मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की मौत के मामले में सोमवार को सुनवाई टल गई और अगली पेशी 16 सितंबर को निर्धारित की गई है। सीबीआई ने मामले में 636 पृष्ठ का आरोपपत्र पेश किया था, जिसके आधार पर प्रथम दृष्टया अपराध पाया गया। प्रकरण को जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी के न्यायालय में भेजा गया है। सीबीआई ने पूर्व जिला जज गिरीबाला सिंह और उनके पुत्र समर्थ सिंह के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें दहेज, पैसों, गर्भ और मानसिक प्रताड़ना से संबंधित आरोप शामिल हैं। त्विषा ने 12 मई की रात आत्महत्या की थी।
भोपाल में मंगलवार को दो महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई निर्धारित है। सुप्रीम कोर्ट में रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े 62,500 प्रतिष्ठानों के मामले में नगर निगम की कार्रवाई रिपोर्ट और रहवासियों की आपत्तियों पर सुनवाई होगी। नगर निगम ने 5 अगस्त के आदेश के बाद 8084 प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए और 190 को बंद किया, लेकिन व्यापारियों के विरोध के बाद कार्रवाई रुक गई। वहीं, एनजीटी में बड़ा तालाब-कलियासोत डैम के एफटीएल क्षेत्र में पांच दिवसीय सर्वे की रिपोर्ट पेश होगी। सर्वे में एफटीएल के भीतर निर्माण और अतिक्रमण पाए गए हैं, जिन पर एनजीटी के निर्देश अपेक्षित हैं।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को चुनौती देने वाली एक याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किए हैं। कोर्ट ने प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास, प्रमुख सचिव वित्त और मुख्य सचिव से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता को योजना के सभी हितग्राहियों का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उन्हें प्रकरण में पक्षकार बनाया जा सके। याचिका में योजना की वर्तमान व्यवस्था, भुगतान और वित्तीय दायित्व को चुनौती दी गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हितग्राहियों को नोटिस तामील कराने का पूरा भार याचिकाकर्ता पर नहीं होगा।
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता व संचार विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार व प्रोफेसर डॉ. पी. शशिकला की 2014 में एसोसिएट प्रोफेसर पद पर हुई नियुक्ति को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर खंडपीठ में चुनौती दी गई है। डिवीजन बेंच ने रिट अपील स्वीकार करते हुए डॉ. पी. शशिकला सहित सात प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता ने शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की शर्तों को पूरा न करने तथा प्रोफेसर पद पर पदोन्नति के लिए आवश्यक अनुभव अवधि कम होने का तर्क दिया है। अदालत का अंतिम निर्णय अभी लंबित है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में 35 हजार से अधिक अवमानना प्रकरण लंबित हैं, जिससे लंबित मामलों के निराकरण की चुनौती जटिल हो गई है। आदेशों का पालन न होने पर पक्षकार दोबारा न्यायालय का रुख करते हैं, जिससे अतिरिक्त न्यायिक प्रक्रिया शुरू होती है। मार्च 2025 के अंत तक हाई कोर्ट में 4.71 लाख से अधिक प्रकरण लंबित थे। आदेशों के समय पर पालन न होने से न्यायालय के अतिरिक्त समय और संसाधनों की मांग बढ़ जाती है, जिससे मूल मामलों के निराकरण की गति प्रभावित होती है।
भोपाल के कमला नगर थाने में पुलिस पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार करणी सेना जिलाध्यक्ष हेमंत ठाकुर उर्फ राजपूत को हिरासत के दौरान विशेष सुविधाएँ दिए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि हवलदार दीपक कटियार ने हेमंत को पसंद का भोजन व फल दिए, अपनी निजी कार में घुमाया और सादे कपड़ों में जुलूस निकलवाया, जो निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत था। थाना प्रभारी निरूपा पांडे ने निर्देशों की अवहेलना की बात कही है। डीसीपी ने इस मामले में हवलदार दीपक कटियार को लाइन अटैच कर दिया है, जिसकी कार्यप्रणाली पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, विशेषकर रात एक बजे नोटशीट पर हस्ताक्षर किए जाने के दावे को लेकर। याचिकाकर्ता शोएब राजा खान ने 4 जुलाई, 2026 की अधिसूचना को चुनौती दी है, जिसमें 3 जुलाई को चार सदस्यों के इस्तीफे के बाद अगले ही दिन पूरे बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया गया था। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने मुख्य सचिव सहित चार अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी, जिसमें न्यायालय यह जांच करेगा कि प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के अनुरूप थी या नहीं।
त्विषा शर्मा मामले में आरोपी पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ की मंगलवार को कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई हुई, जिसमें सीबीआई ने अंतिम रिपोर्ट पेश नहीं की। कोर्ट ने अगली सुनवाई 17 अगस्त को निर्धारित की है, जब सीबीआई अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी। इसी बीच, पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत पर सुनवाई सोमवार को हाई कोर्ट में नहीं हो सकी और अब इसके 12 अगस्त को होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने मां से दुष्कर्म के आरोप में लगभग दस साल से जेल में बंद एक व्यक्ति को बरी कर दिया है। ट्रायल कोर्ट ने 18 अगस्त 2017 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने बयानों में महत्वपूर्ण विसंगतियां, प्राथमिकी दर्ज करने में देरी, और महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाने के आधार पर अभियोजन की कहानी पर संदेह व्यक्त किया। अदालत ने पाया कि अभियोजन आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा, जिसके बाद आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए सजा निरस्त कर दी गई।
राजधानी भोपाल के त्विषा शर्मा डेथ केस में आरोपित गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत अर्जी पर मप्र हाई कोर्ट में सोमवार, 10 अगस्त को सुनवाई होगी। यह मामला न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ के समक्ष सूचीबद्ध है। गिरिबाला सिंह ने ट्रायल कोर्ट द्वारा 25 जुलाई को जमानत अर्जी निरस्त किए जाने के बाद हाई कोर्ट का रुख किया था। हाई कोर्ट में यह मामला MCRC क्रमांक 37723/2026, गिरिबाला सिंह विरुद्ध मध्य प्रदेश शासन के रूप में दर्ज है। सुनवाई के दौरान आरोपित की ओर से जमानत के पक्ष में दलीलें पेश की जाएंगी, वहीं शासन इसका विरोध करेगा। एकलपीठ दोनों पक्षों की दलीलों के बाद जमानत आवेदन पर निर्णय ले सकती है।