मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए। इसमें वीरांगना रानी दुर्गावती और रानी अवंती बाई लोधी पुरस्कार की राशि 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपए की गई। प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए ₹44,515.13 करोड़ का बजट मंजूर हुआ, जिसमें NHM और आयुष्मान भारत के लिए धनराशि शामिल है। जबलपुर कृषि विश्वविद्यालय को ₹795.95 करोड़ स्वीकृत किए गए। इसके साथ ही, वनोपज लाभांश वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए नियमों में बदलाव किया गया, जिसमें स्थानीय निवासियों और श्रमिकों को ही लाभांश मिलेगा।
भोपाल के संत हिरदाराम नगर में निर्माणाधीन एलिवेटेड ब्रिज का काम धीमी गति से चल रहा है, जिससे बाजार में यातायात अव्यवस्थित है। व्यापारियों को आगामी त्यौहारी सीजन में कारोबार प्रभावित होने की चिंता सता रही है। 93 पिल्लरों वाले इस डबल डेकर ब्रिज पर दो माह में केवल 12 पिल्लरों पर ही कंक्रीट विंग लग पाए हैं। थोक वस्त्र व्यवसाय संघ के अध्यक्ष कन्हैया इसरानी ने निर्माण कंपनी से व्यापारियों की चिंताओं पर ध्यान देने का आग्रह किया है।
इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट की विस्तार योजना भूमि आवंटन न होने के कारण अधूरी है। नए टर्मिनल का निर्माण और रनवे विस्तार का कार्य रुका हुआ है, जिसके लिए 143 एकड़ जमीन की आवश्यकता है। रनवे को 2754 मीटर से बढ़ाकर 3500-4000 मीटर किया जाना है। वहीं, नवनिर्मित पुराना टर्मिनल, जो चार माह पहले तैयार हो चुका है, सुरक्षा स्टाफ की कमी के कारण अभी तक चालू नहीं हो पाया है। इसके शुरू होने से प्रति घंटा 600 यात्रियों की आवाजाही हो सकेगी।
उज्जैन के तीन प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र, कालभैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर और महर्षि सांदीपनि आश्रम, सिंहस्थ-2028 से पहले 453.41 करोड़ रुपये की लागत से नए रूप में विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य मंदिरों के जीर्णोद्धार, संरक्षण और सौंदर्यीकरण के साथ-साथ श्रद्धालु अनुभव को बेहतर बनाना है, जिसमें वेटिंग एरिया, पार्किंग और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। कालभैरव में 164.50 करोड़, मंगलनाथ में 123.90 करोड़ और सांदीपनि आश्रम में 165.01 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे सिंहस्थ में व्यवस्थित आध्यात्मिक यात्रा सुनिश्चित की जा सके।
उज्जैन को भगवान श्रीकृष्ण की वैश्विक आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके तहत उज्जैन विकास प्राधिकरण इंदौर रोड पर शिप्रा नदी के तट पर 151 फीट ऊंची भगवान श्रीकृष्ण की ‘विश्वरूप’ स्वरूप मूर्ति स्थापित करेगा। इस पर थ्रीडी प्रोजेक्शन शो भी आयोजित होगा, जिसके लिए 220 करोड़ रुपये का टेंडर जारी हुआ है। यह परियोजना धार्मिक, सांस्कृतिक और नाइट टूरिज्म को नया आयाम देगी, साथ ही महाकाल लोक और सांदीपनि आश्रम को जोड़कर एक धार्मिक-पर्यटन सर्किट का हिस्सा बनेगी। इसका डिजाइन प्रसिद्ध आर्किटेक्ट डॉ. अनिल राम सुतार तैयार कर रहे हैं।
पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल में इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के तहत सुरंग निर्माण कार्य तेजी से जारी है। 03 अगस्त 2026 तक की प्रगति के अनुसार, 2957 मीटर लंबी सुरंग में लाइनिंग का कार्य पूरा हो चुका है। इसके बाद बैलास्टलेस ट्रैक बिछाने का काम प्रगति पर है, जिसमें 1216 मीटर ट्रैक का निर्माण पूर्ण हो चुका है। जल निकासी, कट एंड कवर सेक्शन और आधुनिक सुरक्षा तंत्र जैसे वेंटिलेशन डक्ट तथा एग्जॉस्ट फैन लगाने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। यह परियोजना मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच रेल संपर्क को मजबूत करेगी, जिससे यात्री और माल परिवहन को लाभ मिलेगा।
मध्य प्रदेश का पहला सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ का निर्माण कार्य इंदौर के बाणगंगा स्थित मानसिक चिकित्सालय में 22 करोड़ 23 लाख रुपए की लागत से हो रहा है, जो 4 साल बाद भी अधूरा है। यह परियोजना 2 साल में पूरी होनी थी। वर्तमान में अतिरिक्त बजट की आवश्यकता, संशोधित अनुमान की स्वीकृति का इंतजार और फंड की कमी के कारण काम रुका हुआ है। पहले भी यह प्रोजेक्ट तीन बार ठप हो चुका है। केंद्र और राज्य सरकार की 60:40 वित्तीय भागीदारी में राज्य के हिस्से की राशि जारी होने में देरी भी एक कारण है।
महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाली 309 किलोमीटर लंबी मनमाड़-इंदौर नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। इस परियोजना के लिए कुल 349.7890 हेक्टेयर वन भूमि की आवश्यकता चिन्हित की गई है, जिसके हस्तांतरण की प्रक्रिया विभागीय स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रही है। मनमाड़-इंदौर रेल संघर्ष समिति के प्रमुख मनोज मराठे ने इसे निमाड़, मालवा और उत्तर महाराष्ट्र की वर्षों पुरानी मांग बताया। परियोजना से क्षेत्र को सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। समिति ने शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ करने का आग्रह किया है।
धार रोड पर चंदन नगर फ्लायओवर परियोजना की सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई है। फ्लायओवर के रास्ते में आ रही पानी और सीवरेज की पाइपलाइनों को हटाने के लिए नगर निगम ने टेंडर फाइनल कर दिया है। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने इस कार्य के लिए नगर निगम को लगभग 3 करोड़ रुपए दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, अगले 15 दिन में वर्क ऑर्डर जारी होगा और मानसून के बाद अगस्त में मैदानी काम शुरू होगा। आईडीए ने फ्लायओवर निर्माण के लिए एक वर्ष की समय सीमा तय की है, जिसका लक्ष्य सिंहस्थ से पहले पूरा करना है, ताकि उज्जैन ट्रैफिक को सुगम मार्ग मिल सके।
उज्जैन में सिंहस्थ के लिए बन रहे जीवनखेड़ी-सिकंदरी फोरलेन मार्ग का निर्माण मुआवजा विवाद के कारण रुका हुआ है। किसान आपसी क्रय नीति-2014 में भू-अर्जन अधिनियम के समान चार गुना मुआवजे की मांग कर रहे हैं, जबकि उन्हें केवल दो गुना मुआवजा मिल रहा है। स्थानीय प्रशासन ने राज्य सरकार से नीति में बदलाव का आग्रह किया है ताकि मुआवजे में समानता आए और 17 करोड़ रुपये की यह महत्वपूर्ण परियोजना फिर से शुरू हो सके। 2 किलोमीटर लंबी यह फोरलेन सिंहस्थ यातायात के लिए अहम है और 84 किसानों की जमीन प्रभावित कर रही है।