श्योपुर में जंगल से अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया। खाड़ी वन रेंज के मोरेका गांव के पास हुई इस घटना में हमलावरों ने पथराव किया और लाठी-डंडों से वनकर्मियों को पीटा। बीट गार्ड और वनपाल चोटिल हुए, जबकि एक वाहन के शीशे टूट गए। टीम को मौके से भागना पड़ा। भू-माफिया ने करीब पांच हजार बीघा जंगल साफ कर दिया था और कटे पेड़ों को जला रहे थे। एक साल पहले भी इसी तरह का हमला हुआ था। पुलिस ने वन विभाग की रिपोर्ट पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जबलपुर के करौंदा बायपास पर शुक्रवार को मोबाइल ई-कोर्ट ने यातायात एवं अतिक्रमण व्यवस्था सुधारने के लिए कार्रवाई की। नगर निगम मजिस्ट्रेट अरुण कुमार गोयल के नेतृत्व में इस दौरान दो अव्यवस्थित खड़े माल वाहक वाहनों को जब्त किया गया और उनके चालकों पर स्पॉट फाइन लगाया गया। गंदगी फैलाने वालों और सड़क किनारे स्थित ढाबों, नाश्ता व चाय की दुकानों पर भी नियमानुसार जुर्माना वसूला गया। विभिन्न प्रकरणों में कुल आठ हजार रुपये की जुर्माना राशि वसूल की गई। नगर निगम ने बताया कि ऐसी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
इंदौर के 56 दुकान क्षेत्र में एक आठ फीट चौड़े पैदल पुल पर अतिक्रमण कर दुकानें लगा दी गई हैं, जहां कपड़े, इमिटेशन ज्वेलरी और जूते जैसे सामान बेचे जा रहे हैं। ग्राहकों की भीड़ के कारण राहगीरों को चलने में दिक्कत हो रही है। पहले सड़क पर सामान बेचने वाले दुकानदारों को नगर निगम ने हटाया था, जिसके बाद उन्होंने पैदल पुल को अस्थायी दुकान के लिए चुना। नगर निगम को इस नए प्रकार के अतिक्रमण की जानकारी नहीं थी।
भोपाल में नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। टीम 19 प्रतिष्ठानों को बंद कराने निकली थी, लेकिन 65 प्रतिष्ठानों ने स्वयं ही अपने व्यावसायिक संचालन बंद कर दिए। यह भोपाल में पहली बार इतने बड़े स्तर पर हुई कार्रवाई थी, जिसमें कारोबारियों से पंचनामा भरवाकर दोबारा व्यावसायिक उपयोग न करने का लिखित आश्वासन लिया गया। नगर निगम को सुप्रीम कोर्ट में एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करनी है, जिसके लिए डेढ़ महीने पहले से नोटिस दिए जा रहे थे। अस्पताल, मेडिकल स्टोर और बैंक को फिलहाल छूट दी गई है।
इंदौर में एसोसिएशन ऑफ म्युनिसिपैलिटीज एंड डेवलपमेंट अथॉरिटीज (एएमडीए) द्वारा आयोजित अध्ययन दौरे में दिल्ली सहित नौ राज्यों के 26 वरिष्ठ अधिकारियों ने शहर के स्वच्छता एवं शहरी प्रबंधन मॉडल को समझा। अधिकारियों ने विभिन्न नवाचार-आधारित परियोजनाओं का निरीक्षण किया। वहीं, ग्राम बिहाड़िया में अतुल अग्रवाल द्वारा बिना अनुमति के काटी जा रही अवैध कॉलोनी पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर निर्माण ध्वस्त किए। इस कॉलोनी को खसरे में अवैध दर्ज करने का प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही, शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाकर 1.5 करोड़ रुपए की जमीन कब्जामुक्त कराई गई।
जबलपुर के उखरी क्षेत्र में हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने पहुंची जेडीए और नगर निगम की टीम को रहवासियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। रहवासियों ने चक्काजाम कर यातायात बाधित कर दिया। क्षेत्रीय भाजपा विधायक डॉ. अभिलाष पांडेय ने अधिकारियों के साथ चर्चा की और कार्रवाई को टाल दिया गया। विधायक ने प्रशासन, जेडीए और केसरवानी समाज के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर बस्तीवासियों को जेडीए के खाली ईडब्ल्यूएस आवासों में पुनर्वास का आश्वासन दिया। इसके लिए 20 हजार रुपये की पंजीकरण राशि समिति देगी, शेष राशि रहवासी आसान किस्तों में चुकाएंगे।