मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, विशेषकर रात एक बजे नोटशीट पर हस्ताक्षर किए जाने के दावे को लेकर। याचिकाकर्ता शोएब राजा खान ने 4 जुलाई, 2026 की अधिसूचना को चुनौती दी है, जिसमें 3 जुलाई को चार सदस्यों के इस्तीफे के बाद अगले ही दिन पूरे बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया गया था। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने मुख्य सचिव सहित चार अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी, जिसमें न्यायालय यह जांच करेगा कि प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के अनुरूप थी या नहीं।
त्विषा शर्मा मामले में आरोपी पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ की मंगलवार को कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई हुई, जिसमें सीबीआई ने अंतिम रिपोर्ट पेश नहीं की। कोर्ट ने अगली सुनवाई 17 अगस्त को निर्धारित की है, जब सीबीआई अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी। इसी बीच, पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत पर सुनवाई सोमवार को हाई कोर्ट में नहीं हो सकी और अब इसके 12 अगस्त को होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने मां से दुष्कर्म के आरोप में लगभग दस साल से जेल में बंद एक व्यक्ति को बरी कर दिया है। ट्रायल कोर्ट ने 18 अगस्त 2017 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने बयानों में महत्वपूर्ण विसंगतियां, प्राथमिकी दर्ज करने में देरी, और महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाने के आधार पर अभियोजन की कहानी पर संदेह व्यक्त किया। अदालत ने पाया कि अभियोजन आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा, जिसके बाद आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए सजा निरस्त कर दी गई।
राजधानी भोपाल के त्विषा शर्मा डेथ केस में आरोपित गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत अर्जी पर मप्र हाई कोर्ट में सोमवार, 10 अगस्त को सुनवाई होगी। यह मामला न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ के समक्ष सूचीबद्ध है। गिरिबाला सिंह ने ट्रायल कोर्ट द्वारा 25 जुलाई को जमानत अर्जी निरस्त किए जाने के बाद हाई कोर्ट का रुख किया था। हाई कोर्ट में यह मामला MCRC क्रमांक 37723/2026, गिरिबाला सिंह विरुद्ध मध्य प्रदेश शासन के रूप में दर्ज है। सुनवाई के दौरान आरोपित की ओर से जमानत के पक्ष में दलीलें पेश की जाएंगी, वहीं शासन इसका विरोध करेगा। एकलपीठ दोनों पक्षों की दलीलों के बाद जमानत आवेदन पर निर्णय ले सकती है।
भोपाल के बहुचर्चित बाल यौन शोषण मामले में न्यायिक प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुँच गई है। विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल की अदालत में अभियोजन पक्ष ने अपने सभी साक्ष्य प्रस्तुत कर दिए हैं। अब न्यायालय ने मुख्य आरोपी प्यारे मियां उर्फ अब्दुल अय्यूब के बयान दर्ज करने के लिए सात अगस्त की तारीख तय की है। इस मामले में जुलाई 2020 में शिकायत सामने आई थी, जिसके बाद प्यारे मियां और उसके साथियों पर नाबालिगों के साथ दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, अप्राकृतिक यौनाचार, मानव तस्करी और अत्याचार के आरोप लगे थे। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र प्रस्तुत किया है, और अब आगामी सुनवाई पर सभी की नजरें हैं।
मॉडल त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के चर्चित मामले में आरोपित पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने ट्रायल कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में नियमित जमानत याचिका दायर की है। सोमवार को दायर याचिका में प्रथम अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश राम प्रताप मिश्रा द्वारा 25 जुलाई 2026 को पारित आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें जमानत आवेदन क्रमांक 2338/2026 निरस्त किया गया था। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है और 11 अगस्त को आरोप पत्र दाखिल करेगी। हाई कोर्ट दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत पर फैसला करेगा।
भिंड के लहार थाना क्षेत्र में जून माह में एक कुएं से मिली 6 वर्षीय बच्ची के शव के मामले में पुलिस जांच में खुलासा हुआ है। डायटम टेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची की मौत पानी में डूबने से नहीं हुई, बल्कि उसकी हत्या कर शव को साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से कुएं में फेंका गया था। पुलिस ने बच्ची की मां ज्योति दौहरे और उसके कथित प्रेमी रामशंकर उर्फ पलू शर्मा के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपी घटना के बाद से फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। बच्ची की पहचान उसके पिता धर्म सिंह दौहरे ने कपड़ों के आधार पर की थी।
शिवपुरी के अमोला थानांतर्गत ग्राम सिरसौद में अघोषित बिजली कटौती के विरोध में 27 जुलाई को हुए चक्काजाम के मामले में सरपंच अतर सिंह लोधी सहित 60 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शुक्रवार को इसी मामले में गिरफ्तार तीन ग्रामीणों राहुल सेन, हेमंत लोधी और सुमित साहू को करैरा तहसील न्यायालय ने जेल भेजने का आदेश दिया। इस पर सरपंच अतर सिंह लोधी नाराज होकर तहसीलदार के वाहन के नीचे लेट गए। लगभग एक घंटे के घटनाक्रम के बाद तीनों ग्रामीणों को जमानत मिल गई।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सीधी जिले में एक सरकारी माध्यमिक शिक्षक हीरालाल यादव को विधायक रीति पाठक के कार्यालय में लिपिकीय कार्य में प्रतिनियुक्त किए जाने के मामले में राज्य सरकार सहित संबंधित पक्षों से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। गोपद बनास तहसील की सरपंच शोभा यादव ने जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि शिक्षक को अध्यापन से हटाकर विधायक के कार्यालय में बाबू का काम कराया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। याचिका में यह भी कहा गया कि शिक्षा विभाग के निर्देश के बावजूद शिक्षक स्कूल नहीं लौटे हैं।
पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। बुधवार को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट की विशेष जज अनु ग्रोवर बालिगा ने इस चार्जशीट को रिकॉर्ड पर लिया और स्वीकार किया। अदालत ने सीबीआई को एनेक्सर्स दाखिल करने के लिए भी समय दिया है। सीबीआई ने बताया कि लगभग 20,000 पन्नों के एनेक्सर्स की स्कैनिंग चल रही है, जिन्हें यह प्रक्रिया पूरी होने के तीन दिनों के भीतर अदालत में जमा कर दिया जाएगा।