मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बैतूल-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग के जंगल क्षेत्र से फोरलेन सड़क निकालने के मामले में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), केंद्रीय सड़क परिवहन विभाग और राज्य सरकार के संबंधित विभागों को संयुक्त बैठक कर रास्ता निकालने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की ओर से उठाए गए वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन में बाधा और सड़क दुर्घटनाओं के खतरे संबंधी मुद्दों पर गौर किया। पूर्व में कोर्ट ने एनटीसीए की 10.
डिंडौरी के मेहंदवानी जनपद क्षेत्र में सात करोड़ दस लाख रुपये की लागत से बनी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की एक पुलिया बारिश में बह गई, जिससे आवागमन बाधित हो गया और किसानों की फसलें चौपट हो गईं। ग्रामीणों ने निर्माण में मनमानी का आरोप लगाया है, जबकि विभागीय अधिकारी इसे अतिवृष्टि का परिणाम बता रहे हैं। इस घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और ठेकेदार तथा संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंदौर के आईटी पार्क फ्लाईओवर निर्माण की धीमी गति से वैकल्पिक मार्ग बदहाल हो गया है, जिस पर आधा फीट तक गहरे गड्ढे हैं। इससे रोजाना 60-70 हजार वाहन चालक प्रभावित हो रहे हैं और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। 60 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 800 मीटर लंबे इस फ्लाईओवर का दो साल में केवल 50% काम पूरा हुआ है। गैस पाइपलाइन और वैकल्पिक मार्ग की अनदेखी प्रमुख बाधाएं हैं। अधिकारी रात में मरम्मत और नियमित समीक्षा का दावा कर रहे हैं।
भोपाल को मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए भोपाल-विदिशा मार्ग को फोरलेन बनाने की स्वीकृति दी गई है, जिस पर 1757.57 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद बैठक में कुल 47,990 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास प्रस्तावों को मंजूरी मिली। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत योजना, संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश, और रानी दुर्गावती व रानी अवंती बाई वीरता पुरस्कारों की राशि में वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं। देवास पटाखा फैक्ट्री जांच आयोग का कार्यकाल भी बढ़ाया गया है।
ग्वालियर शहर में गोयल फ्लावर सिटी, जेतल विहार और आरके गार्डन कॉलोनियों को जोड़ने वाली रामौआ चौराहा से मर्सी लेन तक की मुख्य सड़क की खराब हालत के खिलाफ सैकड़ों रहवासियों ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। पिछले कई वर्षों से गड्ढों और टूट-फूट के कारण उन्हें रोजाना जान जोखिम में डालकर एनएच-44 हाईवे से आना-जाना पड़ता है। प्रशासन से शिकायत के बावजूद समाधान न होने पर रहवासियों ने सुबह 11 बजे प्रतीकात्मक चक्का जाम किया और श्रमदान कर बड़े गड्ढों को मिट्टी व पत्थर से भरा। उन्होंने सड़क का जल्द निर्माण न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देश के पांच लाख से अधिक आबादी वाले 45 शहरों को जाम से राहत दिलाने के लिए दो लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं तैयार की हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज और अलीगढ़ भी शामिल हैं, जिनके लिए 12,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। केंद्र ने कुल 83 शहरों को जाम मुक्त बनाने के लिए चिह्नित किया है, जिनमें से 3 शहरों में राजमार्ग का काम पूरा हो चुका है और 35 अन्य शहरों में रिंग रोड या बाईपास की स्वीकृति प्रक्रिया में है। चालू वित्त वर्ष में कैबिनेट की मंजूरी के बाद इन परियोजनाओं पर काम शुरू होगा।
उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर तक पहुंचने के लिए 10वां नया मार्ग तैयार किया जा रहा है। पुराने महाकाल थाना भवन को तोड़कर प्राचीन महाकाल द्वार से सटाकर बन रहा यह मार्ग हरसिद्धपाल-चौबीसखंभा माता मंदिर मार्ग को सीधे मंदिर से जोड़ेगा। यह मार्ग सामान्य दिनों में आवागमन और भीड़भाड़ वाले अवसरों पर एक्जिट के लिए उपयोग होगा। पिछले एक दशक में मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों की संख्या 5-6 से बढ़कर 10 हो गई है। पर्यटन विभाग के सम्राट विक्रमादित्य हेरिटेज होटल को भी इससे सीधा पहुंच मिलेगी।
इंदौर बायपास पर प्रस्तावित 150 करोड़ रुपये का डबल डेकर ब्रिज प्रोजेक्ट तकनीकी अड़चनों और अत्यधिक लागत के कारण रद्द कर दिया गया है। अब इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने कनाड़िया रोड, बिचौली हप्सी और एमआर-9 जंक्शन पर एमआर-10 की तर्ज पर 6-लेन ग्रेड सेपरेटर (अंडरपास) बनाने का प्रस्ताव नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को भेजा है। आईडीए के अनुसार, यह स्थायी समाधान वर्तमान और भविष्य के यातायात दबाव को संभालने के लिए आवश्यक है, क्योंकि मौजूदा व्यवस्थाएं अगले 2-3 वर्षों में ध्वस्त हो सकती हैं।
सीहोर जिले के आष्टा विधानसभा क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत जीवापुर महोडिया के ग्रामीण सड़क न होने से परेशान हैं। आजादी के 75 साल बाद भी गांव में कोई विकास योजना नहीं पहुंची है। ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों व राजनेताओं से जल्द सड़क बनाने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सड़क नहीं बनी तो वे जावर तहसील के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे और आगामी चुनाव में वोट का बहिष्कार करेंगे। पूर्व नपा अध्यक्ष शैलेष कुमार वैद्य ने गांव का दौरा कर समस्या पर दुख व्यक्त किया और प्रशासन से ध्यान देने का आग्रह किया।
भोपाल और ग्वालियर के बीच 320 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल फोरलेन कॉरिडोर के विकास की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) ने परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए टेंडर जारी किया है। 6.23 करोड़ रुपये की लागत से 12 माह में डीपीआर तैयार होगी, जिसमें तीन संभावित अलाइनमेंट का सर्वेक्षण किया जाएगा। यह नया मार्ग वर्तमान दूरी को लगभग 100 किलोमीटर कम करेगा, जिससे यात्रा का समय बचेगा और तेज, सुरक्षित यातायात संभव होगा।