बुलंद सोच, इंदौर।

इंदौर आरटीओ (MP-09) में वाहनों के खास और फैंसी नंबरों की ई-नीलामी में एक अनोखा रिकॉर्ड बना है। 2022 में ऑनलाइन ऑक्शन शुरू होने के बाद यह पहली बार हुआ कि गुरुवार शाम 5 बजे बंद होने वाली बोली लगातार चलते रहने के कारण 5:58 बजे (58 मिनट अतिरिक्त) तक जारी रही।
श्रावण मास और आगामी त्योहारों जैसे रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और गणेशोत्सव को देखते हुए ‘MP09 BV’ सीरीज में कुल 108 फैंसी नंबरों पर बोली लगी। सामान्यतः आम दिनों में 80 से 90 नंबरों के लिए ही आवेदन आते हैं।
प्रमुख फैंसी नंबरों की बिक्री
इस नीलामी में ‘0001’ नंबर 1.68 लाख रुपये में बिका, जिसका बेस प्राइस 1 लाख रुपये था।
‘0007’ नंबर 75,000 रुपये में, और ‘5555’ नंबर 66,000 रुपये में बिका।
‘0002’, ‘0005’, और ‘0009’ नंबर प्रत्येक 50,000 रुपये में बिके, जिनका बेस प्राइस भी 50 हजार रुपये था।
अन्य नंबरों में ‘1111’ 35,500 रुपये में, ‘0900’ 29,500 रुपये में, ‘0021’ 29,000 रुपये में, ‘9999’ 28,000 रुपये में और ‘7777’ 25,000 रुपये में बिके।
वीआईपी नंबरों का बेस प्राइस
वीआईपी नंबरों के बेस प्राइस की श्रेणी के अनुसार, ‘0001’ नंबर का बेस प्राइस 1 लाख रुपये है।
‘0002’ से ‘0009’ तक के नंबरों का बेस प्राइस 50,000 रुपये निर्धारित है।
‘0010’ से ‘0099’ तक के नंबरों का बेस प्राइस 25,000 रुपये और ‘0100’ से ‘0999’ तक के नंबरों का बेस प्राइस 15,000 रुपये है।
आरटीओ की हर नई सीरीज में 419 से 429 वीआईपी या खास नंबरों को नीलामी की श्रेणी में रखा जाता है।
'0001' नंबर का ऐतिहासिक क्रेज
इंदौर आरटीओ में ‘0001’ नंबर का क्रेज हमेशा से रहा है। पूर्व में यह नंबर उच्चतम बोली में 14 लाख रुपये तक में बिका है।
यह नंबर कई बार 2.5 लाख रुपये से 9 लाख रुपये तक में भी बिका है।
एक बार फोर-व्हीलर श्रेणी में कोई आवेदन न आने पर टू-व्हीलर के आवेदक को यह नंबर केवल 10 हजार रुपये (बेस प्राइस) में मिल गया था।
वाहन नंबर ट्रांसफर की नई व्यवस्था
मध्यप्रदेश परिवहन विभाग वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर ला रहा है। अब वाहन बदलते समय पसंदीदा, लकी या स्टेटस सिंबल वाला पुराना नंबर खोने की चिंता समाप्त हो जाएगी।
विभाग एक ऐसी सरल व्यवस्था बना रहा है, जिससे वाहन मालिक अपने पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर अपनी नई गाड़ी पर आसानी से ट्रांसफर करवा सकेंगे।
पुरानी स्क्रैप पॉलिसी और नई प्रक्रिया
पुराने वाहन का नंबर नई गाड़ी पर लेने की सुविधा स्क्रैप पॉलिसी के तहत पहले से मौजूद है।
हालांकि, इसकी प्रक्रिया अत्यंत जटिल और समय लेने वाली है, जिस कारण बहुत कम लोग ही इसका लाभ उठा पाते हैं।
परिवहन विभाग अब इस पूरी प्रक्रिया को सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने जा रहा है।
लाभार्थी और आरटीओ पोर्टल अपडेट
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ उन लोगों को मिलेगा जो वीआईपी, लकी या स्टेटस नंबर रखने के शौकीन हैं और अपनी हर नई गाड़ी पर वही खास पहचान बनाए रखना चाहते हैं।
आरटीओ इंदौर में वाहन पोर्टल पर पंजीयन शुरू हो गया है। बिना बिके वीआईपी नंबर 7 हजार रुपये में लेने के लिए इंतजार करना होगा।

