बुलंद सोच, भोपाल।

शिवपुरी और मुरैना जिलों में शनिवार को कई जगह अति भारी वर्षा हुई है। जबकि भोपाल, रायसेन और सीहोर जैसे जिलों में लगातार वर्षा से कई जगह जलजमाव की स्थिति पैदा हुई। रायसेन में बेगमगंज से विदिशा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग नाले में बाढ़ के कारण आठ घंटे तक आवागमन के लिए बंद रहा। भोपाल के कई इलाकों में जलभराव देखा गया। भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खोल दिए गए।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून ट्रफ अभी उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के निम्न दबाव क्षेत्र से होकर गुजर रहा है। दक्षिण हरियाणा से दक्षिण असम व दक्षिण गुजरात से उत्तर बांग्लादेश तक बने ट्रफ भी बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहे हैं। इनकी वजह से अगले 24 घंटे में भी कई हिस्सों में तेज वर्षा होने की आशंका है।
मुख्यमंत्री ने की बाढ़ और अतिवृष्टि से बने हालात की समीक्षा
प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल में होमगार्ड मुख्यालय स्थित राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचकर बाढ़ और अतिवृष्टि से बने हालात की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और संकट में फंसे किसी भी व्यक्ति को अकेला नहीं छोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून सक्रिय रहने तक कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, होमगार्ड और राहत-बचाव दल सतर्क रहें और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते एक माह में आपदा प्रबंधन टीमों की मदद से 2,783 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से तैयारियां की गई हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बात की और निर्देश दिए कि जिन इलाकों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है, वहां लोगों को बिना देरी राहत शिविरों में पहुंचाया जाए।

