बुलंद सोच, इंदौर।
मास्टर प्लान के तहत मधुमिलन चौराहा से छावनी पुल तक किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण में बाधक मथुरावाला बिल्डिंग सहित दो भवनों पर शुक्रवार को नगर निगम की रिमूवल टीम ने कार्रवाई की। मथुरावाला बिल्डिंग को दो तरफ से तोड़ा गया, जिसमें एक तरफ चार फीट और दूसरी तरफ दो फीट निर्माण सड़क चौड़ीकरण में बाधक था। इसी बिल्डिंग के सामने स्थित एक अन्य भवन का बाधक हिस्सा भी हटाया गया। यह कार्रवाई करीब पांच घंटे चली। विवाद की आशंका के चलते भारी पुलिस बल पहले ही तैनात कर दिया गया था, हालांकि कोई विवाद नहीं हुआ। भवन स्वामी ने चौड़ीकरण का विरोध करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे गुरुवार को कोर्ट ने निरस्त कर दिया था। इसके बाद शुक्रवार सुबह निगम का अमला कार्रवाई करने पहुंचा। मास्टर प्लान की इस सड़क के चौड़ीकरण में बाधक ज्यादातर निर्माण चार माह पहले ही हटाए जा चुके हैं।
कार्रवाई का विवरण
गुरुवार देर शाम कोर्ट से हरी झंडी मिलते ही निगम ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी थी। देर शाम रिमूवल टीम के अधिकारी-कर्मचारियों को सूचना दी गई थी कि उन्हें शुक्रवार सुबह सीधे छावनी चौराहा पहुंचना है। सुबह करीब सात बजे तक रिमूवल टीम के सदस्य मौके पर पहुंच चुके थे। टीम ने मथुरावाला बिल्डिंग और सामने स्थित भवन के रोड चौड़ीकरण में बाधक हिस्से को हटाना शुरू किया। ऊंचाई अधिक होने की वजह से निगमकर्मियों ने पहले बगैर मशीन के हाथ से बाधक निर्माण हटाना शुरू किया, इसके बाद मशीनों की मदद से बाधक हिस्से तोड़े गए। मथुरावाला बिल्डिंग का छावनी मुख्यमार्ग पर करीब चार फीट बाधक हिस्सा हटाया गया, जबकि इसी बिल्डिंग का मंडी तरफ का करीब दो फीट हिस्सा हटाया गया है। यह बिल्डिंग पांच मंजिला है। इसके अलावा सामने स्थित एक मकान का छज्जा भी चौड़ीकरण में बाधक था, उसे भी हटाया गया। कुछ और बाधक निर्माण के कुछ हिस्से भी हटाए गए।
सड़क चौड़ीकरण योजना
इससे पहले नगर निगम ने चार माह पहले मई में छावनी क्षेत्र में रोड चौड़ीकरण के लिए रिमूवल कार्रवाई की थी, जिसके बाद सड़क का काम शुरू हुआ था। छावनी क्षेत्र में कई मकान और प्रतिष्ठान सौ साल से भी ज्यादा पुराने हैं। मई में की गई कार्रवाई के दौरान इनमें से कई मकानों के बड़े हिस्से हटाए जा चुके हैं। मास्टर प्लान में छावनी सड़क की चौड़ाई 24 मीटर यानी 80 फीट प्रस्तावित है। नगर निगम ने इसी हिसाब से बाधक निर्माण पर निशान भी लगाए थे। हालांकि, जनप्रतिनिधि ही इसके विरोध में उतर आए थे। बाद में सड़क की चौड़ाई 60 फीट रखने पर रहवासियों और निगम के बीच सहमति बनी। फिलहाल 60 फीट चौड़ाई के हिसाब से ही सड़क बनाई जा रही है। मधुमिलन चौराहा से छावनी पुल तक 870 मीटर लंबी इस छावनी सड़क की अनुमानित लागत लगभग दस करोड़ रुपये है।
अधिकारी का बयान
अपर आयुक्त नगर निगम इंदौर, प्रखर सिंह ने बताया कि छावनी सड़क चौड़ीकरण में बाधक ज्यादातर निर्माण हटाए जा चुके हैं। सिंह के अनुसार, शुक्रवार की कार्रवाई के बाद सड़क निर्माण में और तेजी आएगी। उन्होंने यह भी बताया कि कोर्ट द्वारा भवन स्वामी की याचिका निरस्त करने के बाद निगम ने कार्रवाई की जो बगैर विवाद संपन्न हो गई।

