बुलंद सोच, श्योपुर।

चीता प्रोजेक्ट के बाद मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क को अब एक व्यापक वन्यजीव पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। राजस्थान के रणथंभौर नेशनल पार्क और मध्य प्रदेश में शिवपुरी स्थित माधव नेशनल पार्क के बीच स्थित कूनो नेशनल पार्क को पर्यटन कॉरिडोर की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में विकसित करने के लिए सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। पर्यटक अब चीता सफारी के साथ-साथ चंबल नदी सफारी भी कर पाएंगे। इसके लिए कूनो के बाहर मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग होटल, सफारी के लिए सुविधाजनक वाहन और अन्य संसाधन तैयार करा रहा है। अधिकारियों का ध्यान कूनो में पर्यटकों के ठहरने, सफारी और घूमने के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ-साथ प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर भी है।
चंबल सफारी का विकास
श्योपुर के मानपुर कस्बे के पास स्थित रामेश्वर धाम पर पर्यटन विभाग चंबल सफारी विकसित कर रहा है। चंबल नदी में बोटिंग शुरू करने की तैयारी इस दिशा में एक नया आकर्षण होगी। इससे पर्यटकों को जंगल सफारी के साथ नदी क्षेत्र में घड़ियाल, मगरमच्छ और दुर्लभ कछुओं जैसे जलीय जीवों को देखने का अवसर मिल सकता है। ये जीव कई जगह नदी के टापू बने स्थानों पर धूप सेकने के लिए घंटों समय बिताते हैं।
तीनों पार्कों का भ्रमण संभव
कूनो नेशनल पार्क से राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर और शिवपुरी जिले के माधव नेशनल पार्क की दूरी ज्यादा नहीं है। पर्यटक महज 180-200 किलोमीटर के करीब का सफर तय करके इन तीनों पार्कों का भ्रमण कर सकेंगे। यानी अब कूनो घूमने के लिए आने वाले पर्यटक चीता के साथ टाइगर, मगरमच्छ, घड़ियाल आदि भी देख सकेंगे।
कूनो नदी में जलीय जीव मौजूद
कूनो नेशनल पार्क के मुख्य वन संरक्षक उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि पर्यटन बढ़ाने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं। कूनो नदी में मगरमच्छ और घड़ियाल मौजूद हैं। चीता के अलावा भी यहां कई प्रजातियों के जानवर मौजूद हैं। कूनो का वातावरण बेहद खास है, जो लोगों को खूब पसंद आता है।

