मध्य प्रदेश सरकार सीएसआइआर-एम्प्री के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर सीमेंट रहित कंक्रीट सड़कों का निर्माण करेगी। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने जियोपॉलीमर कंक्रीट तकनीक का अवलोकन किया, जो पानी बचाती है और कम मोटाई में भी उच्च मजबूती प्रदान करती है। इस तकनीक का उपयोग एम्स भोपाल में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, राज्य में नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और फोरलेन मार्गों का विकास किया जा रहा है, जिसमें जबलपुर-भोपाल-इंदौर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर डीएमआईसी से जुड़ेगा। विजन 2047 के तहत 1.05 लाख करोड़ रुपये के सड़क नेटवर्क की योजना है।
मध्य प्रदेश सरकार सीएसआईआर-एम्प्री के साथ सीमेंट-रहित कंक्रीट सड़कें बनाने के लिए एमओयू करेगी। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने एम्प्री भोपाल का दौरा कर जिओपॉलीमर कंक्रीट तकनीक को समझा, जो तराई की आवश्यकता को समाप्त कर पानी बचाती है और कम मोटाई में भी उच्च मजबूती प्रदान करती है। इस तकनीक का उपयोग एम्स भोपाल में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हो चुका है। सरकार विजन 2047 के तहत 1.05 लाख करोड़ रुपये के सड़क नेटवर्क की योजना बना रही है, जिसमें नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और फोरलेन मार्ग शामिल हैं जो प्रमुख शहरों को आर्थिक, औद्योगिक और धार्मिक केंद्रों से जोड़ेंगे।
ग्वालियर में एलीवेटेड रोड निर्माण के चलते फूलबाग से गुरुद्वारा तक का मार्ग शनिवार से फिर बंद कर दिया गया है। यह मार्ग श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए एक दिन के लिए खोला गया था। मार्ग बंद होने से वाहनों को संकरे वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ रहा है, जिससे दिनभर यातायात जाम की स्थिति बनी रही। फूलबाग चौराहे पर मोती मस्जिद के आगे मार्ग पर स्टापर लगाए गए हैं। वैकल्पिक रास्तों में मोती मस्जिद से चिड़ियाघर, जल विहार, हाथीगेट होते हुए नदीगेट तक का मार्ग अत्यधिक संकरा है, जहां लगातार जाम लग रहा है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भोपाल में 2,471 करोड़ रुपये की लागत से मिसरोद से अयोध्या बायपास जंक्शन तक 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी है। यह परियोजना तीन चरणों में पूरी होगी और इसे ‘वन टाइम इंप्रूवमेंट (OTI) स्कीम’ के तहत स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश में 4,293 करोड़ रुपये की लागत से 47 सड़कों के कायाकल्प की योजना है और केंद्र से 5 अन्य बड़े कॉरिडोर परियोजनाओं को भी शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया गया है।
उज्जैन में सोमवार सुबह शाही मस्जिद के एक हिस्से को सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाने की कार्रवाई के दौरान तनाव बढ़ गया। विरोध कर रहे लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके जवाब में आंसू गैस और लाठीचार्ज का प्रयोग करना पड़ा। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत दो सड़कों को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। उच्च न्यायालय ने मस्जिद पक्ष की याचिकाएं खारिज कर दी थीं और नगर निगम की कार्रवाई को वैध माना था। प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच रात में सहमति बनी थी, लेकिन समाज के दूसरे गुट के विरोध के कारण स्थिति बिगड़ी। इसी सड़क पर 12 अन्य धार्मिक स्थल पहले ही हटाए जा चुके हैं।
इंदौर में मास्टर प्लान के तहत मधुमिलन चौराहा से छावनी पुल तक सड़क चौड़ीकरण के लिए नगर निगम ने शुक्रवार को मथुरावाला बिल्डिंग सहित दो भवनों के बाधक हिस्से हटाए। यह कार्रवाई करीब पांच घंटे चली, जिसके लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, पर कोई विवाद नहीं हुआ। भवन स्वामी द्वारा दायर याचिका को हाईकोर्ट ने गुरुवार को निरस्त कर दिया था। मथुरावाला बिल्डिंग का चार फीट और दो फीट हिस्सा हटाया गया। सड़क की प्रस्तावित 80 फीट चौड़ाई के बजाय 60 फीट पर सहमति बनी है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बैतूल-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग के जंगल क्षेत्र से फोरलेन सड़क निकालने के मामले में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), केंद्रीय सड़क परिवहन विभाग और राज्य सरकार के संबंधित विभागों को संयुक्त बैठक कर रास्ता निकालने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की ओर से उठाए गए वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन में बाधा और सड़क दुर्घटनाओं के खतरे संबंधी मुद्दों पर गौर किया। पूर्व में कोर्ट ने एनटीसीए की 10.
डिंडौरी के मेहंदवानी जनपद क्षेत्र में सात करोड़ दस लाख रुपये की लागत से बनी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की एक पुलिया बारिश में बह गई, जिससे आवागमन बाधित हो गया और किसानों की फसलें चौपट हो गईं। ग्रामीणों ने निर्माण में मनमानी का आरोप लगाया है, जबकि विभागीय अधिकारी इसे अतिवृष्टि का परिणाम बता रहे हैं। इस घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और ठेकेदार तथा संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंदौर के आईटी पार्क फ्लाईओवर निर्माण की धीमी गति से वैकल्पिक मार्ग बदहाल हो गया है, जिस पर आधा फीट तक गहरे गड्ढे हैं। इससे रोजाना 60-70 हजार वाहन चालक प्रभावित हो रहे हैं और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। 60 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 800 मीटर लंबे इस फ्लाईओवर का दो साल में केवल 50% काम पूरा हुआ है। गैस पाइपलाइन और वैकल्पिक मार्ग की अनदेखी प्रमुख बाधाएं हैं। अधिकारी रात में मरम्मत और नियमित समीक्षा का दावा कर रहे हैं।
भोपाल को मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए भोपाल-विदिशा मार्ग को फोरलेन बनाने की स्वीकृति दी गई है, जिस पर 1757.57 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद बैठक में कुल 47,990 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास प्रस्तावों को मंजूरी मिली। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत योजना, संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश, और रानी दुर्गावती व रानी अवंती बाई वीरता पुरस्कारों की राशि में वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं। देवास पटाखा फैक्ट्री जांच आयोग का कार्यकाल भी बढ़ाया गया है।