जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाना एक साझा सामाजिक दायित्व है, जो भविष्य में पेयजल संकट से बचने के लिए महत्वपूर्ण है। ‘पेयजल का सम्मान और संरक्षण’ अभियान 21 जुलाई से 4 अगस्त तक पूरे देश में चलाया गया, जो ‘जल संचय जनभागीदारी: कैच द रेन-2026’ से जुड़ा है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्षा जल संचयन के आह्वान पर आधारित है और इसका उद्देश्य जल संग्रह, भूजल पुनर्भरण और जल स्रोतों के संरक्षण को बढ़ावा देना है। भारत को जनसंख्या वृद्धि और जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती जल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके लिए पारंपरिक जल संरक्षण प्रणालियों और आधुनिक तकनीकों के समन्वय की आवश्यकता है।
इंदौर 30 जुलाई को ‘सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ’ अभियान के तहत 5 लाख सेग्रीगेसन सेल्फी के साथ स्वच्छता का नया विश्व रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। इस पहल में 85 वार्डों के नागरिक, सफाई मित्र, वाहन चालक, शैक्षणिक संस्थान और व्यापारी संगठन 6 प्रकार के पृथक कचरे के साथ सेल्फी लेंगे। इसका उद्देश्य इंदौर की स्रोत पर कचरा पृथक्करण प्रणाली को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करना है, जो प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन के महत्व को दर्शाता है। यह अभियान महापौर सहित वरिष्ठ अधिकारियों की अपील पर सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
मध्य प्रदेश में भारत सरकार की राहवीर योजना लागू हुए सवा साल हो गए हैं, लेकिन सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए केवल 49 राहवीर ही सामने आए हैं। इन राहवीरों ने गोल्डन आवर में घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जिसके लिए राज्य सरकार ने प्रत्येक को 25 हजार रुपये व प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया। डेढ़ साल में प्रदेश में 90,138 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 25,869 लोगों की मृत्यु हुई। पुलिस के भय और कानूनी प्रक्रियाओं में उलझने की आशंका के कारण लोग मदद करने से कतराते हैं, जिससे योजना का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है।
इंदौर नगर निगम 30 जुलाई को “सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ” अभियान के तहत जनभागीदारी का नया विश्व रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। शहर के पांच लाख लोग छह प्रकार के पृथक कचरे के साथ “सेग्रीगेसन वाली सेल्फी” लेकर इसमें शामिल होंगे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने नागरिकों से इस अभियान में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की है। इसके अतिरिक्त, इंदौर पुलिस कमिश्नरेट मंगलवार को ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के तहत ई-शपथ का आयोजन करेगा, जिसमें बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और आम नागरिक शामिल होंगे। स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत इंदौर के बाजार भी अब साफ-सुथरे होंगे।