मध्य प्रदेश सरकार ने अगले पांच वर्षों में 88,634 करोड़ रुपये की लागत से 29,682 किलोमीटर सड़कों के विकास और अपग्रेडेशन का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि यह ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप है। इसी क्रम में, भोपाल-विदिशा दो लेन मार्ग को 1,757 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन किया जाएगा, जिसमें तीन बायपास शामिल होंगे। यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर क्रियान्वित होगी और धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन के लिए भी महत्वपूर्ण है। प्रदेश के अन्य मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों में भी सड़क नेटवर्क मजबूत किया जा रहा है, और 41 परियोजनाओं के लिए डीपीआर तैयार किए जा रहे हैं।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत खंडवा की नागचून हवाई पट्टी को मिनी एयरपोर्ट में विकसित करने का निर्णय लिया है। यह हवाई पट्टी सिंगरौली सहित प्रथम चरण में शामिल पांच जिलों की हवाई पट्टियों में से एक है जिसका उन्नयन किया जाएगा। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने इसके नवीनीकरण और सुंदरीकरण के लिए ज्ञापन सौंपा था। इस विकास से खंडवा में व्यापार, पर्यटन और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को गति मिलने की उम्मीद है, हालांकि रनवे की लंबाई और हाईटेंशन लाइनों जैसी चुनौतियां भी मौजूद हैं।
उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में प्रमुख दोपहिया वाहन निर्माता टीवीएस ने 300 एकड़ भूमि की मांग कर बड़े निवेश में रुचि दिखाई है। कंपनी एमपीआईडीसी से विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए यह भूमि चाहती है। यह प्रस्ताव उद्योगपुरी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे उज्जैन प्रदेश के प्रमुख विनिर्माण केंद्रों में और मजबूत होगा। उद्योगपुरी में अब तक 115 उद्यमियों को भूखंड आवंटित हुए हैं और 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सामाजिक अधोसंरचना और मेडिकल डिवाइस पार्क का भी तेजी से विकास हो रहा है, जिससे हजारों रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल में इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के तहत सुरंग निर्माण कार्य तेजी से जारी है। 03 अगस्त 2026 तक की प्रगति के अनुसार, 2957 मीटर लंबी सुरंग में लाइनिंग का कार्य पूरा हो चुका है। इसके बाद बैलास्टलेस ट्रैक बिछाने का काम प्रगति पर है, जिसमें 1216 मीटर ट्रैक का निर्माण पूर्ण हो चुका है। जल निकासी, कट एंड कवर सेक्शन और आधुनिक सुरक्षा तंत्र जैसे वेंटिलेशन डक्ट तथा एग्जॉस्ट फैन लगाने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। यह परियोजना मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच रेल संपर्क को मजबूत करेगी, जिससे यात्री और माल परिवहन को लाभ मिलेगा।
इंदौर मेट्रो के भूमिगत सफर की तैयारी शुरू हो गई है, जिसमें थाईलैंड से आई टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) का असेंबल किया जा रहा है। यह 1000 टन वजनी अत्याधुनिक मशीन एक महीने बाद जमीन से 20 मीटर नीचे उतरेगी और 24 घंटे लगातार काम करते हुए प्रतिदिन 20 मीटर तक सुरंग तैयार करेगी। टीबीएम की खासियत यह है कि यह खुदाई के साथ ही सुरंग की मजबूत कंक्रीट की दीवारें भी बनाती जाएगी, जिससे निर्माण कार्य तेजी से पूरा होगा और सुरंग सुरक्षित व टिकाऊ बनेगी। इंदौर में कुल 12 किलोमीटर मेट्रो भूमिगत रहेगी, जिसका काम 4-5 साल में पूरा होने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश में 31,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 6 से 8 लेन का ‘नर्मदा प्रगति पथ’ विकसित किया जाएगा। यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे नर्मदा नदी के किनारे बनेगा और राज्य के 11 प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी छोर आपस में जुड़ेंगे। यह मार्ग गुजरात और छत्तीसगढ़ के बीच सीधी कनेक्टिविटी भी स्थापित करेगा। कुल 906 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे प्रशासनिक, धार्मिक और पर्यटन केंद्रों को जोड़ेगा और 30 राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ेगा। मार्ग पर आधुनिक जन-सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे औद्योगिक विकास, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगापुरम में अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। लगभग 5,000 करोड़ रुपये की लागत से बना यह हवाई अड्डा उत्तर आंध्र क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री राज्य में करीब 18,000 करोड़ रुपये की अन्य परियोजनाओं का भी शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे, जिसमें विशाखापत्तनम में एक सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई और कुरनूल तथा अनंतपुरम में नवीकरणीय ऊर्जा ट्रांसमिशन लाइनें शामिल हैं।
पश्चिम मध्य रेल के अंतर्गत कटनी में देश के सबसे लंबे रेल ग्रेड सेपरेटर (रेल फ्लाईओवर) का निर्माण 2026 के अंत तक परिचालन के लिए तैयार करने की दिशा में तेजी से चल रहा है। प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत 33.40 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है। नवंबर तक शेष कार्य पूरा कर वर्षांत तक पूरे ग्रेड सेपरेटर पर ट्रेनों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य है। लगभग 1800 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में 15.85 किलोमीटर लंबा अप ट्रैक पहले ही चालू हो चुका है, जिस पर प्रतिदिन 20 से अधिक मालगाड़ियां चलती हैं। 17.
इंदौर के रेडिसन स्क्वायर पर जल्द ही एक 4-लेन फ्लाईओवर का निर्माण शुरू होगा। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) की इस योजना से लाखों वाहन चालकों को ट्रैफिक जाम से स्थायी राहत मिलेगी और यात्रा का समय बचेगा। प्राधिकरण ने विस्तृत यातायात संभाव्यता अध्ययन पूरा कर लिया है। एमआर-10 मार्ग के समानांतर 596 मीटर लंबे फ्लाईओवर को अंतिम रूप दिया गया है। मेट्रो लाइन की सुरक्षा के लिए 70 मीटर का ‘बो-स्ट्रिंग स्टील ब्रिज’ बनेगा। यह चौराहा प्रतिदिन 1.78 लाख वाहनों को सेवा देता है, और IDA जल्द ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर निविदा प्रक्रिया शुरू करेगा।
इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए थाईलैंड से पहली टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के पुर्जे पहुंच गए हैं। इन पुर्जों को असेंबल करने में लगभग डेढ़ माह का समय लगेगा, जिसके बाद जमीन से लगभग 20 मीटर नीचे ट्रैक की खुदाई शुरू होगी। कुल चार टीबीएम मशीनों का उपयोग किया जाएगा, जिनमें से पहली मशीन एयरपोर्ट क्षेत्र में स्थापित की जा रही है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के जनसंपर्क अधिकारी धीरज शुक्ला ने बताया कि मशीन का कटर हेड अभी आना बाकी है, जो सुरंग बनाने का मुख्य कार्य करता है। खुदाई के बाद कंक्रीट के सेगमेंट लगाकर सुरंग को मजबूती प्रदान की जाएगी।