बुलंद सोच, भोपाल।

प्रदेश सरकार ने मंगलवार को बाजार से 1500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। यह कर्ज राज्य में चल रहे विभिन्न विकास कार्यक्रमों और परियोजनाओं के लिए लिया गया है।
यह कर्ज दो किस्तों में लिया गया है। पहला कर्ज 18 वर्ष की अवधि के लिए 800 करोड़ रुपये का है, जिसका भुगतान जुलाई 2044 में किया जाएगा। वहीं, दूसरा कर्ज 30 वर्ष की अवधि के लिए 700 करोड़ रुपये का है, जिसे सितंबर 2056 तक चुकाना है।
कुल ऋण स्थिति
प्रदेश सरकार अप्रैल 2026 से अब तक कुल 54 हजार करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। इसमें सितंबर में लिया गया ढाई हजार करोड़ रुपये का कर्ज भी शामिल है।
इसे मिलाकर प्रदेश पर अब कुल पांच लाख 42 हजार 614 रुपये कर्ज हो गया है।
पिछले वित्तीय वर्ष 31 मार्च 2026 तक मध्य प्रदेश पर कुल कर्ज चार लाख 88 हजार 714 करोड़ रुपये था।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
उधर, प्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने सरकार से आर्थिक स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भी लिखा है।
कांग्रेस ने अपने पत्र में कहा है कि जब प्रदेश में किसानों को उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, युवा बेरोजगार हैं और स्कूलों तथा अस्पतालों में संसाधनों की कमी बनी हुई है, तो फिर यह कर्ज किस काम के लिए लिया जा रहा है।
कांग्रेस ने सरकार से श्वेतपत्र जारी करके यह बताने को कहा है कि 2026-27 में अब तक बाजार से कितना नया कर्ज लिया गया है, कितनी राशि पूंजीगत विकास पर और कितनी पुराने कर्ज तथा ब्याज चुकाने में व्यय की गई है।

