बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश में पहली बार सामुदायिक सेवा के दंड को प्रभावी किया गया है। यदि किसी व्यक्ति ने अपराध किया हो, लेकिन यह उसका पहला अपराध हो और कानून सामुदायिक सेवा की सजा की अनुमति देता हो, तो अब अदालत दोषी को जेल भेजने के बजाय समाज के लिए काम करने यानी सामुदायिक सेवा की सजा दे सकती है। इसके तहत दोषी व्यक्ति को अस्पताल में सफाई करने, पौधारोपण करने या समाज के हित में इसी तरह का काम करने की सजा मिल सकती है। गृह विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
कानूनी प्रावधान और उद्देश्य
देशभर में एक जुलाई, 2024 से प्रभावी किए गए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) में इसका प्रविधान किया गया है। प्रदेश में लंबे विचार-विमर्श और हाई कोर्ट के स्तर पर परीक्षण के बाद इसे लागू किया गया है। सामुदायिक सेवा का उद्देश्य दंड के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का अहसास कराना है।
किन अपराधों में मिलेगी सजा
मानहानि, नशे की हालत में सार्वजनिक स्थान पर दुर्व्यवहार, पहली बार की चोरी जिसमें संपत्ति का मूल्य पांच हजार रुपये से कम हो, आत्महत्या का प्रयास और लोक सेवक द्वारा विधि के निर्देश की अवज्ञा जैसे अपराधों में सामुदायिक सेवा का प्रावधान किया गया है। सेवा की अवधि एक से 60 दिन या 40 से 240 घंटे तक की हो सकती है। निगरानी के लिए जिला परिवीक्षा अधिकारी या सरकार द्वारा नामित अधिकारी की भूमिका रखी गई है।
योग्यतानुसार सेवा का निर्धारण
अधिसूचना में कहा गया है कि यदि सामुदायिक सेवा की सजा पाने वाला व्यक्ति डाक्टर, इंजीनियर, लेखापाल या अधिवक्ता जैसे किसी पेशे का कुशल व्यक्ति है, तो अदालत उसके पेशेवर कौशल का इस्तेमाल ऐसा काम देने में कर सकती है जिससे जरूरतमंद या वंचित समुदाय को लाभ मिले। सामुदायिक सेवा तय करते समय अपराध की गंभीरता, अपराधी की शारीरिक क्षमता, उम्र, शैक्षणिक योग्यता, कौशल, शारीरिक स्थिति और सामाजिक-आर्थिक परिस्थिति देखी जाएगी। काम आनुपातिक, सुरक्षित और सम्मानजनक होना चाहिए और किसी अधिकारी के निजी काम के लिए नहीं कराया जा सकता।
आदेश का पालन न करने पर दंड
सेवा का आदेश नहीं मानने पर पहले चेतावनी या सेवा की अवधि बढ़ाई जा सकती है। सेवा का स्थान या काम भी बदला जा सकता है। गंभीर या लगातार अनुपालन न होने पर अदालत सामुदायिक सेवा के बचे हिस्से को आदेश में निर्धारित कारावास की सजा से बदल सकती है।
सामुदायिक सेवा के संभावित स्थान और कार्य
अस्पताल/स्वास्थ्य संस्थान में सफाई और रखरखाव जैसे सेवा कार्य। नगर निगम/नगर पालिका/पंचायत में सफाई, अनुरक्षण और सार्वजनिक स्थलों की देखभाल, सड़क किनारे खरपतवार हटाना और सफाई। सरकारी/सार्वजनिक भवन, सार्वजनिक पार्क, वृद्धाश्रम, छात्रावास, मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में सफाई और रखरखाव। पुलिस थाना परिसर में सफाई, यातायात नियंत्रण और भीड़ नियंत्रण में सहयोग। वन विभाग में पौधारोपण, पौधों में पानी देना, खरपतवार हटाना और देखभाल। चिड़ियाघर/संग्रहालय में सफाई, रखरखाव या लिपिकीय सहायता। अनाथालय, पशु आश्रय गृह में सेवा कार्य। अन्य सरकारी/सामुदायिक संस्थान में कोर्ट के आदेश अनुसार उपयुक्त सामुदायिक सेवा।
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