मध्य प्रदेश में पिछले दो दिनों से हो रही तेज बारिश के कारण कई अंचलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिससे नदी-नाले उफान पर हैं। राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (एसडीईआरएफ) और होमगार्ड की टीमों ने कुल 98 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। होमगार्ड की महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के अनुसार, 10 अगस्त को जलभराव और बाढ़ में फंसे नागरिकों की सूचना मिलने पर बचाव अभियान चलाए गए। इन अभियानों में सात गोवंश और चार पालतू पशुओं को भी बचाया गया। सीहोर के पास एक गर्भवती महिला और उसके तीन स्वजनों को भी रबर बोट से सुरक्षित निकाला गया, जबकि विदिशा, खंडवा और राजगढ़ में भी बचाव कार्य हुए।
मध्य प्रदेश में होमगार्ड के 5,000 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव पिछले छह माह से शासन स्तर पर लंबित है। इस प्रस्ताव में पहली बार महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत पद आरक्षित करने का प्रावधान है। होमगार्ड को ‘डाइंग कैडर’ घोषित किए जाने के कारण वर्ष 2009 के बाद से कोई भर्ती नहीं हुई, जिससे 15,000 स्वीकृत पदों के मुकाबले मौजूदा संख्या 8,500 से कम हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 दिसंबर, 2025 को 5,000 पदों पर भर्ती की घोषणा की थी, जिसकी स्वीकृति का इंतजार है।