बुलंद सोच, इंदौर।
देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट, इंदौर की विस्तार योजना वर्षों से कागजों में ही तैयार हो रही है, परंतु धरातल पर इसका क्रियान्वयन नहीं हो रहा है।
टर्मिनल और रनवे की लंबाई बढ़ाने की योजना को पूरा करने के लिए भूमि की आवश्यकता है, लेकिन सर्वेक्षण प्रक्रिया के बावजूद एयरपोर्ट को अब तक जमीन नहीं मिल पाई है। इस कारण नए टर्मिनल का निर्माण और रनवे विस्तार की योजना अधूरी है।
एयरपोर्ट के विस्तार के लिए कुल 143 एकड़ जमीन की आवश्यकता है, और यह योजना दो चरणों में तैयार की गई है।
पहले चरण में, 2754 मीटर लंबे रनवे को बढ़ाकर 3500 से 4000 मीटर लंबा किया जाना है, ताकि बड़े विमान उतर सकें। साथ ही विमान पार्किंग की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी, जो वर्तमान में 26 विमानों की है। इस चरण के लिए 89 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी।
दूसरे चरण में, 54 एकड़ जमीन की जरूरत होगी, जिसमें टर्मिनल का विस्तार और अन्य सुविधाएं जुटाई जानी हैं।
एयरपोर्ट पीआरओ रामस्वरूप यादव ने बताया कि शासन स्तर से जमीन आवंटन की प्रक्रिया जारी है। जमीन आवंटित होते ही विकास के कार्य शुरू किए जाएंगे।
विस्तार के लिए सिंहासा, नैनोद और सिरपुर क्षेत्र की जमीनों का सर्वेक्षण किया गया था। प्रशासन ने ड्रोन सर्वेक्षण और भौतिक सत्यापन दोनों के बाद जमीन का प्रस्ताव तैयार कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
तैयार टर्मिनल-1 का संचालन लंबित
एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल तैयार होने तक उपयोग के लिए बंद हो चुके पुराने टर्मिनल का नवनिर्माण किया गया था, जो बनकर तैयार है, लेकिन चार माह बाद भी इससे उड़ानें शुरू नहीं हो सकी हैं।
पुराने टर्मिनल का नवनिर्माण करने के बाद इसका लोकार्पण चार माह पहले किया गया था, परंतु सुरक्षा स्टाफ नहीं मिलने के कारण यह तैयार होने के बावजूद इससे उड़ानें शुरू नहीं की जा सकी हैं।
यहां यात्रियों के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं जुटाई गई हैं, जिनमें 14 टिकट काउंटर से लेकर लगेज जांच और यात्री प्रतीक्षालय की सुविधा भी शामिल है। इसके शुरू होने से प्रति घंटा 600 यात्रियों की आवाजाही हो सकेगी।
अन्य विकास कार्य और भविष्य की योजनाएँ
वर्तमान में बिजासन के नीचे मिली जमीन पर निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जहां सड़क बनाकर वाहनों के प्रवेश और निकासी व्यवस्था को सुगम बनाया जाएगा।
वाहनों की प्रवेश-निकासी अलग-अलग करने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, और वर्षाकाल के बाद इसका निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इससे वाहनों का आगमन और निकासी सुगम होगी, वहीं वर्तमान टर्मिनल के सामने भी स्थान मिल सकेगा।
एयरपोर्ट पर बीते वर्षों में नया एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टॉवर और फायर स्टेशन के नए भवन बनाए गए थे।
विस्तार के बाद टर्मिनल की प्रतिवर्ष यात्री क्षमता 40 लाख से बढ़कर एक करोड़ हो जाएगी।
वर्तमान में प्रतिदिन 11 हजार यात्री सफर कर रहे हैं, जो विस्तार के बाद 20 से 25 हजार हो जाएगी।
विमानों की पार्किंग सुविधा 26 से बढ़ाकर 54 की जानी है।
ढाई सौ वाहनों की वर्तमान पार्किंग क्षमता को बढ़ाया जाएगा और मल्टी लेयर पार्किंग बनेगी।

