BREAKING NEWS

जबलपुर में चार लोगों से 5.65 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, जबलपुर।

शहर में ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अज्ञात ठगों ने अब विक्टोरिया जिला अस्पताल के नेत्र सहायक चिकित्सक सहित चार लोगों को निशाना बनाया है। अलग-अलग तकनीकी तरीकों से उन्हें अपने जाल में फंसाया गया।

Advertisement

अज्ञात आरोपितों ने उनके खातों से कुल पांच लाख 65 हजार 888 रुपये निकाल लिए। गोरखपुर, गढ़ा और गुप्तेश्वर थानों में चार मामले दर्ज कराए गए हैं।

नेत्र सहायक चिकित्सक के खाते से रकम निकाली

गोरखपुर थाना क्षेत्र के रामपुर शंकरशाह नगर निवासी सनी ऐडम पेरिका (47) विक्टोरिया अस्पताल में नेत्र सहायक चिकित्सक हैं। उनका एसबीआई में खाता है। 31 अगस्त को मोबाइल खराब होने पर उन्होंने उसे जयंती कॉम्प्लेक्स में सुधरवाया था।

शाम करीब 6:53 बजे मोबाइल अपडेट होना शुरू हुआ। इसी दौरान उनके खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 98 हजार 888 रुपये निकाल लिए गए।

निजी कंपनी कर्मचारी के खाते से 39 हजार गायब

रामपुर के रामनगर निवासी रविकुमार यादव (39) नर्मदा स्टील दुकान में काम करते हैं। उनका एसबीआई ग्वारीघाट शाखा में खाता है। 14 अगस्त को शाम 5:42 बजे उनके खाते से एक डेबिट हुआ। इसके कुछ देर बाद खाते से 39 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन हो गया।

उन्होंने किसी अज्ञात व्यक्ति पर छलपूर्वक रकम निकालने का आरोप लगाया है।

फर्जी एप डाउनलोड करने पर डिलीवरी बॉय ठगी का शिकार

गढ़ा निवासी सचिन कुमार नामदेव (37) एक निजी कंपनी में डिलीवरी बॉय हैं। 29 अगस्त की रात मोबाइल पर इंटरनेट मीडिया पर ‘बीजीएमआई टीवी एप’ से मुफ्त में चैनल देखने का विज्ञापन देखकर उन्होंने एप डाउनलोड कर सभी परमिशन दे दीं।

अगले दिन गूगल पे पर बैलेंस देखते समय खाते को ‘रिस्क में होने’ का अलर्ट मिला। एप डिलीट करने के बाद मोबाइल बंद हो गया।

मोबाइल चालू करने पर खाते से रकम कम मिली। एटीएम से मिनी स्टेटमेंट निकालने पर दूसरे खाते में 30 हजार रुपये ट्रांसफर होने का पता चला।

सीनियर सिटीजन कार्ड के झांसे में फंसा बुजुर्ग

साइबर ठगों ने मोबाइल रील के जरिए 82 वर्षीय बुजुर्ग को अपने जाल में फंसाकर उनके बैंक खाते से तीन लाख 97 हजार 800 रुपए उड़ा दिए। गुप्तेश्वर के शक्ति नगर निवासी सुरेश कुमार राय कुछ सप्ताह पहले इंटरनेट मीडिया पर रील देख रहे थे।

इसी दौरान उन्हें सीनियर सिटीजन कार्ड से संबंधित वीडियो दिखा। वह वीडियो में सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने और उसके फायदे दिलाने के झांसे में आ गए।

राय ने संबंधित ऑनलाइन लिंक खोलकर मांगी गई जानकारी भर दी। 29 अगस्त को उनके पास दो अलग-अलग नंबरों से फोन आया।

फोन कॉल करने वाले ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का कर्मचारी बताया और कार्ड के लिए आवेदन के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद सोशल मीडिया पर बैंक खाते की जानकारी मांगी गई।

बाद में आरोपित ने वीडियो कॉल कर एक लिंक भेजा। लिंक खोलते ही राय के मोबाइल में एक एप डाउनलोड हो गया।

आरोपित ने उनसे फोनपे खोलकर पिन डालने को कहा और इसे कार्ड लिंक करने की प्रक्रिया बताया। पिन डालते ही पहले 95 हजार रुपए खाते से कट गए।

राय ने फोन काट दिया, लेकिन इसके बाद भी एक लाख, 97 हजार, 5 हजार और 10 हजार 800 रुपए अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए दूसरे खातों में चले गए।

पुलिस की कार्रवाई

मामले में गढ़ा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खाते की डिटेल और आईपी एड्रेस के जरिए आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।