बुलंद सोच, इंदौर।

इंदौर के पाटनीपुरा मेनरोड पर बुधवार दोपहर गणेश उत्सव के लिए लगाया गया एक बड़ा होर्डिंग अचानक गिर गया। इस हादसे में श्रेय शर्मा नामक युवक घायल हो गया, जिसके कंधे के पीछे और सिर में चोटें आई हैं। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों ने हादसे के बाद गिरे हुए होर्डिंग को हटाया।
जानकारी के अनुसार, यह बड़ा गेट और होर्डिंग गोल स्कूल में होने वाले गणेश चतुर्थी आयोजन के लिए पाटनीपुरा मेनरोड पर लगाया गया था। श्रेय के पिता राजेश शर्मा ने बताया कि उनका बेटा चौराहे पर कुछ सामान लेने गया था और वहां से रोड नंबर-28 स्थित अपने घर लौट रहा था, तभी होर्डिंग गिरने से वह उसकी चपेट में आ गया। श्रेय के परिवार का साउंड लगाने का काम है।
अवैध होर्डिंग के खिलाफ अनशन
पाटनीपुरा मेनरोड पर गिरे होर्डिंग समेत शहर में लगे अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर के खिलाफ प्रहलाद पांडेय और उनकी पत्नी संगीता पांडेय प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रहलाद पांडेय रीगल चौराहे स्थित गांधी प्रतिमा के नीचे पिछले आठ दिन से अनशन पर बैठे हैं। अब उनकी पत्नी संगीता पांडेय भी नगर निगम के गेट के बाहर अनशन पर बैठ गई हैं। संगीता पांडेय हाथ में ‘अवैध बैनर पोस्टर हटाओ, इंदौर को स्वच्छ बनाओ’ लिखा बैनर लेकर बैठी हैं। उनके अनशन को कई लोगों का समर्थन भी मिल रहा है।
प्रहलाद पांडेय ने बताया कि उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई थी और अस्पताल ले जाने के बाद भी दर्द बना रहा। उनका ब्लड शुगर भी कम है, लेकिन उन्होंने इलाज कराने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक अवैध होर्डिंग और बैनर नहीं हटाए जाते, तब तक वे इलाज नहीं कराएंगे। पांडेय ने पाटनीपुरा में होर्डिंग गिरने की जानकारी मिलने की बात कही और बताया कि जिस होर्डिंग के गिरने की बात सामने आई है, उसकी शिकायत भी पहले की गई थी। उन्होंने कहा कि नगर निगम और प्रशासन को ऐसी स्थिति पैदा ही नहीं होने देनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेले और फुटपाथ पर कार्रवाई के लिए प्रशासन स्वतः संज्ञान लेता है, लेकिन किसी व्यक्ति की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती। पांडेय ने यह भी आरोप लगाया कि रसूखदार लोगों के होर्डिंग और बैनर पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
संगीता पांडेय ने कहा कि अवैध होर्डिंग लोगों के लिए खतरा हैं। उन्होंने नगर निगम में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उनके मुताबिक शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि अधिकारियों को हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अवैध स्वागत द्वार, बैनर और पोस्टर हटाने चाहिए। संगीता ने बताया कि उनके पति को गांधी प्रतिमा के नीचे अनशन करते हुए आठ दिन हो गए हैं, इस दौरान उनका लगभग सात किलो वजन कम हो गया है और शुगर लेवल भी घट रहा है। उन्होंने कहा कि पति की सेहत पर असर पड़ रहा है, लेकिन निगम से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। संगीता पांडेय ने कहा कि उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि कार्रवाई चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक नगर निगम ठोस कार्रवाई नहीं करता, उनका अनशन जारी रहेगा और यदि उनके पति को कुछ होता है, तो इसके लिए महापौर, नगर निगम कमिश्नर और कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि वीआईपी के आने पर रातोंरात सफाई कर दी जाती है, लेकिन अवैध होर्डिंग और बैनर हटाने पर कार्रवाई नहीं हो रही। दंपती की मांग है कि शहर में लगे अवैध स्वागत द्वार, बैनर और पोस्टर हटाए जाएं। बुधवार को पाटनीपुरा में होर्डिंग गिरने से युवक के घायल होने के बाद उनका यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
इंदौर में अवैध बैनर, पोस्टर और होर्डिंग के खिलाफ रीगल चौराहे स्थित गांधी प्रतिमा के नीचे पिछले सात दिनों से जल-अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता प्रह्लाद पांडेय से मंगलवार शाम प्रशासनिक अधिकारियों ने चर्चा की थी। शाम करीब सात बजे एसडीएम धनगर धरना स्थल पर पहुंचे थे। उनके साथ नगर निगम के रिमूवल विभाग के अधिकारी बबलू कल्याणे और स्वास्थ्य विभाग की एक महिला चिकित्सक भी मौजूद थीं।

