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सीहोर जिले में 24 घंटे में 3.96 इंच बारिश, नदी-नाले उफान पर, गांवों का संपर्क टूटा

सीहोर जिले में रविवार सुबह से सोमवार रात तक हुई मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए, 24 घंटे में 3.96 इंच बारिश दर्ज की गई। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया और घरों-दुकानों में पानी घुसने से नुकसान हुआ। श्यामपुर क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बने, जहां कुलांसी नदी उफान पर आने से एक दर्जन गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ। चरनाल गांव में बड़े नुकसान की आशंका है, जबकि सीहोर शहर में रिटर्निंग वाल ने बड़े जलभराव को रोका। प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी की घोषणा की है और लोगों से उफनती नदियों को पार न करने की अपील की है।

मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश: राजगढ़ में कार बहने से 9 की मौत, भोपाल में चार साल बाद रिकॉर्ड वर्षा

मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। राजगढ़ जिले में नाले में कार बहने से उसमें सवार 11 लोगों में से 9 के शव बरामद किए गए हैं। राजधानी भोपाल में सोमवार रात चार साल बाद रिकॉर्ड 175.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर के निचले इलाकों और प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के अनुसार, यह इस सीजन की सबसे तेज बारिश थी। प्रदेश में दो मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं, जिससे 14 अगस्त तक हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहने की संभावना है। विदिशा, सीहोर, रायसेन और गुना सहित अन्य जिलों में भी नदियां उफान पर हैं और जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

मध्य प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, SDRF और होमगार्ड ने 98 लोगों को बचाया

मध्य प्रदेश में पिछले दो दिनों से हो रही तेज बारिश के कारण कई अंचलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिससे नदी-नाले उफान पर हैं। राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (एसडीईआरएफ) और होमगार्ड की टीमों ने कुल 98 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। होमगार्ड की महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के अनुसार, 10 अगस्त को जलभराव और बाढ़ में फंसे नागरिकों की सूचना मिलने पर बचाव अभियान चलाए गए। इन अभियानों में सात गोवंश और चार पालतू पशुओं को भी बचाया गया। सीहोर के पास एक गर्भवती महिला और उसके तीन स्वजनों को भी रबर बोट से सुरक्षित निकाला गया, जबकि विदिशा, खंडवा और राजगढ़ में भी बचाव कार्य हुए।

पालघर में एक घंटे में भूकंप के दो झटके, 3.4 तीव्रता दर्ज

महाराष्ट्र के पालघर जिले में सोमवार रात एक घंटे के भीतर 3.4 तीव्रता के दो भूकंप के झटके महसूस किए गए। पहला झटका रात 10:04 बजे और दूसरा 11:00 बजे आया। जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेकानंद कदम के अनुसार, दोनों झटकों का केंद्र जव्हार तालुका में जमीन से पांच किलोमीटर नीचे था। अधिकारियों ने जान-माल के किसी नुकसान की सूचना नहीं दी है और लोगों से शांत रहने की अपील की है। पिछले महीने भी जिले में तीन बार भूकंप दर्ज किए गए थे।

मध्य प्रदेश में 15% कम वर्षा, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इस मानसून में मध्य प्रदेश में औसत से 15 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। उन्होंने सोमवार को मंत्रालय में मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर कम वर्षा से उत्पन्न स्थितियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को किसानों और नागरिकों को किसी भी परेशानी से बचाने के लिए पहले से तैयारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने रबी फसलों के लिए किसानों को प्रेरित करने, कम वर्षा में उगने वाली फसलों को प्राथमिकता देने, खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आपदा प्रबंधन व राहत कार्यों के लिए सक्रिय रहने के निर्देश दिए।

दतिया में स्कूल खुलने से एक घंटे पहले ढही बाउंड्री वॉल, बड़ा हादसा टला; कार-बाइक क्षतिग्रस्त

