बुलंद सोच, इंदौर।
इंदौरवासियों के लिए स्वच्छता अब केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक आदत बन चुकी है। रविवार को यह बात एक बार फिर साबित हुई। गोगानवमी के कारण शहर के आठ हजार से अधिक सफाईकर्मी सामूहिक अवकाश पर रहे।
इसके बावजूद, शहर की सफाई व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ने दिया गया। जनप्रतिनिधियों, अफसरों और रहवासियों ने स्वयं झाड़ू उठाई और शहर की सड़कों, गली-मोहल्लों व बाजारों को साफ किया।
रविवार सुबह सात बजे से शुरू हुआ यह सामूहिक सफाई अभियान दो से तीन घंटे तक जारी रहा। शहर के विभिन्न इलाकों में रहवासियों ने अपने स्तर पर सफाई की।
वार्डों में पार्षदों ने लोगों के साथ मिलकर सफाई व्यवस्था संभाली। देखते ही देखते कई इलाकों में हाथों में झाड़ू लिए लोग स्वच्छता के प्रहरी बनकर सड़कों पर उतर आए।
इंदौर में सफाई का काम रोज सुबह करीब चार बजे शुरू हो जाता है। शहर को साफ रखने में आठ हजार से अधिक सफाईकर्मी अपनी भूमिका निभाते हैं। सबसे पहले प्रमुख सड़कों की सफाई की जाती है, इसके बाद मोहल्लों और कॉलोनियों की बारी आती है।
रविवार को गोगानवमी के उपलक्ष्य में नगर निगम ने सफाईकर्मियों को अवकाश दिया था। शनिवार रात शहर की वाल्मीकि बस्तियों में देर रात तक गोगानवमी के जुलूस निकले, जिनमें सफाईकर्मियों के परिवार भी शामिल हुए थे। ऐसे में उनके सामूहिक अवकाश के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए निगम ने जनप्रतिनिधियों और रहवासियों के सहयोग से वैकल्पिक व्यवस्था की।
महापौर और निगमायुक्त ने भी संभाली कमान
महापौर पुष्यमित्र भार्गव रविवार सुबह राजवाड़ा पहुंचे। उन्होंने यहां एनजीओ कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सफाई की। इस पहल को ‘स्वच्छताग्रही अभियान’ नाम दिया गया। महापौर के साथ लोगों ने भी सफाई में सहभागिता की और स्वच्छता का संदेश दिया।
निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने भी राजवाड़ा उद्यान की सफाई की।
शहर के बाणगंगा, नंदानगर, एलआईजी, विजय नगर, सुदामा नगर सहित कई इलाकों में सुबह से ही सामूहिक सफाई अभियान चलता रहा। कहीं रहवासियों ने सड़कें साफ कीं तो कहीं पार्षदों के साथ मिलकर लोगों ने अपने गली-मोहल्लों को चमकाया।
56 दुकान पर व्यापारियों ने निभाई जिम्मेदारी
शहर की पहचान बन चुकी 56 दुकान पर भी व्यापारियों ने स्वच्छता की जिम्मेदारी खुद संभाली। दुकानें खोलने से पहले व्यापारियों ने झाड़ू लगाकर पूरे फूड स्ट्रीट परिसर को साफ किया। दुकानों में काम करने वाले कर्मचारी भी इस मुहिम में शामिल हुए।

