BREAKING NEWS

Latest News

बंगाल की खाड़ी में निम्नदाब क्षेत्र बनने से मानसून होगा सक्रिय

ग्वालियर अंचल में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय मानसून प्रणाली में फिलहाल ठहराव आ गया है, जिससे आगामी चार दिनों तक कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 29 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्नदाब क्षेत्र बनने वाला है, जिससे पूर्वी और मध्य भारत में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। जिले में अब तक 595.3 मिमी औसत वर्षा हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 505.9 मिमी कम है। पिछले 24 घंटों में डबरा में 53 मिमी और ग्वालियर में 47.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

सतना में भारी बारिश: मंदाकिनी ने रौद्र रूप दिखाया, 40 गांवों में बाढ़ का अलर्ट

सतना जिले में भारी बारिश के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जिससे मंदाकिनी, सतना और सेमरावल जैसी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने रौद्र रूप दिखाया, जहां सुबह 6 बजे जलस्तर 137.15 मीटर दर्ज किया गया। प्रशासन ने आरोग्यधाम क्षेत्र में मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। सेमरावल नदी के उफान से 40 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है, जबकि टमस नदी के रामनगर जलाशय के 12 गेट खोल दिए गए हैं। कलेक्टर ने पूरे जिले में प्रशासनिक अमले को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

मध्य भारत में निम्न दबाव और उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ से मूसलाधार बारिश; 12 से अधिक राज्यों में अलर्ट

मध्य भारत में निम्न दबाव और उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण देश भर में मूसलाधार बारिश हो रही है। नदियों में उफान से बाढ़ की स्थिति बनी है और भूस्खलन के कारण 200 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक भारी बारिश का अनुमान जताते हुए 12 से अधिक राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड में आदि कैलाश मार्ग ठप पड़ा है, जम्मू-कश्मीर में एक पर्यटक की मौत हुई है, हरियाणा में एक कमांडो का शव मिला है और बिहार में प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

दमोह और टीकमगढ़ में अत्यधिक भारी वर्षा का रेड अलर्ट, 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

मध्य प्रदेश में पूर्वोत्तर पर निम्न दबाव और ट्रफ लाइनों के कारण मानसूनी हलचल तेज हुई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए दमोह और टीकमगढ़ में अत्यधिक भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही, रायसेन, गुना, ग्वालियर, सागर सहित 13 जिलों में अति भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट और 17 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। गुरुवार को नरसिंहपुर और नौगांव में सर्वाधिक 33 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि भोपाल में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। आगामी 24 घंटों में निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा।

मध्य प्रदेश में अति भारी वर्षा से जलजमाव, मुख्यमंत्री ने की स्थिति की समीक्षा

मध्य प्रदेश में अति भारी वर्षा के कारण शिवपुरी, मुरैना, भोपाल, रायसेन और सीहोर जैसे जिलों में जलजमाव की स्थिति बनी है। रायसेन में बेगमगंज-विदिशा मार्ग आठ घंटे बंद रहा, जबकि भोपाल में भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खोले गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष में बाढ़ और अतिवृष्टि से बने हालात की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और संकट में फंसे लोगों को अकेला न छोड़ने के निर्देश दिए।

ग्वालियर में झमाझम वर्षा से नदियां और बांध लबालब, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

ग्वालियर में रविवार को हुई झमाझम वर्षा से शहर और गांवों में जलभराव की स्थिति बनी। पिछले तीन दिन की वर्षा से जिले की नदियां उफान पर हैं और पही, ककेटा तथा तिघरा बांध लबालब भर गए, जिससे शहर का जल संकट हल हो गया। प्रशासन ने नदियों के किनारे बसे गांवों को बांधों से पानी छोड़े जाने की संभावना पर अलर्ट किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, निम्न दाब का क्षेत्र अब आगरा की ओर खिसक गया है, जिससे आगामी चार दिनों तक हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। वर्षा से तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम हुआ है और खरीफ व रबी फसलों को लाभ मिला है।

मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार पर ब्रेक, 37 जिलों में बारिश का कोटा अधूरा

मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिससे सितंबर माह के आधे बीतने तक प्रदेश में कुल 88 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। भोपाल और ग्वालियर समेत 18 जिलों ने अपना बारिश का कोटा पूरा कर लिया है, जबकि इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में यह लक्ष्य अधूरा रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों में भारी बारिश की संभावना नहीं है और 15 सितंबर से बारिश का सिस्टम कमजोर हो गया है। पूर्वी हिस्सों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज हुई है, वहीं पश्चिमी हिस्से सूखे रहे हैं, हालांकि पिछले सप्ताह आंकड़ों में सुधार देखा गया था।

ग्वालियर में अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस, 19 सितंबर से मानसून वापसी संभव

ग्वालियर में वर्षा का सिस्टम सक्रिय होने के बावजूद सोमवार को केवल बादल छाए रहे, जिससे अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई और यह 32.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने 19 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की संभावना जताई है। शहर में हल्की वर्षा के आसार बने हुए हैं, जबकि अगले 24 घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। वर्तमान में कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उत्तरी गुजरात पर केंद्रित है।

मध्य प्रदेश में 19 सितंबर के बाद नया मौसम तंत्र सक्रिय होने की उम्मीद, 4.3 इंच बारिश की कमी

मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पूर्व 19 सितंबर के बाद एक नया मौसम तंत्र सक्रिय होने की संभावना है। प्रदेश में अब तक 33 इंच बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 37.3 इंच है, जिससे 4.3 इंच बारिश की कमी बनी हुई है। वर्तमान में सामान्य से लगभग 6% कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह नया तंत्र मानसून का सामान्य कोटा पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मानसून सीजन समाप्त होने में लगभग 14 दिन शेष हैं, और अब तक सामान्य बारिश का 88.5% कोटा पूरा हो चुका है। जून और जुलाई में कम बारिश के कारण यह कमी बनी हुई है।

मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य से 11.3% कम, 33.1 इंच बारिश; 21 सितंबर के बाद बढ़ेगी गतिविधि

मध्य प्रदेश में मानसून विदाई की ओर है, जहां अब तक 33.1 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य कोटे से 11.3 प्रतिशत कम है। सामान्य आंकड़ा 37.3 इंच है, जिसके लिए 4.2 इंच अतिरिक्त बारिश की आवश्यकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 20 सितंबर तक बड़े बारिश सिस्टम का असर नहीं रहेगा, लेकिन 21 सितंबर के बाद चक्रवाती गतिविधियों के कारण तेज बारिश का दौर बनने का अनुमान है। प्रदेश के 32 जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि 23 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। जून की कम बारिश को कुल कमी का मुख्य कारण बताया गया है।