इंदौर में बुधवार को दिनभर बादल छाए रहे और हल्की वर्षा दर्ज की गई। रीगल क्षेत्र में 20.25 मिमी और एयरपोर्ट क्षेत्र में 18.7 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। मौसम विज्ञानियों ने अगले तीन से चार दिनों तक इंदौर शहर और संभाग में रुक-रुककर हल्की वर्षा जारी रहने का अनुमान लगाया है। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र और दक्षिण मध्य प्रदेश में सक्रिय शियर जोन इस मौसम परिवर्तन के मुख्य कारण हैं।
मध्य प्रदेश में तीन मौसम प्रणालियों के कारण अधिकांश जिलों में वर्षा जारी है। बुधवार को वर्षा में थोड़ी कमी देखी गई, हालांकि सीहोर में सर्वाधिक 43 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए श्योपुर और शिवपुरी में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। लगातार वर्षा से दिन के तापमान में गिरावट आई है। इस बीच, बुधवार को बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बन गया है, जिसका प्रभाव 15 अगस्त से राज्य में दिखेगा और तेज वर्षा का नया दौर शुरू होगा।
नीट-यूजी पेपर लीक मामले में राउज एवेन्यू फास्ट ट्रैक कोर्ट में 13 आरोपियों पर आज से दलीलें शुरू होने की संभावना है, अदालत ने सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लिया है। झारखंड भर्ती घोटाले में करीब 150 लोग ईडी की जांच के दायरे में हैं। जस्टिस यशवंत वर्मा पर संसद के शीतकालीन सत्र में महाभियोग प्रक्रिया पर विचार हो रहा है। हरिद्वार से लौटे दिव्यांग दंपती के चार बच्चों की स्कूल फीस माफ कर दी गई है। गूगल ने अपनी नई पिक्सल 11 सीरीज लॉन्च की है। दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस के आसपास बारिश के आसार हैं और चीनी मांझे की गुपचुप बिक्री भी सामने आई है।
जबलपुर और संभाग के जिलों में मानसून फिर सक्रिय हो गया है, शनिवार रात से शुरू हुई बारिश रविवार को भी जारी रही। मौसम विभाग ने 20 अगस्त तक हल्की से भारी बारिश का अनुमान जताया है। उत्तर ओडिशा पर बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ के सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है। रविवार को 7 मिमी बारिश के साथ कुल मानसून वर्षा 346 मिमी दर्ज हुई, जो पिछले साल की तुलना में काफी कम है। शहर के कई इलाकों में जलभराव और कीचड़ से आवागमन प्रभावित हुआ। पिछले दो दिनों में अधिकतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
मध्य प्रदेश में इस वर्ष मानसून की स्थिति औसत से 19 प्रतिशत कम वर्षा के साथ बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इंदौर संभाग के अधिकांश जिले, बुरहानपुर, खरगोन और देवास को छोड़कर, औसत से कम वर्षा से प्रभावित हैं। इंदौर जिले में औसत से 10 प्रतिशत और इंदौर शहर में 133.2 मिमी कम बारिश हुई है। वर्तमान में उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश पर एक कम दबाव का क्षेत्र और अन्य मौसम प्रणालियाँ सक्रिय हैं, जिससे पूर्वी मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश हो रही है।
सागर जिले में अब तक सामान्य से 63 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जहां इस सीजन में कुल 455 मिमी (17.9 इंच) वर्षा हुई है, जबकि सामान्य बारिश 1230.5 मिमी है। पिछले 24 घंटों में बीना में पौने 4 इंच और राहतगढ़ में 3 इंच बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश के ऊपर से गुजर रही ट्रफ लाइन और पश्चिम बंगाल पर बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण आगामी दिनों में तेज बारिश की संभावना है। पिछले साल 10 अगस्त तक 32.3 इंच बारिश हुई थी, जो इस वर्ष की तुलना में 44 प्रतिशत अधिक थी।
इंदौर शहर में रविवार रात से लगातार बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और मौसम में ठंडक बढ़ी है। इस वर्षा से निचले इलाकों में जलजमाव और स्कूलों में कम उपस्थिति देखी गई। कृषि विशेषज्ञों ने इसे धान और सोयाबीन जैसी फसलों के लिए लाभकारी बताया है, जिन्हें पिछले 15 दिनों से बारिश की कमी का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, इंदौर को अभी भी औसत वार्षिक वर्षा कोटा पूरा करने के लिए लगभग 22 इंच बारिश की आवश्यकता है। मध्य प्रदेश में भी अब तक औसतन 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है, और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश का अनुमान जताया है।
देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है, जिसमें पूर्वी राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के कुछ जिलों में अचानक बाढ़ और जलभराव का खतरा भी बताया गया है। स्पाइसजेट ने मुंबई में खराब मौसम के कारण उड़ानों के प्रभावित होने की सूचना दी है। समुद्री इलाकों में भी खराब मौसम का अनुमान है।
जबलपुर सहित महाकोशल अंचल में दो दिन की अच्छी बारिश से नदी, नाले और बांधों का जलस्तर बढ़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून प्रणालियों का रुख बदलने से पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का सिलसिला टूट सकता है, हालांकि हल्की बारिश जारी रहेगी। सोमवार को जबलपुर में 2.1 मिमी बारिश दर्ज हुई, अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री रहा। आगामी दिनों के लिए जबलपुर, कटनी और मंडला के तापमान का पूर्वानुमान जारी किया गया है। साथ ही, जबलपुर में महिला समूहों से 25.44 लाख रुपये की वसूली का मामला भी सामने आया है।
मंडला और डिंडौरी जिलों में भारी बारिश के कारण रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की स्नातक परीक्षाओं में कई परीक्षार्थी शामिल नहीं हो पाए। सड़क और पुल-पुलियों पर पानी भरने से आवागमन बाधित हुआ, जिससे लगभग 20 परीक्षा केंद्रों पर छात्र समय पर नहीं पहुंच सके। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रभावित केंद्रों से अनुपस्थिति और परीक्षा छूटने के कारणों की रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अमरपुर-समनापुर मार्ग बंद होने से छात्रों को सर्वाधिक परेशानी हुई।