मध्य प्रदेश में मानसून का ब्रेक टूटने के बाद अधिकांश जिलों में वर्षा दर्ज की गई, जिसमें सीधी की मझौली तहसील में सर्वाधिक 124.4 मिमी वर्षा हुई। अगले 48 घंटे तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है, जिससे तापमान में चार डिग्री तक की गिरावट आई है और किसानों में खुशी है। विभिन्न जिलों में अलग-अलग मात्रा में वर्षा रिकॉर्ड की गई, वहीं भोपाल में 39 मिमी वर्षा हुई। इसके अतिरिक्त, भोपाल में 900 परिवार मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं, जिनकी शिकायतों पर जांच कमेटी बनेगी।
मध्य प्रदेश में दो से तीन सप्ताह की सुस्ती के बाद मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ी है। पिछले 24 घंटे में भोपाल, जबलपुर सहित 30 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश हुई, राजगढ़ में सर्वाधिक 4.1 इंच वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटे तक कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है। हालांकि, प्रदेश में अब भी 17 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। राजधानी भोपाल में भी मंगलवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस से राहत मिली।
मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से वर्षा का घाटा बढ़कर 16 प्रतिशत हो गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के 39 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है, जिनमें अनूपपुर, बालाघाट, जबलपुर और सागर जैसे जिले शामिल हैं। भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार, अब तक 261.4 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्यतः 311.8 मिमी होनी चाहिए थी। मौसम विभाग ने जुलाई के अंतिम सप्ताह में मजबूत मौसम तंत्र सक्रिय होने से अच्छी बारिश की उम्मीद जताई है, जिससे वर्षा की कमी पूरी हो सकती है।