुलाई को हल्की वर्षा तथा 24 जुलाई को तेज वर्षा की संभावना है। प्रदेश के गुना, श्योपुरकलां समेत 19 जिलों में 21 और 22 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है, वहीं 24 जुलाई को इंदौर सहित कई जिलों में तेज वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
मध्य प्रदेश में दो से तीन सप्ताह की सुस्ती के बाद मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ी है। पिछले 24 घंटे में भोपाल, जबलपुर सहित 30 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश हुई, राजगढ़ में सर्वाधिक 4.1 इंच वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटे तक कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है। हालांकि, प्रदेश में अब भी 17 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। राजधानी भोपाल में भी मंगलवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस से राहत मिली।
मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से वर्षा का घाटा बढ़कर 16 प्रतिशत हो गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के 39 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है, जिनमें अनूपपुर, बालाघाट, जबलपुर और सागर जैसे जिले शामिल हैं। भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार, अब तक 261.4 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्यतः 311.8 मिमी होनी चाहिए थी। मौसम विभाग ने जुलाई के अंतिम सप्ताह में मजबूत मौसम तंत्र सक्रिय होने से अच्छी बारिश की उम्मीद जताई है, जिससे वर्षा की कमी पूरी हो सकती है।