दतिया जिले के तलैया मोहल्ले में शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-6 की बाउंड्री वॉल सुबह 7 बजे तेज बारिश के कारण ढह गई। यह हादसा स्कूल खुलने से एक घंटे पहले हुआ, जिससे बड़ा जानमाल का नुकसान टल गया। मलबे में पास खड़ी एक कार और मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गईं, साथ ही बिजली का डीपी भी गिर गया। विद्युत विभाग ने तत्काल क्षेत्र की बिजली काटी। स्कूल प्रबंधन, शिक्षा विभाग और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं। इस घटना ने मानसून पूर्व भवनों की सुरक्षा जांच पर सवाल खड़े किए हैं, जिस पर स्थानीय अभिभावकों ने भी चिंता व्यक्त की है।

भोपाल की उड़िया बस्ती में घरों में घुसा बारिश का पानी, राशन-सामान खराब

भोपाल के छोला क्षेत्र स्थित उड़िया बस्ती में रविवार शाम से हो रही भारी बारिश के कारण सोमवार सुबह कई घरों में करीब डेढ़ से दो फीट तक पानी भर गया। इससे रहवासियों का राशन और घरेलू सामान खराब हो गया, और उन्हें सोने व खाने-पीने की भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगभग हर परिवार प्रभावित हुआ है और नगर निगम द्वारा खाना दिए जाने के बावजूद भोजन की व्यवस्था एक बड़ी चिंता बनी हुई है। क्षेत्र में नालों पर अतिक्रमण और सड़क की ऊंचाई बढ़ने को जलभराव का कारण बताया जा रहा है।

19 राज्यों के 181 जिलों में 7,500 स्थानों पर भूस्खलन का गंभीर खतरा

देश के 19 राज्यों के 181 जिलों में लगभग 7,500 भूस्खलन संभावित स्थान चिन्हित किए गए हैं, जिनमें हिमालयी क्षेत्र, पूर्वोत्तर और पश्चिमी घाट सर्वाधिक प्रभावित हैं। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, 4.3 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र भूस्खलन संभावित है। अंधाधुंध निर्माण और वनों की कटाई को प्रमुख कारण माना गया है, जिससे सड़कों और सामरिक अवसंरचना को खतरा है। संसदीय समिति ने अनियंत्रित निर्माण रोकने और भू-तकनीकी आकलन कराने की सिफारिश की है।

मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बीच शिक्षकों को ई-अटेंडेंस में राहत

मध्यप्रदेश में भारी बारिश के चलते शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और छात्रों की सुरक्षा के लिए अहम निर्देश जारी किए हैं। अब शिक्षक उफनती नदियों को पार कर स्कूल न जाकर प्राचार्य को सूचित करेंगे, जिस पर विभाग ध्यान देगा। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने जान जोखिम में डालकर स्कूल न पहुंचने के निर्देश दिए। सामान्य ई-अटेंडेंस 10:30 बजे तक है, 15 मिनट का ग्रेस पीरियड मिलेगा, पर लगातार लापरवाही पर वेतन कटौती हो सकती है। बैरसिया में आवागमन प्रभावित होने से शिक्षकों की ई-अटेंडेंस में समस्या आई, जिस पर शासकीय शिक्षक संगठन ने राहत और सुविधाओं की मांग की है।

असम बाढ़: मृतकों की संख्या 100 पहुंची

असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां मरने वालों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है। आपदा रिपोर्टिंग और सूचना प्रबंधन प्रणाली के अनुसार, मृतकों में 60 पुरुष, 23 महिलाएं और 18 बच्चे शामिल हैं। शिवसागर जिले में एक मौत के आंकड़े को संशोधित कर 49 कर दिया गया है। कछार में 22, शिवसागर में 49, करीमगंज में नौ और गोलाघाट में आठ लोगों की मौत हुई है। कृषि क्षेत्र और पशुधन को भी भारी नुकसान हुआ है, जबकि छत्तीसगढ़ ने ₹5 करोड़ की वित्तीय सहायता की घोषणा की है।