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2026-10-17

लाड़ली बहना योजना चुनौती याचिका: हाई कोर्ट का राज्य सरकार को नोटिस, हितग्राहियों का ब्योरा मांगा

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, ग्वालियर।

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को चुनौती देने वाली एक याचिका पर हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बुधवार को संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग, प्रमुख सचिव वित्त विभाग और मध्य प्रदेश शासन के मुख्य सचिव शामिल हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार को योजना के सभी हितग्राहियों का विवरण याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। यह विवरण इसलिए मांगा गया है ताकि उन्हें प्रकरण में पक्षकार बनाया जा सके। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने की। यह याचिका अधिवक्ता अनिल कुमार मिश्रा द्वारा याचिकाकर्ता सुधा की ओर से दायर की गई है।

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योजना की वर्तमान व्यवस्था को चुनौती

याचिका में लाड़ली बहना योजना की वर्तमान व्यवस्था, इसके तहत किए जा रहे बड़े पैमाने पर नियमित भुगतान और राज्य पर पड़ने वाले वित्तीय दायित्व को चुनौती दी गई है। याचिका में योजना के खर्च, लाभार्थियों की संख्या, भविष्य के वित्तीय दायित्व और योजना से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर हुए प्रभाव का आकलन कराने की मांग की गई है।

राज्य सरकार की आपत्ति और कोर्ट का रुख

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से प्रारंभिक आपत्ति उठाई गई थी कि योजना के सभी हितग्राहियों को प्रकरण में पक्षकार नहीं बनाया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि हितग्राहियों का पूरा विवरण राज्य सरकार के पास उपलब्ध है। इसलिए सरकार यह जानकारी याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराए, ताकि आवश्यक हितग्राहियों को पक्षकार बनाया जा सके। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि हितग्राहियों को नोटिस की तामील कराने का पूरा भार याचिकाकर्ता पर नहीं डाला जा सकता। राज्य सरकार को याचिका का हिंदी अनुवाद उपलब्ध कराकर संबंधित हितग्राहियों को नोटिस की तामील कराने की व्यवस्था करनी होगी। राज्य के अधिवक्ता ने बाद में प्रारंभिक आपत्ति वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे कोर्ट ने वापस लिया हुआ मानते हुए स्वीकार कर लिया। इसके बाद कोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए हैं। प्रक्रिया शुल्क तीन कार्यदिवस में जमा कराने और इसके बाद प्रकरण को सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए गए हैं।

मामले की वर्तमान स्थिति

इस आदेश में हाई कोर्ट ने लाड़ली बहना योजना को बंद करने, भुगतान रोकने या योजना की वैधता पर कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है। फिलहाल, मामला नोटिस और आगे की सुनवाई के चरण में है।