मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जबलपुर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने बदहाल ट्रैफिक सिग्नल, जाम और अतिक्रमण की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए माना कि सकारात्मक कदम उठाए गए हैं, लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। कोर्ट ने ट्रैफिक पुलिस को ट्रैफिक इंजीनियरिंग, ट्रैफिक एजुकेशन और ट्रैफिक एनफोर्समेंट के तीनों पहलुओं पर सक्रियता से काम करने को कहा। अगली सुनवाई 28 सितंबर 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के नवनियुक्त 30वें मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे ने गुरुवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भोपाल के लोकभवन स्थित सांदीपनि सभागार में उन्हें शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित थे, जिन्होंने राज्यपाल के साथ न्यायमूर्ति कोगजे को बधाई दी। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने राष्ट्रपति द्वारा जारी नियुक्ति अधिसूचना का वाचन किया। समारोह में विधानसभा अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्रीगण, मंत्री, महापौर, न्यायिक अधिकारी, सांसद, विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
महाराष्ट्र के मीरा रोड निवासी 81 वर्षीय असगरअली वोहरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर अपने दशकों पुराने जमीन विवाद में न्याय और सीबीआई जांच की मांग की है। वोहरा और प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल में साथ पढ़ाई की थी। वोहरा ने 8 सितंबर को पीएम मोदी से मुलाकात की, जिसके बाद उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है। उन्होंने 1989 में खरीदी गई जमीन पर 2011 में अवैध कब्जे का आरोप लगाया है, जिस पर 2015 में एफआईआर दर्ज हुई थी और मामला अदालत में लंबित है।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत के मामले में न्याय की लड़ाई तेज हो गई है। 15 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे पिता राम शिरोमणि मिश्रा को प्रशासन ने जबरन अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें अनशन तोड़ने पर मजबूर किया गया। इसके बाद सेमरिया विधायक अभय मिश्रा ने धरना शुरू किया, जिन्हें पुलिस ने धरनास्थल से उठाकर सिटी कंट्रोल रूम में नजरबंद कर दिया। विधायक ने इसे राजनीतिक नहीं, बल्कि न्याय की लड़ाई बताया, जिस पर वे अडिग हैं। आंदोलन लगातार बढ़ रहा है।
इंदौर के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता ने अपने पड़ोसी आसिफ पर मोबाइल चार्जर मांगने के बहाने जुलाई में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद आरोपी ने छात्रा को जान से मारने की धमकी दी थी, जिसके डर से उसने कई महीनों तक किसी को कुछ नहीं बताया। हाल ही में तबीयत खराब होने और लगातार उल्टी-सिरदर्द की शिकायत के बाद पीड़िता ने परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश में जुट गई है।
देवास में एक सौतेले पिता को अपनी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायालय (पॉक्सो अधिनियम) ने आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी ने वर्षों तक बालिका का यौन शोषण किया, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई। पीड़िता ने अपनी मां, ताऊ और ताई से शिकायत की थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। बालिका के गर्भवती होने पर आस संस्था की मदद से मामला पुलिस तक पहुंचा। बरोठा पुलिस ने सौतेले पिता, माता, ताऊ और ताई के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था, जिसके बाद न्यायालय ने दो वर्ष में प्रकरण का निराकरण कर दोषी को सजा सुनाई।
मध्य प्रदेश में अब छोटे अपराधों पर जेल की बजाय सामुदायिक सेवा की सजा दी जाएगी। यह दंड राज्य में पहली बार प्रभावी किया गया है, जिसके लिए गृह विभाग ने अधिसूचना जारी की है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत मानहानि, चोरी और आत्महत्या के प्रयास जैसे अपराधों में दोषी को अस्पताल की सफाई या पौधारोपण जैसे कार्य करने होंगे। सेवा की अवधि 1 से 60 दिन या 40 से 240 घंटे तक हो सकती है, जिसकी निगरानी जिला परिवीक्षा अधिकारी करेंगे।
इंदौर जिला कोर्ट ने सड़क हादसे में मृत दूध व्यवसायी उमेश जाट के स्वजन को बीमा कंपनी से 36 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दिलाने का आदेश दिया है। हादसा 3 सितंबर 2020 को हुआ था, जब उमेश जाट का वाहन उमरिया पेट्रोल पंप के पास सड़क के बीच खड़े एक आयशर वाहन से अंधेरे में टकरा गया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। कोर्ट ने ब्याज सहित यह राशि 30 दिन के भीतर जमा करने का निर्देश दिया है।
बालाघाट के किरनापुर थाना क्षेत्र में कथित पुलिस मारपीट के आरोपों से घिरी सावित्री बाई चौधरी का गर्भपात हो गया है। परिवार का आरोप है कि पुलिस द्वारा लगाए गए झूठे आरोपों और अमानवीय व्यवहार के कारण महिला शारीरिक व मानसिक रूप से टूट गई, जिससे यह घटना हुई। कैलाश चौधरी ने बताया कि शादी के छह साल बाद यह पहली गर्भावस्था थी, जिससे परिवार में खुशी थी जो अब मातम में बदल गई है। मरार समाज के प्रदेश अध्यक्ष रामकिशोर कावरे ने मुख्यमंत्री से भ्रूण हत्या का अपराध दर्ज करने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
त्विषा शर्मा मौत मामले में पीड़ित पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिसमें मामले की सुनवाई भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की गई है। पीड़ित पक्ष ने भोपाल न्यायालय में निष्पक्ष न्याय मिलने पर अविश्वास व्यक्त किया है। याचिका में कहा गया है कि आरोपित पूर्व जिला जज गिरीबाला सिंह को भोपाल न्यायालय से जमानत मिल चुकी है, और वे पूर्व में भोपाल में जिला जज के पद पर रह चुकी हैं, जिससे उनके प्रभाव के चलते निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित होने की आशंका है। पीड़ित पक्ष ने जांच को प्रभावित करने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ के प्रयासों का भी आरोप लगाया है।